NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
भारत में बैंक धोखाधड़ी की जांच प्रमुख निजी बैंकों तक फैली गयी है
आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक सहित कई बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय द्वारा जाँच के लिए बुलाया गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Mar 2018
Axis Bank
महेश कुमार

भारत में बैंक धोखाधड़ी की जांच अब देश के प्रमुख निजी बैंकों जैसे आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक सहित कई बैंकों के लिए जांच के दायरे को बढ़ा दिया गया है।

आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिखा शर्मा सहित दो बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को मंगलवार को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने जांच के लिए बुलाया था। उन्हें या तो व्यक्तिगत रूप में उपस्थित होने या उन्हें उनका प्रतिनिधि भेजने के लिए कहा गया।

एसएफआईओ के समन में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी द्वारा प्रचालित कंपनियों को इन बैंकों के द्वारा एक्सपोजर दिए जाने की जांच के संबंध में बुलाया गया है जो कथित रूप से 12,600 करोड़ रुपए पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में शामिल हैं।

एक्सिस बैंक के उप प्रबंध निदेशक वी श्रीनिवासन और बैंक के व्यापार और लेनदेन विभाग के अन्य अधिकारियों ने मंगलवार को मुंबई में एसएफआईओ के कार्यालय में हजारी लगाई। आईसीआईसीआई बैंक के एक कार्यकारी निदेशक भी एसएफआईओ कार्यालय में गए जहां उन्होंने चोक्सी की फर्म गीतांजली रत्न के बैंक के जोखिम पर सवालों का जवाब दिया। पीएनबी के एमडी और सीईओ सुनील मेहता भी एसएफआईओ के समक्ष ब्यान दर्ज करने के लिए पेश हुए।

आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक पीएनबी के अलावा उन बैंकों में से शामिल हैं, जिन्होंने मोदी और चॉक्सी की कंपनियों को क़र्ज़ प्रदान किया है।

आईसीआईसीआई बैंक 31 बैंकों के कंसोर्टियम में प्रमुख बैंकर हैं, जिन्होंने चोकसी की कंपनियों को कार्यशील पूंजी सुविधा प्रदान की थी। कंसोर्टियम की रिपोर्ट में मेहुल चौकसी के स्वामित्व वाली गीतांजली रत्न को 6,800 करोड़ रूपए, और निरव मोदी ग्रुप कंपनियों को 2,000 करोड़ रुपयेदेने का एक्सपोजर में शामिल है।

कंसोर्टियम में 30 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और नौ निजी और बहुराष्ट्रीय बैंक शामिल हैं। आईसीआईसीआई बैंक कंसोर्टियम का नेता है, जबकि एक्सिस बैंक ने धोखेबाज ल्यूओ के माध्यम से पीएनबी के लिए सबसे बड़ा एक्सपोजर किया था, यह कहबर द टाइम्स ऑफ इंडिया ने बतायी। आईसीआईसीआई बैंक ने पुष्टि की कि यह मेहुल चॉक्सी को कामकाजी पूंजी देने वाला बैंक है।

एसएफआईओ एक ऐसा संस्था/संगठन है जो सफेद कॉलर अपराधियों और उनके द्वारा की गयी धोखाधड़ी का पता लगाने और मुकदमा चलाने के लिए कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत काम करता है।

एजेंसी ने आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के अलावा बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी जांच के लिए बुलाया है जो 31-बैंक कंसोर्टियम का हिस्सा हैं।

जैसा कि व्यापक रूप से बताया गया है, मुंबई में पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा के अधिकारियों ने कथित रूप से मोदी और चोकसी की कंपनियों के पक्ष में 12,600 करोड़ रुपए के लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और क्रेडिट के विदेशी पत्र, एक अनियमित तरीके से इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक की हांगकांग की शाखाओं के जरिए जारी किये हैं। इन एल.ओ.यु. के अनुसार, पीएनबी ने भारतीय बैंकों जैसे इलाहाबाद बैंक, एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे विदेशी बैंकों को आश्वासन दिया है कि वह मोदी और चोकसी की फर्मों को बाद के बैंकों द्वारा दिए गए ऋण की गारंटी देगा।

इस बीच जांच के एक हिस्से के रूप में मंगलवार को कंपनी के गीतांजलि समूह के उपध्याक्ष विपुल छातिलिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हिरासत में ले लिया।

