NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भाकपा माले नेता दिवाकर की बेशर्त रिहाई की मांग, बेगूसराय में प्रदर्शन
भाकपा माले ने दिवाकर प्रसाद पर लगाए गए आरोपों को झूठा और हास्यापद बताते हुए कहा कि भूमि आंदोलन को लेकर कॉमरेड दिवाकर शासकों की नजर में खटक रहे थे।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
06 Oct 2018
भाकपा माले नेता दिवाकर की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन।

बिहार में बेगूसराय भाकपा माले जिला सचिव दिवाकर प्रसाद को 5 अक्टूबर की शाम करीब साढ़े 4 बजे कोर्ट में पेशी के बाद आर्म्स एक्ट के केस में जेल भेज दिया गया। इससे पहले उन्हें 4 अक्टूबर को आधी रात के बाद उनके घर से गिरफ्तार किया गया था।

भाकपा माले ने दिवाकर प्रसाद पर लगाए गए आरोपों को झूठा और हास्यापद बताते हुए कहा कि भूमि आंदोलन को लेकर कॉमरेड दिवाकर शासकों की नजर में खटक रहे थे। पार्टी की ओर से इस मामले में दिवाकर की बेशर्त रिहाई की मांग करते हुए मंगलवार, 9 अक्टूबर को बलिया एसडीओ का घेराव करते हुए संघर्ष को आगे बढ़ाने का ऐलान किया गया है।

पार्टी का कहना है कि दिवाकर प्रसाद के ऊपर दर्ज सारे मामलों की जांच कर उन्हें आरोप मुक्त किया जाए और उनसे बुरा सुलूक करने वाले बलिया डीएसपी को बर्खास्त किया जाए। बेगूसराय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले में प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया।

43263146_306133790186685_6430984489421242368_n_1.jpg

आपको बता दें कि 4 अक्टूबर को आधी रात के बाद भाकपा-माले के बेगूसराय जिला सचिव व पार्टी की बिहार राज्य कमेटी के सदस्य दिवाकर प्रसाद को गिरफ्तार किया गया था।

पार्टी के राज्य सचिव कुणाल का कहना है कि नीतीश-मोदी राज में आंदोलनकारी नेताओं को विभिन्न प्रकार से दबाया जा रहा है जो घोर लोकतंत्र विरोधी कदम है। उन्होंने कहा कि मध्य रात्रि में दिवाकर प्रसाद को बेगूसराय पुलिस ने उठा लिया और लंबे समय तक यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें कहां रखा गया है। काफी खोजबीन के बाद ही उनका पता चल सका। माले जिला सचिव पर हाल फिलहाल के दिनों में गरीबों के आंदोलन के क्रम में प्रशासन ने मुकदमे कर रखे हैं। उन्हीं मुकदमों का हवाला देते हुए उनकी गिरफ्तारी की गई। उनसे मिलने गए नेताओं ने बताया है कि उनके चेहरे व शरीर पर जगह-जगह मारपीट के भी निशान हैं। यह सरासर अन्याय है।

पार्टी के मुताबिक सत्ता और सामंतों ने जो चुनौती माले के सामने खड़ी की है सम्पूर्ण माले कतार उसे स्वीकार करती है। भूमि आंदोलन भी तेज होगा, हमारा साथी भी छूटेगा।

बताया जाता है कि दिवाकर प्रसाद के नेतृत्व में हाल के दिनों में बेगूसराय में गरीबों के कई जुझारू आंदोलन हुए थे। डंडारी प्रखंड के बांक में गरीबों ने सिलिंग की जमीन पर झंडा भी गाड़ा था जो सामंती ताकतों को नागवार गुजर रहा था। आरोप है कि उसी क्रम में उनपर कई फर्जी मुकदमे लादकर कुछ दिन पहले से ही उन्हें जेल भेजे जाने की साजिश रची जा रही थी।

भाकपा-माले ने कहा है कि गरीबों के प्रति बिहार सरकार का यह कैसा रूख है? सरकार गरीबों को वास-चास के लिए जमीन देने का वादा करती है लेकिन जब गरीब निराश होकर सिलिंग अथवा गैरमजरूआ जमीन पर रहने के लिए अपनी झोपड़ी बनाते हैं तो प्रशासन उलटे आंदोलनकारियों का ही दमन करता है। पार्टी के मुताबिक नीतीश सरकार पूरी तरह दलित-गरीब विरोधी कार्रवाई कर रही है।

