NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पाकिस्तान
भारत-पाकिस्तान संबंधों पर छाए युद्ध के बादल
न्यूज़क्लिक भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु ख़तरे के इस घातक खेल में संयम का आह्वान करने वाले सभी अन्य लोगों के साथ शामिल है।
प्रबीर पुरकायस्थ
27 Feb 2019
Translated by महेश कुमार
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy: Indian Express

बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) कैंप पर नियंत्रण रेखा (LoC) पार करते हुए भारतीय वायु सेना ने  हमला कर दिया। विदेश मंत्रालय (MEA) की मीडिया ब्रीफिंग के अनुसार, “विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि जैश ए मुहम्मद देश के विभिन्न हिस्सों में एक और आत्मघाती आतंकी हमले की कोशिश कर रहा था, और वहां फिदायीन जिहादियों को इस काम के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था। आसन्न खतरे को भांपते हुए, एक पूर्वनिर्धारित हमला पूरी तरह से आवश्यक हो गया था।” ब्रीफिंग ने दावा किया कि मसूद अज़हर के बहनोई उस्ताद घौरी द्वारा संचालित जेईएम शिविर पर उनका हमला सफल रहा है। यह भी कहा गया कि इसे एक "गैर-सैन्य कार्रवाई" कहा जा सकता है, और यह पुलवामा आत्मघाती विस्फोट का प्रतिशोध नहीं था, जिसने 14 फरवरी को 40 से अधिक सीआरपीएफ जवानों की हत्या कर दी थी। वैसे दोनों पक्षों के ट्विटर योद्धा, निश्चित रूप से पहचानते हैं, कि यह हवाई हमले क्या था।

भारतीय वायु सेना ने 12 मिराज 2000 जेट विमानों का इस्तेमाल किया, और जेईएम कैंप पर सुबह-सुबह एक हज़ार किलोग्राम वाले लेजर निर्देशित बम गिराए, इस हमले से भारी जान के नुकसान होने का दावा किया गया है।

पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके एयरफोर्स विमानों ने मुजफ्फराबाद सेक्टर में नियंत्रण रेखा पार कर चुके भारतीय वायु सेना के विमानों का "पीछा किया" था, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि हवाई हमले से कोई नुकसान हुआ है। महानिदेशक, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस, (डीजी आईएसपीआर) मेजर-जनरल आसिफ गफूर ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कहा, "भारतीय हवाई जहाजों द्वारा जल्दबाजी में भागने से उनका पेलोड खुले में गिर गया", कोई नुकसान नहीं हुआ।

बालाकोट में हुए हमले पर उनके ट्वीट ने एक भ्रम पैदा कर दिया। अगर यह खैबर पख्तूनख्वा के मनसेरा जिले में मुजफ्फराबाद के पास है, तो इसका मतलब है कि भारतीय विमानों ने पीओके और खैबर पख्तूनख्वा में उड़ान भरी। इसके जरिये पाकिस्तान में घुसपैठ राजधानी इस्लामाबाद से केवल 140 किलोमीटर की दूरी पर हुई। यदि भारतीय लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा पार करके कुछ ही किलोमीटर की उड़ान भरी हैं, तो इस पर - कुछ पाकिस्तानी ट्विटर हैंडल का तर्क है – कि यह पुंछ के पास वाला बाला कोट है और यह पीओके में होना चाहिए। यह बाला कोट एलओसी से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है। मुजफ्फराबाद सेक्टर का उल्लेख करने वाले पाकिस्तान के डीजी आईएसपीआर के ट्वीट से ऐसा लगता है कि यह वास्तव में खैबर पख्तूनख्वा का बालाकोट है। बीबीसी कि ख़बर से पुष्टि होती है, और जिन्होंने बताया है कि यह हमला पुंछ सेक्टर में एलओसी के पास बाला कोट में न होकर, खैबर पख्तूनख्वा के बालाकोट में हुआ था।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की एक विशेष बैठक के बाद भारत के “बालाकोट के पास एक कथित आतंकवादी शिविर को निशाना बनाने के दावे के साथ-साथ भारी हताहतों के दावे” को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को हमले के स्थान पर ले जाया जाएगा ताकि उस जगह का सही आंकलन किया जा सके। उन्होंने, हालांकि, जैश-ए-मुहम्मद आतंकी शिविरों या अजहर मसूद के खिलाफ कार्रवाई के बारे में कोई नई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि वह सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान पर भारतीय सेना के हमलों के इस मुद्दे को उठाएगा। इससे पहले, सुरक्षा परिषद में एक फ्रांसीसी प्रस्ताव को अपनाया गया था जिसमें पुलवामा हमले की निंदा की गयी थी।

