NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भाजपा ने डर के कारण संकट पैदा किया : अखिलेश यादव
इलाहाबाद विश्वविद्यालय जाने से रोके जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा ने इस भय के कारण जानबूझकर संकट पैदा किया कि वह राज्य व केंद्र सरकार का और अधिक पर्दाफाश करेंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Feb 2019
akhilesh yadav
फोटो : अखिलेश यादव के ट्वीट से साभार

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को उन्हें प्रयागराज जाने से रोकने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा और उन पर 'विधानसभा व सड़कों पर प्रयोग की जाने वाली भाषा के लिए' हमला बोला। अखिलेश, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ के एक समारोह में शिरकत करने वाले थे।

एक चार्टेड विमान में सवार होने से विफल रहने के बाद विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया से मुखातिब हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस भय के कारण जानबूझकर संकट पैदा किया कि वह राज्य व केंद्र सरकार का और अधिक पर्दाफाश करेंगे।

उन्होंने कहा, "मैंने पिछले साल दिसंबर में अपने कार्यक्रम के बारे में विश्वविद्यालय को सूचित कर दिया था। दो फरवरी को जिला प्रशासन को एक पत्र भेज दिया गया था क्योंकि मैं कुंभ के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं चाहता था। लेकिन, मुझे उन समस्याओं के बारे में जानकारी नहीं दी गई जिनका अब सरकार हवाला दे रही है।"

उन्होंने सरकार पर उनके घर की निगरानी करने, प्रयागराज में समारोह स्थल के समीप धमाके करने और छात्र संघ अध्यक्ष के कार्यालय को जलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

अखिलेश ने कहा, "जब कानून व्यवस्था में बाधा पैदा करने की आशंका विफल रही तो उन्होंने मुझे प्रयागराज जाने वाले विमान में चढ़ने से रोक दिया।"
 

बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया। पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे। छात्र संघ कार्यक्रम में जाने से रोकना का एक मात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है। pic.twitter.com/151IwzPl1t

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 12, 2019

मुख्यमंत्री के सपा को 'बदमाशों की पार्टी' के आरोप को दरकिनार करते हुए यादव ने कहा कि 'मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि मेरे ऊपर कभी किसी भी अपराध में कोई मामला क्या दर्ज हुआ है या निर्वाचन आयोग की किताब में मेरा कोई बुरा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है?'

अखिलेश ने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ देश के पहले व्यक्ति होंगे, जिसने अपने खिलाफ कई आपराधिक मामलों में खुद को बरी किया होगा।

इस बीच, समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा में इस घटना को लेकर जमकर हंगामा किया। बाद में उन्होंने राजभवन की ओर मार्च भी निकाला।

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी अखिलेश यादव को रोके जाने की निंदा की है। अपने ट्वीट संदेश में उन्होंने लिखा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इलाहाबाद नहीं जाने देने कि लिये उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निन्दनीय व बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या की प्रतीक है।

 

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव को आज इलाहाबाद नहीं जाने देने कि लिये उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निन्दनीय व बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या की प्रतीक।

— Mayawati (@Mayawati) February 12, 2019

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

AKHILESH YADAV
Yogi Adityanath
Uttar pradesh
Allahabad University
PRYAGRAJ KUMBH 2019

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान


बाकी खबरें

  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड:  रेलवे ठेकदार द्वारा खोदे गड्ढे में डूबकर गांव की 7 बच्चियों की मौत
    24 Sep 2021
    गुस्साए ग्रामीणों का आरोप है कि यहां से गुज़रनेवाली रेलवे लाइन में मिट्टी भराई के लिए रेलवे ठेकेदार ने गांव से सटी ज़मींन में ही खनन मानक के नियमों का उल्लंघन कर गड्ढे खुदवा दिए थे। इन्हीं में से एक…
  • Sensex
    न्यूज़क्लिक टीम
    सेंसेक्स ऊपर मतलब अमीरों के अच्छे दिन
    24 Sep 2021
    सेंसेक्स में पिछ्ले तीन सालों में 65% उछाल आया है, जबकि हमारी जीडीपी का हाल खस्ता है। इसका कारण है की देश की बड़ी कंपनियों का मुनाफ़ा तेज़ी से बढ़ा है, लेकिन कामगारों का वेतन और मजदूरी तीन साल में घट…
  • supreme court on caste census
    अजय कुमार
    जातिवार जनगणना न कराने से जुड़े सरकार के तर्क बेहद बचकाना!
    24 Sep 2021
    सरकार सुप्रीम कोर्ट से कह रही है कि प्रशासनिक जटिलताओं की वजह से जातिवार जनगणना कराना मुमकिन नहीं। क्या इस तर्क में दम है?
  • scheme workers
    मुकुंद झा
    स्थायी नौकरी और वेतन की मांग को लेकर देशभर में स्कीम वर्कर्स की हड़ताल और प्रदर्शन
    24 Sep 2021
    ये प्रदर्शन अखिल भारतीय संयुक्त समिति के आह्वान पर किए गए। एक दिवसीय हड़ताल के तहत पूरे देश में जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों व कार्यस्थलों पर आंगनवाड़ी, मिड डे मील और आशा कर्मचारियों द्वारा जोरदार…
  • kisan
    बादल सरोज
    हुक्काम बनाम अवाम : 17 सितंबर बनाम 27 सितंबर
    24 Sep 2021
    ख़ैरियत की बात यह है कि भारत दैट इज़ इंडिया नाम के सॉवरिन सेक्युलर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक में एक पब्लिक है अभी और वो सब जानती है। यही पब्लिक 17 सितंबर के इस झूठे, कल्पित और आभासीय रिकॉर्ड के खिलाफ 27…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License