NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भारतीय महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले दोगुनी बेरोज़गारी दर : अध्ययन
अध्ययन के मुताबिक नियुक्ति प्रबंधकों और श्रम बाजार विशेषज्ञों से बातचीत में खुलासा हुआ कि नियुक्ति में लैंगिक भेदभाव होता है।
भाषा
30 Aug 2019
unemployment
प्रतीकात्मक तस्वीर, साभार : इंडिया टुडे

देश में समान योग्यता रखने के बावजूद महिलाओं की बेरोज़गारी दर पुरुषों के मुकाबले दोगुनी है। यह खुलासा एक अध्ययन में हुआ है।

‘जेंडर इंक्लूजन इन हायरिंग इंडिया’ (भारत में नियुक्ति में लैंगिक समावेश) शीर्षक से यह अध्ययन हार्वर्ड विश्वविद्यालय के दो छात्रों रशल लेवनसन और लायला ओ केन ने किया है। इसके मुताबिक शहरों में काम करने योग्य शिक्षित महिलाओं में से 8.7 प्रतिशत बेरोज़गार हैं जबकि इसकी तुलना में केवल चार प्रतिशत पुरुषों के पास काम नहीं है।

अध्ययन में दावा किया गया है, ‘‘ महिलाओं के फ़ैसले और काम करने की योग्यता को कई कारक प्रभावित करते हैं। बेरोज़गारी दर में लैंगिक अंतर और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के शोध से पता चलता है कि महिलाओं को खासतौर पर अधिक शिक्षित को नौकरी पाने में पुरुषों के मुकाबले अधिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है।’’ 

लेवनसन और ओ केन का विश्लेषण 200 भारत आधारित नौकरियों पर किया गया जिसके लिए रोजगार मंच प्रदान करने वाली कंपनी शॉर्टलिस्ट ने 2016 और 2017 में भर्ती प्रक्रिया की। 2,11,004 आवेदकों के 2,86,991 आवेदनों (कुछ लोगों ने एक से अधिक नौकरियों के लिए आवेदन किया) पर भी संज्ञान लिया गया जो कंपनी के पास आए थे। 

अध्ययन के मुताबिक नियुक्ति प्रबंधकों और श्रम बाजार विशेषज्ञों से बातचीत में खुलासा हुआ कि नियुक्ति में लैंगिक भेदभाव होता है, जैसा कि पूरी दुनिया में होता है। 

भारतीय कार्यबल में विविधता लाने के उपायों को सुझाने के लिए अध्ययन में तीन स्तरीय बाधा पर गौर किया गया जिसका सामना महिलायें करती हैं, ये योग्यता और अनुभव, भर्ती और आवेदन करने में रुचि और आवेदन प्रकिया। 

अध्ययन में उच्च स्तर का प्रदर्शन और नवोन्मेष के जरिये कार्यस्थल को लैंगिक रूप से समावेशी बनाने पर जोर दिया गया है। इसमें यह भी कहा गया कि भारतीय कार्यबल में बढ़ती हिस्सेदारी की वजह से उनकी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में हिस्सेदारी बढ़कर 27 प्रतिशत हो जाएगी। 

अध्ययन में अधिक प्रभावी और लैंगिक आधार पर संवेदनशील भर्ती प्रक्रिया बनाने के लिए योग्यता आधारित मूल्यांकन, भर्ती में व्यवहार को सीमित करने और नौकरी की स्पष्ट जानकारी देने का सुझाव दिया गया है। 

UNEMPLOYMENT IN INDIA
women empowerment
gender discrimination
Education Sector
gender inequality

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बच्चे नहीं, शिक्षकों का मूल्यांकन करें तो पता चलेगा शिक्षा का स्तर

विशेष: क्यों प्रासंगिक हैं आज राजा राममोहन रॉय

क्या भारत महामारी के बाद के रोज़गार संकट का सामना कर रहा है?

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

बीएचयू: 21 घंटे खुलेगी साइबर लाइब्रेरी, छात्र आंदोलन की बड़ी लेकिन अधूरी जीत

सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) सतही नज़र से जितना प्रभावी गहरी नज़र से उतना ही अप्रभावी

किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी एक आशा की किरण है

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाओं के संघर्ष और बेहतर कल की उम्मीद


बाकी खबरें

  • डॉ. राजू पाण्डेय
    बढ़ती लैंगिक असमानता के बीच एक और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
    08 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1975 में मान्यता दिए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर नियमित रूप से आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की 2022 की थीम 'जेंडर इक्वालिटी टुडे फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो' चुनी गई है…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश का चुनाव कौन जीत रहा है? एक अहम पड़ताल!
    07 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में अभिसार शर्मा उत्तर प्रदेश में आखिरी चरण के मतदान पर बात कर रहे हैं। साथ ही चर्चा कर रहे हैं एक वायरल वीडियो पर जिसके बाद सभी दल द्वारा निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाये जा रहे…
  • varanasi
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः सत्ता की आखिरी जंग में बीजेपी पर भारी पड़ी समाजवादी पार्टी
    07 Mar 2022
    बनारस में इस बार पीएम मोदी ने दो बार रोड शो किया और लगातार तीन दिनों तक कैंप किया, फिर भी जिले की आठ में से चार सीटें भाजपा जीत ले तो यह वोटरों की बक्शीश मानी जाएगी। यह स्थिति भाजपा के लिए बुरी तो है…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी का रण: आख़िरी चरण में भी नहीं दिखा उत्साह, मोदी का बनारस और अखिलेश का आज़मगढ़ रहे काफ़ी सुस्त
    07 Mar 2022
    इस चरण में शाम पांच बजे तक कुल औसतन 54.18 फ़ीसदी मतदान हुआ। बनारस में कुल 52.95 फ़ीसदी वोट हुआ। आज़मगढ़ में इससे भी कम मतदान हुआ। जबकि चंदौली में 60 फ़ीसदी के आसपास वोट हुआ है। अंतिम आंकड़ों का…
  • ukraine russia war
    नाज़मा ख़ान
    यूक्रेन से सरज़मीं लौटे ख़ौफ़ज़दा छात्रों की आपबीती
    07 Mar 2022
    कोई बीमारी की हालत में ख़ुद को शॉल में लपेटे था, तो कोई लगातार खांस रहा था। कोई फ़ोन पर परिवार वालों को सुरक्षित वापस लौट आने की ख़ुशख़बरी दे रहा था। तो कुछ के उड़े चेहरों पर जंग के मैदान से बच कर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License