इस हमले से, इस बार पाकिस्तान के इलाको में, न कि पीओके, दांव बढ़ गया हैं, जिसमें इसे शांत करने का कोई आसान रास्ता नज़र नहीं आता है। भारत में, चुनाव के नज़दीक आने के साथ-साथ, भारत-पाकिस्तान संबंध, साथ ही कश्मीर चुनावी मुद्दा बनने की स्थिति में आ गया है। विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री पर पहले से ही आरोप लगाए हैं कि वे कश्मीर की अशांत स्थिति से चुनावी लाभ उठाना चाहते हैं। दो परमाणु शक्तियों के नियंत्रण से बाहर जाने का ऐसी रणनीति का जोखिम स्पष्ट नज़र आता है।

न्यूज़क्लिक भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु खतरे के इस घातक खेल में संयम का आह्वान करने वाले सभी अन्य लोगों के साथ शामिल है। युद्ध की लालसा और घृणा पर संयम कायम रहना चाहिए।

india-pakistan
Tactical strike
air strike
balakot
pulwama attack
CRPF Jawan Killed
no war
Jingoism

Related Stories

अपने क्षेत्र में असफल हुए हैं दक्षिण एशियाई नेता

वार इन गेम: एक नया खेल

अति राष्ट्रवाद के भेष में सांप्रदायिकता का बहरूपिया

कितना याद रखें, कितना मन को मनाएं और कितना भूलें? 

15 अगस्त 1947: आज़ादी की ख़ुशी के साथ था बँटवारे का सदमा

बंटवारे का दर्द: जो हो चुका या जो किया जा रहा है!

आगरा शिखर सम्मलेन: भारत-पाकिस्तान के रिश्तों का अहम पड़ाव

किसान आंदोलन: एक शाम शहीदों के नाम

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अर्नब को एयरस्ट्राइक की जानकारी की ख़बरों पर आक्रोश जताया

क्या अर्नब गोस्वामी को बालाकोट एयर स्ट्राइक की जानकारी पहले से थी?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई
    17 May 2022
    मुण्डका की फैक्ट्री में आगजनी में असमय मौत का शिकार बने अनेकों श्रमिकों के जिम्मेदार दिल्ली के श्रम मंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर उनके इस्तीफ़े की माँग के साथ आज सुबह दिल्ली के ट्रैड यूनियन संगठनों…
  • रवि शंकर दुबे
    बढ़ती नफ़रत के बीच भाईचारे का स्तंभ 'लखनऊ का बड़ा मंगल'
    17 May 2022
    आज की तारीख़ में जब पूरा देश सांप्रादायिक हिंसा की आग में जल रहा है तो हर साल मनाया जाने वाला बड़ा मंगल लखनऊ की एक अलग ही छवि पेश करता है, जिसका अंदाज़ा आप इस पर्व के इतिहास को जानकर लगा सकते हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी : 10 लाख मनरेगा श्रमिकों को तीन-चार महीने से नहीं मिली मज़दूरी!
    17 May 2022
    यूपी में मनरेगा में सौ दिन काम करने के बाद भी श्रमिकों को तीन-चार महीने से मज़दूरी नहीं मिली है जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
  • सोन्या एंजेलिका डेन
    माहवारी अवकाश : वरदान या अभिशाप?
    17 May 2022
    स्पेन पहला यूरोपीय देश बन सकता है जो गंभीर माहवारी से निपटने के लिए विशेष अवकाश की घोषणा कर सकता है। जिन जगहों पर पहले ही इस तरह की छुट्टियां दी जा रही हैं, वहां महिलाओं का कहना है कि इनसे मदद मिलती…
  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: बोर्ड एग्जाम की 70 कॉपी प्रतिदिन चेक करने का आदेश, अध्यापकों ने किया विरोध
    17 May 2022
    कॉपी जांच कर रहे शिक्षकों व उनके संगठनों ने, जैक के इस नए फ़रमान को तुगलकी फ़ैसला करार देकर इसके खिलाफ़ पूरे राज्य में विरोध का मोर्चा खोल रखा है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License