NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बुनकरों की पीड़ा: भारत में हथकरघा क्षेत्र की चुनौतियां
बजट में कटौती, नीतियों के ग़ैर-कार्यान्वयन और जीएसटी के बोझ ने हथकरघा बुनकरों के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Dec 2017
hand loom industry

कृषि क्षेत्र के बाद हथकरघा क्षेत्र दूसरा सबसे बड़ा समूह है जिसमें मज़दूरों की संख्या सबसे ज़्यादा है। ये क्षेत्र क़रीब 6.5 मिलियन से अधिक परिवारों को रोज़गार देता है। यद्दपि, हाल ही में नीति-स्तर तथा आर्थिक विकास और सरकार द्वारा किए गए परिवर्तन बुनकरों की आवश्यकताओं और अस्तित्व के लिए बुनियादी ज़रूरतों के प्रति उदासीन रहे हैं।

हथकरघा क्षेत्र के मौजूदा संकटों पर चर्चा के क्रम में राष्ट्रीय चेनेथा जन समख्या ने 20 दिसंबर को दिल्ली के कंस्टिच्यूशनल क्लब में एक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया था। शिकायतों तथा प्रस्तावित हस्तक्षेपों की एक सूची संसद सदस्यों और नागरिक समाज के सदस्यों के सामने पेश की जाएगी, जिसका लक्ष्य आगामी संसदीय सत्रों में बुनकरों के मामलों को प्रस्तुत करना है।

वर्तमान में हथकरघा बुनकर जिन चीजों का सामना कर रहे उनमें सबसे बड़ा मुद्दा ये है कि उन्हें ज़़री, रेशम, कपास और अन्य प्रकार के सूत जैसे अच्छी गुणवत्ता वाले कच्चे माल प्रदान करने का वादा करने के सरकार की नीति के बावजूद उन्हें उसी की मात्रा कम कर दी गई है। इसने उत्पाद की गुणवत्ता को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है जिसे उत्पादित किया जा सकता था और साथ ही उत्पादन की मात्रा में कमी आई है जिसका वे उत्पादन कर सकते है। ये उनकी आय को प्रभावित करता है।

मंत्रालय अपना सभी वित्त पॉवर लूम क्षेत्र में लगा रहा है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि मंत्रालय बुनकरों के उत्थान में रूचि नहीं रखता, बल्कि लाभ में रूचि है जो पावर लूम क्षेत्र उत्पन्न कर सकता है। इन परिवर्तनों ने बुनकर उद्योग में नौकरी सृजन को निराश किया है। साथ ही उत्पादन के हर स्तर पर टैक्स में वृद्धि करने से आय में कमी आई है। नतीजतन पिछले कुछ सालों में आत्महत्या करने वालों की संख्या में इज़ाफा हुआ है।

राष्ट्रीय चेनेथा जन समख्या ने एक वक्तव्य में कहा कि “वाराणसी में तीन वर्षों (2014-2017) में 50 लोगों ने आत्महत्या कर ली, जबकि आंध्र प्रदेश में लगभग615 लोगों ने आत्महत्या की थी जबकि 1997-2010 के बीच की अवधि में क़रीब 1500 लोगों ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी।”

इसके अलावा, हालिया आर्थिक नीतियों के अनुसार उत्पाद के प्रत्येक स्तर पर और साथ ही अंतिम उत्पाद पर जीएसटी लगाया जा रहा है। इससे पहले व्यापारियों से बुनकर क्रेडिट के आधार पर सूत प्राप्त करते थे। लेकिन जीएसटी के कार्यान्वयन के बाद से पहले जैसे इस बाजार में क्रेडिट आधार पर काम करना असंभव हो गया है। ग़रीब बुनकर जो भुगतान करने की किसी भी स्थिति में नहीं हैं वे अपना व्यवसाय बंद करने को मजबूर हैं। मास्टर सहकारिता जो उनके उत्पादों को क्रेडिट आधार पर बेचते थे, उन्हें तुरंत भुगतान करने की आवश्यकता होती है क्योंकि हर 15 दिनों में करों को अदा करना पड़ता है। इस तरह सरकार की जीएसटी नीतियों की वजह से पूरे क्रेडिट सिस्टम में बाधा आ गई है।

