NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बंगाल चुनाव: 16 वामपंथी और विपक्षी पार्टी के नेता कोलकाता में मिले, कहा-ज्वाइंट मूवमेंट सफल होगा
वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बसु ने 26 नवंबर को आम हड़ताल के समर्थन में अगले तीन दिनों तक कोलकाता और पड़ोसी ज़िलों में कई रैलियों के आयोजन की घोषणा की।
संदीप चक्रवर्ती
24 Nov 2020
बंगाल चुनाव

कोलकाता: चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में 16 वामपंथी दलों और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने 22 नवंबर को कोलकाता में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रदेश मुख्यालय में 26 नवंबर को 10 सेंटर ट्रेड यूनियनों द्वारा आह्वान किए गए राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के मद्देनजर संयुक्त कार्यक्रमों की योजना के तहत बैठक की।

इस बैठक के बाद प्रेस वार्ता में वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमन बसु ने कहा कि ज्वाइंट मूवमेंट ही आगे का रास्ता है। अगले कुछ दिनों के कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि इस हड़ताल के समर्थन में अगले तीन दिनों तक कोलकाता और पड़ोसी ज़िलों में कई रैलियां आयोजित होगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कृषि श्रमिक 27 नवंबर को सड़कों पर उतरेंगे और इसी दिन 'ग्रामीण बंद' का आयोजन करेंगे। 26 नवंबर को वाम मोर्चा कार्यकर्ता किसानों और ट्रेड यूनियन श्रमिकों के साथ ट्रेड यूनियनों के नेतृत्व में रैलियों में भाग लेंगे।

बसु की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सीपीआई (एम), सीपीआई, रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, फॉरवर्ड ब्लॉक, सीपीआई (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन, बोल्शेविक पार्टी, मार्क्सवादी फॉरवर्ड ब्लॉक, रिवोल्यूशनरी सीपीआई, वर्कर्स पार्टी, कम्युनिस्ट रिवोल्यूशनरी लीग ऑफ़ इंडिया और अन्य पार्टियों जैसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, लोकतांत्रिक जनता दल, राष्ट्रीय जनता दल और पार्टी ऑफ डेमोक्रेटिक सोशियलिज्म ने भाग लिया।।

बसु ने अपने कार्यकाल के दौरान अच्छे काम के लिए वाम संचालित सिलीगुड़ी महाकुमा परिषद को भी बधाई दी और कहा कि कई अन्य संगठनों के विपरीत फंड में कोई कुप्रबंधन नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि 2021 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले जब भी घोषणा की जाती है वामपंथी दलों को कोलकाता नगर निगम चुनावों के लिए भी तैयार किया गया था।

16 पार्टी के इस गठबंधन ने 6 दिसंबर (जब बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया था) को कार्यक्रम करने के साथ-साथ 10 दिसंबर को राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस और 18 दिसंबर को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर कार्यक्रम करने का भी फैसला किया। यह पहली बार है जब ये कार्यक्रम (6 दिसंबर के अलावा) राज्य के वाम दलों द्वारा मनाया जाएगा।

बसु ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही कांग्रेस के नेता (अधीर चौधरी) के नाम का वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए कुछ टेलीविज़न की चर्चाओं इस्तेमाल किया जा रहा हो, लेकिन (गठबंधन की) पिछली दो बैठकों में इस तरह की चर्चाएं नहीं हुईं।

वाम मोर्चा के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि 1967 और 1969 में भी पार्टी ने कांग्रेस से निकल कर बनी पार्टी के साथ गठबंधन किया था लेकिन उस समय किसी नाम का अनुमान नहीं था।

‘टीएमसी का एक गुट अमित शाह के बेटे से मेल जोल बढ़ा रहा’

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की "कुटिल चाल" को बताते हुए बसु ने आरोप लगाया कि, "बीजेपी और टीएमसी के बीच गुप्त तालमेल का खेल चल रहा है। हाल ही में लाला (कोयला माफिया) और गाय तस्करी की जांच के बाद, बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष (अमित शाह) के बेटे जय शाह के साथ टीएमसी के बड़े-बड़े शख्सियत के मेलजोल की खबरें आई हैं। इसका मतलब केवल यह है कि इन दोनों दलों के बीच गुप्त तालमेल अभी भी कायम है। यही कारण है कि (पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम) ज्योति बसु कहते थे कि टीएमसी की बड़ी मूर्खता यही रही है कि वह बीजेपी को बंगाल में लाई है।”

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Bengal Elections: 16 Left and Opposition Party Leaders Meet in Kolkata, Say Joint Movements is Way Forward

West Bengal assembly elections
Left Parties in Bengal
CPIM
CPIML Liberation
TMC Vs Left Parties
BJP
TMC government
mamata banerjee
West Bengal Elections
WB Government
November 26 Strike
general strike
Workers Strike
Farmers Strike

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • ऋचा चिंतन
    डब्ल्यूएचओ द्वारा कोवैक्सिन का निलंबन भारत के टीका कार्यक्रम के लिए अवरोधक बन सकता है
    09 Apr 2022
    चूँकि डब्ल्यूएचओ के द्वारा कोवैक्सिन के निलंबन के संदर्भ में विवरण सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में यह इसकी प्रभावकारिता एवं सुरक्षा पर संदेह उत्पन्न कर सकता है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    इमरान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए पाक संसद का सत्र शुरू
    09 Apr 2022
    पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के एक ऐतिहासिक फैसले के बाद खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए नेशनल असेंबली का सत्र सुबह साढ़े 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) शुरू हुआ।
  • भाषा
    दिल्ली में एक फैक्टरी में लगी आग, नौ लोग झुलसे
    09 Apr 2022
    दिल्ली दमकल सेवा (डीएफएस) के अनुसार, आग बुझाने की कोशिश में दमकल विभाग के छह कर्मी, एक पुलिसकर्मी, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) का एक अधिकारी और एक स्थानीय व्यक्ति झुलस गया।
  • वसीम अकरम त्यागी
    महंगाई के आक्रोश को मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत बढ़ाकर ढकने की कोशिश, आख़िर किसका नुक़सान? 
    09 Apr 2022
    पेट्रोलियम और रोज़मर्रा के सामान की दर लगातार आसमान छू रही हैं और तो दूसरी तरफ़ मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत बेतहाशा बढ़ रही है।
  • रूबी सरकार
    सीधी प्रकरण: अस्वीकार्य है कला, संस्कृति और पत्रकारिता पर अमानवीयता
    09 Apr 2022
    सीधी की घटना को लेकर पत्रकार, रंगकर्मियों के अलावा मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रगतिशील लेखक संघ व अन्य प्रसिद्ध लेखक-साहित्याकारों ने गहरा प्रतिरोध दर्ज कराया है और इसे लोकतंत्र में तानाशाही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License