NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बुलंदशहर को मुज़फ़्फ़रनगर बनाने की साज़िश थी?
“यह घटना सुनियोजित लगती है क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गौ हत्या के नाम पर चुनावों से पहले सांप्रदायिक हालात पैदा करने के प्रयास पहले भी होते रहे हैं। 2013 में लोकसभा चुनावों से पहले हुए मुज़फ़्फ़रनगर दंगें सबको याद है।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Dec 2018
riot

बुलंदशहर से बीजेपी सांसद भोला राम ने बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी की सराहना की है। भोला राम ने कहा “हम तभी कुछ कह सकते हैं जब इस घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आयें। गौ हत्या के खिलाफ कड़े क़ानून की वकालत करना कोई गुनाह नहीं है। वह आँखें खोलने वाला और सम्मानजनक काम कर रहा था। उसने हमारा ध्यान इस घटना की ओर आकर्षित किया। बाकी मामले की अभी जांच चल रही है।’’

ये बिल्कुल उसी तरह है जैसे पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने मॉब लिंचिंग के आरोपियों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया था।

इनके अलावा बाकी बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद ने भी इस मामले में जांच की मांग की है और अपने कार्यकर्ता को निर्दोष बताया है। वहीं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और बीजेपी दोनों ही कत्ल हुए पुलिस अफसर से ज़्यादा गौ हत्या पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया है “जिन्होंने गौ हत्या की है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”

योगी आदित्यनाथ की ओर से जारी इस विज्ञप्ति में कहा गया था कि गैरकानूनी कत्लखानों पर बैन लगाया जाएगा और जो भी गौ हत्या के गुनाहगार हैं उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें वहाँ हुई युवक सुमित की मौत का तो जिक्र था लेकिन पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या का कोई ज़िक्र नहीं था। हालांकि इससे पहले कत्ल हुए पुलिस अफसर के परिवार को मुआवज़ा देने और परिवार में किसी को नौकरी देने की बात भी कही गयी थी, लेकिन मुख्यमंत्री इस शोक संतप्त परिवार से मिलने बुलंदशहर नहीं गए। हां आज गुरुवार को मुख्यमंत्री ने मृतक इंस्पेक्टर के परिवार को लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर बुलाकर बात की।

सोमवार को पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या इलाके में गौकशी की खबर के बाद हुए बवाल के दौरान हुई। दरअसल इलाके में कथित तौर पर कुछ मरी हुई गायें मिल थीं, जिनको लेकर गाँव के लोग आरोप लगाने लगे कि इनकी हत्या हुई है। इसको लेकर बुलंदशहर-गढ़मुक्तेश्वर मार्ग पर जाम लगाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। इससे पहले मामला संभलता, बताया जाता है कि कथित हिन्दुत्ववादी संगठन बजरंग दल इत्यादि के कार्यकर्ता वहां इकट्ठा हो गए और पूरे मामले के गर्मा दिया। इन लोगों ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया और वहां पथराव के बाद आग लगा दी। इसी दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को गोली मारी गयी और उनकी मौत हो गई। आपको बतादें के इस्पेक्टर सुबोध अखलाक मामले में भी जाँच इनचार्ज रह चुके हैं । उनकी मौत को इससे जोड़कर भी देखा जा रहा है । उनकी बहन के भी इसे लेकर कई सवाल उठाए हैं ।

पूरे उपद्रव में वहाँ मौजूद एक और युवक सुमित की भी मौत हो गयी है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक यह युवक हमलावर भीड़ के साथ ही था, इस तरह का एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें सुमित हाथ में ईंटें लिए दिख रहा है। हालांकि उसके घरवालों ने इस आरोप को नकारा है । उनके मुताबिक सुमित उस समय अपने एक दोस्त को छोड़ने गया था और इस पूरी हिंसा से उसका कोई संबंध नहीं।

इस हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश राज नाम का शख्स है जो बजरंग दल का नेता है। इसके साथ दो और व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है और वह भी हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़े हुए हैं।

वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने कथित गौ हत्या के आरोप में 7 लोगों को आरोपी बनाया है। इसमें से दो को गिरफ्तार भी किया गया है जिनकी उम्र सिर्फ 11 और 12 वर्ष है।

लेकिन यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नेता सांप्रदायिक हिंसा के आरोपियों के साथ खड़े हुए हो। यह भी पहली बार नहीं है जब लोकसभा के चुनावों के पहले इस तरह के बवाल हुए हों और उन्हें लेकर बड़ा दंगा भड़काने की कोशिश हुई हो और उसमें हिंदुत्ववादी सगठनों से जुड़े लोग शामिल हों।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रकाश करात ने कहा “यह घटना सुनियोजित लगती है क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गौ हत्या के नाम पर चुनावों से पहले सांप्रदायिक हालात पैदा करने के प्रयास पहले भी होते रहे हैं। 2013 में लोकसभा चुनावों से पहले हुए मुज़फ़्फ़रनगर दंगें सबको याद है।’’

अगस्त से सितंबर 2013 के बीच हुए मुज़फ्फ़रनगर दंगों में 62 लोगों की मौत हुई थी और 50000 से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए थे। ये दंगें भी एक छेड़छाड़ की घटना को सांप्रदायिक रूप देने और अफवाह के चलते हुए थे। इन दंगों को करवाने में भी बीजेपी और विश्व हिन्दू परिषद के कुछ नेताओं पर आरोप हैं। इनमें बीजेपी के विधायक संगीत सोम, उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश राणा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान, बीजेपी विधायक भारतेन्द्र सिंह, बीजेपी विधायक उमेश मलिक और विश्व हिन्दू परिषद की नेता साध्वी प्राची भी शामिल हैं। योगी सरकार हाल में इन सबके खिलाफ केस वापस लेने का प्रयास कर रहे हैं।

इन दंगों के बाद बीजेपी ने न सिर्फ इस इलाके से लोकसभा का चुनाव जीता, बल्कि इससे उन्हें उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक माहौल बनाने में मदद मिली। जिससे वह 2014 के लोक सभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से 71 पर विजयी रहे। हालांकि अब हवा बदल चुकी है और इसी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए कैराना उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले भी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गृह नगर गोरखपुर और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मोर्य अपनी सीट फूलपुर में हुए लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी को हार से नहीं बचा सके।

 

 

bulandshahr violence
bulandshahar
BJP
VHP
bajrang dal
Yogesh Raj
Subodh Kumar Singh

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?
    13 Apr 2022
    अक्सर राजनेताओं के बयान कभी महिलाओं की बॉडी शेमिंग करते नज़र आते हैं तो कभी बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को मामूली बताने या पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश। बार-बार राजनीति से महिला विरोधी बयान अब…
  • underprivileged
    भारत डोगरा
    कमज़ोर वर्गों के लिए बनाई गईं योजनाएं क्यों भारी कटौती की शिकार हो जाती हैं
    13 Apr 2022
    क्या कोविड-19 से उत्पन्न संकट ने सरकार के बजट को बुरी तरह से निचोड़ दिया है, या यह उसकी तरफ से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की सरासर उपेक्षा है? इनके कुछ आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं।
  • ramnovmi
    अजय सिंह
    मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी
    13 Apr 2022
    एक बात साफ़ हो चली है, वह यह कि भारत में मुसलमानों के क़त्लेआम या जनसंहार (जेनोसाइड) की आशंका व ख़तरा काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। इस मंडराते ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
  • srilanka
    पार्थ एस घोष
    श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी
    13 Apr 2022
    निर्ल्लज तरीके के निजीकरण और सिंहली अति-राष्ट्रवाद पर अंकुश लगाने के लिए अधिकाधिक राजकीय हस्तक्षेप पर श्रीलंका में चल रही बहस, सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी है कि ऐसी गलतियां दोबारा न दोहराई…
  • रवि कौशल
    बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है
    13 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को वे उप कुलपति से उनके कार्यालय में नहीं मिल सके। यह लोग जेएनयू में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License