माले जिला सचिव की अविलंब रिहाई के सवाल पर बेगूसराय में डीएम के समक्ष माले कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में इस बात को लेकर भी गुस्सा था कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन गरीबों की आवाज सुनना पसंद नहीं करते और जमींदार व थैलीशाह व्यापारियों के पक्ष में माले जिला सचिव को आपराधिक तरीके से घर से घसीटते व पीटते हुए बलिया डीएसपी द्वारा गिरफ्तार किया जाता है। प्रदर्शनकारियों के इसके लिए बलिया डीएसपी को भी बर्खास्त करने की मांग की है। इस मौके पर बेगूसराय इकाई की ओर से जन गिरफ्तारी की भी चेतावनी दी गई।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि फासीवादी हमले के दौर में जब संपूर्ण वाम-लोकतांत्रिक शक्तियों के सामने चुनौतियां कई गुना बढ़ गई हैं तो जरूर ही बिहार और खासतौर पर बेगूसराय में कामरेड दिवाकर की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रतिरोध का एक मॉडल पेश किया जाना चाहिए, सत्ता को पीछे धकेला जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बेगूसराय से केवल चुनावी मोर्चे पर भाजपा को शिकस्त देने का शोर सुनाई नहीं पड़ना चाहिए, बल्कि प्रेरणादायी और जुझारू प्रतिरोध भी सामने आना चाहिए।

सांस्कृतिक संगठन जन संस्कृति मंच ने भी इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। बेगूसराय में जसम के सचिव दीपक सिन्हा के मुताबिक बेगूसराय में आये दिन हत्याएं हो रही हैं लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है। उनके मुताबिक माले के जनप्रिय नेता की आधी रात को गिरफ्तारी यह बताती है कि बेगूसराय पुलिस कानून सम्मत काम नहीं कर रही है। दिवाकर अपराधियों और सामंती ताकतों के खिलाफ और बांक और साहेबपुर कमाल के दियारा एरिया के दलितों तथा गरीब-गुरबों, मध्यवर्गीय किसानों के हक-हकूक की लङाई रह रहे थे इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया। जसम ने दिवाकर की तत्काल और सुरक्षित रिहाई की मांग की है।

CPI(ML)
Bihar
Diwakar Prasad
Begusarai
Nitish Kumar

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 861 नए मामले, 6 मरीज़ों की मौत
    11 Apr 2022
    देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 11 हज़ार 58 हो गयी है।
  • nehru
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या हर प्रधानमंत्री एक संग्रहालय का हक़दार होता है?
    10 Apr 2022
    14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेहरू स्मृति संग्रहालय और पुस्तकालय की जगह बने प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन करेंगेI यह कोई चौकाने वाली घटना नहीं क्योंकि मौजूदा सत्ता पक्ष का जवाहरलाल…
  • NEP
    नई शिक्षा नीति का ख़ामियाज़ा पीढ़ियाँ भुगतेंगी - अंबर हबीब
    10 Apr 2022
    यूजीसी का चार साल का स्नातक कार्यक्रम का ड्राफ़्ट विवादों में है. विश्वविद्यालयों के अध्यापक आरोप लगा रहे है कि ड्राफ़्ट में कोई निरंतरता नहीं है और नीति की ज़्यादातर सामग्री विदेशी विश्वविद्यालयों…
  • imran khan
    भाषा
    पाकिस्तान में नए प्रधानमंत्री का चयन सोमवार को होगा
    10 Apr 2022
    पीएमएल-एन के शहबाज शरीफ, पीटीआई के कुरैशी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नामांकन पत्र जमा किया। नए प्रधानमंत्री का चुनाव करने के लिए सोमवार दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
  • Yogi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा में नंबर दो की लड़ाई से लेकर दिल्ली के सरकारी बंगलों की राजनीति
    10 Apr 2022
    हर हफ़्ते की प्रमुख ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License