इस सम्मेलन का उद्देश्य इन सभी मुद्दों समेत अन्य मामलों पर चर्चा करना है। संगठन ने कहा कि "ये गोलमेज सम्मेलन बुनकर समुदायों की आजीविका के संरक्षण में एक उपयोगी कदम होगा।"

weaving disrepair
GST
Hand loom sector
Rashtriya Chenetha Jana Samakhya

Related Stories

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

कश्मीर: कम मांग और युवा पीढ़ी में कम रूचि के चलते लकड़ी पर नक्काशी के काम में गिरावट

‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!

यूपी चुनावों को लेकर चूड़ी बनाने वालों में क्यों नहीं है उत्साह!

जीएसटी दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध में दिल्ली के कपड़ा व्यापारियों ने की हड़ताल

कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि से एमएसएमई क्षेत्र प्रभावित, विरोध में उद्यमियों ने बंद किये शटर

अक्टूबर में आये जीएसटी में उछाल को अर्थव्यवस्था में सुधार के तौर पर देखना अभी जल्दबाज़ी होगी

2021-22 की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश किये गए: आर्थिक झटके कार्यपद्धति पर प्रश्न खड़े कर रहे हैं 

तिरछी नज़र: 'नींद क्यों रात भर नहीं आती'

फ़ोटो आलेख: ढलान की ओर कश्मीर का अखरोट उद्योग


बाकी खबरें

  • Drugs worth Rs 313 crore seized from three people in Gujarat
    भाषा
    गुजरात में तीन लोगों के पास से 313 करोड़ रुपये मूल्य की मादक पदार्थ जब्त
    11 Nov 2021
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इससे पहले पुलिस ने मंगलवार को महाराष्ट्र के ठाणे के रहनेवाले सज्जाद घोसी नाम के व्यक्ति को एक गुप्त सूचना के आधार पर खम्भलिया कस्बे के एक अतिथिगृह से गिरफ्तार किया…
  • sc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    त्रिपुरा हिंसा:सुप्रीम कोर्ट वकीलों, पत्रकार के खिलाफ यूएपीए के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द करने के अनुरोध पर करेगी सुनवाई
    11 Nov 2021
    प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और हिमा कोहली की पीठ को अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सूचित किया कि तथ्य खोज समिति का हिस्सा रहे दो वकील और एक पत्रकार के खिलाफ उनकी सोशल मीडिया…
  • Varun Gandhi said on Kangana Ranaut's remarks about independence - call it madness or sedition
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    आजादी को लेकर कंगना रनौत की टिप्पणी पर बोले वरूण गांधी - इसे पागलपन कहूं या देशद्रोह
    11 Nov 2021
    कंगना रनौत की आलोचना करते हुए गांधी ने ट्वीट कर कहा, ''कभी महात्मा गांधी जी के त्याग और तपस्या का अपमान, कभी उनके हत्यारे का सम्मान, और अब शहीद मंगल पाण्डेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह,…
  •  PM's parliamentary constituency Banaras breathing poisonous air
    विजय विनीत
    स्पेशल रिपोर्टः ज़हरीली हवा में सांस ले रहे पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस के लोग
    11 Nov 2021
    दिवाली के बाद से ही पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में स्थिति दमघोंटू बनी हुई है। इस शहर की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 से नीचे उतरने का नाम नहीं ले रही है। यह स्थिति उन लोगों के…
  • maharastra
    भाषा
    महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मंत्री ने यूनियन से बात की
    11 Nov 2021
    एमएसआरटीसी के एक अधिकारी ने कहा, "आज राज्य भर में सभी 250 डिपो बंद हैं। कल, कम से कम तीन डिपो चालू थे, लेकिन आज वे भी बंद हैं।" एमएसआरटीसी के कर्मचारी, घाटे में चल रहे निगम के राज्य सरकार में विलय की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License