अतीत में एक्सिस बैंक अपनी पुस्तकों में बुरे ऋण (गैर निष्पादित परिसंपत्तियों या एनपीए) की मात्रा के बारे में कई बार झूठ बोलकर पकड़ा गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक के लेखापरीक्षा में यह पाया गया कि ऐक्सिस बैंक ने अपने सकल एनपीए के तहत रिपोर्ट दी थी। बैंक की एनपीए बढ़कर जुलाई-सितंबर के तिमाही में 2017-18 में 27,402 करोड़ रुपये हो गयी, दो साल पहले की तुलना में 4,451 करोड़ रुपये की भारी वृद्धि।

आईसीआईसीआई बैंक ने अपने एनपीए की 19.5% की कम की सूचना दी, और इसमें सकल एनपीए का मूल्य सितंबर 2017 के अंत में 44,488.54 करोड़ रुपये हो गया था। यह 36.7 फीसदी अधिक था जोकि 32,547.50 करोड़ रूपए का सकल बुरा ऋण बैठता था जिसे बैंक ने एक साल पहले पाया था। 2008 में, आईसीआईसीआई बैंक अल्पकालिक अवधि के लिए बैंक चलाने का शिकार रहा था, उन अफवाहों के कारण जिनमें उप-प्राइम लोन संकट से उत्पन्न विषाक्त संपत्ति के संपर्क के कारण इसकी बैलेंस शीट गंभीर रूप से हानिग्रस्त हो गयी थी।

जांच के विस्तार के साथ, पर्यवेक्षकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भारतीय कंपनियों द्वारा धोखाधड़ी के और भी अधिक मामले सामने आएंगे।

Axis Bank
PNB Scam
Private Banks
Bank Fraud

Related Stories

गुजरात : एबीजी शिपयार्ड ने 28 बैंकों को लगाया 22,842 करोड़ का चूना, एसबीआई बोला - शिकायत में नहीं की देरी

दिलीप छाबड़िया ने कारों की डिज़ाइनिंग से करोड़ों रुपये कमाए, फ़िर क्यों उन्होंने बैंकों से धोखाधड़ी के लिए नए डिज़ाइन ईज़ाद किए?

पंजाब एण्ड सिंध बैंक ने दो खातों में 112 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जानकारी दी

भारतीय बैंक वित्तीय स्तर पर लाचार क्यों हो रहे हैं?

‘चौकीदार’ की नाक के नीचे ‘लुट’ गए बैंक, फर्जीवाड़े से 41,168 करोड़ का नुकसान

ईडी ने चोकसी की हांगकांग कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया

माल्या प्रकरण : वित्तमंत्री अरुण जेटली को तत्काल इस्तीफा क्यों देना चाहिए!

बैंक सार्वजनिक ही होने चाहिए


बाकी खबरें

  • बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    02 Feb 2022
    राजधानी पटना में गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम से भागी एक युवती ने इस रिमांड होम की अधीक्षिका वंदना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां खूबसबरत लड़कियां मैम को प्यारी होती हैं। उसने कहा कि…
  • uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड चुनाव: थपलियालखेड़ा सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित
    02 Feb 2022
    उत्तराखंड राज्य बने लगभग 22 साल हो गए हैं, पर आज भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा और पहाड़ी इलाकों में जरुरी सुविधा से लोग वंचित हैं। गांव के लोगों को ज़रूरी सुविधाओं के लिए नेपाल पर निर्भर होना पड़ता है।
  • ASEEM
    अनिल सिन्हा
    यूपी के चुनाव मैदान में आईपीएस अफसरः क्या नौकरशही के इस राजनीतिकरण को रोकना नहीं चाहिए?
    02 Feb 2022
    ईडी के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह और कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को टिकट देकर भाजपा ने निश्चित तौर पर नौकरशाही की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
  • सोनिया यादव
    जेंडर बजट में कटौती, मोदी सरकार के ‘अमृतकाल’ में महिलाओं की नहीं कोई जगह
    02 Feb 2022
    महामारी के बाद की स्थिति में भी महिलाओं की जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार कोई खास पहल करती दिखाई नहीं दे रही। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जेंडर बजट का हिस्सा कुल बजट का केवल 4.4 प्रतिशत था, जो…
  • Myanmar
    चेतन राणा
    तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग
    02 Feb 2022
    आसियान, भारत और चीन ने म्यांमार में सैन्य तख्तापलट की न केवल निंदा की है, बल्कि अलग-अलग स्तर पर सैन्य सत्ता को वैधता भी प्रदान की है। इनकी प्रेस विज्ञप्तियों में वहां लोकतंत्र के प्रति सामान्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License