NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वाम का गढ़ माने जाने वाले जमूरिया क्षेत्र में त्रि-कोणीय मुकाबला, माकपा से आइशी हैं मैदान में
तृणमूल की लहर के बावजूद इस सीट पर पिछले दो चुनावों में माकपा उम्मीदवार जहांआरा खान को जीत मिली है। इस बार पार्टी ने छात्र नेता और युवा चेहरे को मैदान में उतारा है।
भाषा
23 Apr 2021
आइशी घोष

जमूरिया (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्द्धमान क्षेत्र में स्थित जमूरिया विधानसभा क्षेत्र को वाम के अंतिम कुछ गढ़ों में से एक माना जाता है और यहां इस बार के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। माकपा की ओर से जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष को मैदान में उतारा गया है वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से हरेराम सिंह तथा भाजपा से तापस रॉय मैदान में हैं। इस क्षेत्र में सोमवार यानी 26 अप्रैल को मतदान होना है।

तृणमूल की लहर के बावजूद इस सीट पर पिछले दो चुनावों में माकपा उम्मीदवार जहांआरा खान को जीत मिली है। इस बार पार्टी ने अनुभवी नेता की जगह छात्र नेता और युवा चेहरे को मैदान में उतारा है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष संशोधित नागरिकता कानून और नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में प्रमुख चेहरा रही हैं। वह इसी कोयला क्षेत्र की रहने वाली हैं।

तृणमूल ने इस क्षेत्र में कोयला खदान कर्मी और पार्टी की श्रमिक इकाई के नेता नेता हरेराम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में कोयला खनिक मतदाता हैं।

यह सीट आसनसोल लोकसभा क्षेत्र में आती है और 2019 के लोकसभा चुनावों में यहां से भाजपा को खासी बढ़त मिली थी। भाजपा को उम्मीद है कि वह तापस राय के सहारे यह सीट जीत सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कोलियरी क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल, प्रदूषण और खराब सड़कें प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं। लोगों की यह भी शिकायत है कि खासी आबादी के बावजूद इस क्षेत्र में काफी कम स्कूल हैं और सिर्फ एक ही कॉलेज है।

दामोदरपुर निवासी मुक्ता दास ने कहा, "हमें चिकित्सा जरूरतों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है या फिर दुर्गापुर या आसनसोल जाना पड़ता है।"

एक अधिकारी ने बताया कि जमूरिया में 2.22 लाख मतदाता हैं जिनमें 27 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय से हैं जबकि करीब 25 प्रतिशत अनुसूचित जाति और जनजाति के हैं।

माकपा के स्थानीय नेता मनोज दत्ता ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में कुछ स्पंज आयरन कारखानों के अलावा यहां कोई बड़ा उद्योग नहीं आया है।

वहीं तृणमूल उम्मीदवार सिंह का मानना है कि क्षेत्र के लोगों को ममता बनर्जी नीत सरकार की विभिन्न योजनाओं से फायदा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय माकपा प्रतिनिधि ने क्षेत्र के विकास पर ध्यान नहीं दिया।

भाजपा उम्मीदवार रॉय ने दावा किया कि उन्हें लोगों से खासा समर्थन मिल रहा है और लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर भरोसा है। इसका लाभ उनकी पार्टी को इस विधानसभा चुनाव में मिलेगा।

Bengal Elections
Jamuria
Aishe Ghosh
Left Front
TMC
BJP
Coal belt
CPIM

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    दवाओं की महंगाई महंगे तेल की नहीं बल्कि बेकार सरकारी नीतियों का परिणाम है
    31 Mar 2022
    क्या दवाओं की क़ीमतें भी कच्चे तेल की क़ीमतों में इज़ाफ़े की वजह से बढ़ी हैं?
  • सुहा रफी
    आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022 के रहस्य को समझिये
    31 Mar 2022
    आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम पर सूचीबद्ध है, लेकिन गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने सोमवार को इसे लोकसभा में पेश किया है।
  • भाषा
    महाराष्ट्र: फडणवीस के खिलाफ याचिकाएं दाखिल करने वाले वकील के आवास पर ईडी का छापा
    31 Mar 2022
    उके ने भाजपा नेताओं खासतौर पर फडणवीस के खिलाफ अदालतों में कई याचिकाएं दायर की हैं। उन्होंने अपनी एक अर्जी में फडणवीस के खिलाफ चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों का खुलासा नहीं करने के लिए,आपराधिक…
  • विजय विनीत
    यूपी बोर्डः पेपर लीक मामले में योगी सरकार के निशाने पर चौथा खंभा, अफ़सरों ने पत्रकारों के सिर पर फोड़ा ठीकरा
    31 Mar 2022
    "उत्तर प्रदेश में बार-बार पेपर लीक होने से ऐसा लगता है कि नकल माफ़िया सरकार की पकड़ और सख्ती से बाहर हैं। किन्तु इस प्रकार की गंभीर घटनाओं से प्रदेश की पूरे देश में होने वाली बदनामी के लिए असली…
  • लाल बहादुर सिंह
    नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें
    31 Mar 2022
    आज जब देश के छात्र-युवा जबरदस्त मानसिक दबाव और भविष्य की असुरक्षा का सामना कर रहे हैं तब चंद्रशेखर का जीवन और संघर्ष उनके लिए आशावाद और शक्ति का स्रोत हो सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License