NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
भीड़ ने फिर कानून अपने हाथ में लिया, यूपी के बरेली में मांस खाने के शक में 4 मजदूरों की पिटाई 
मजदूरों के साथ मारपीट व वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
01 Jun 2019
फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक धार्मिक स्थल के पास कथित रूप से मांस खाने पर अज्ञात युवकों ने चार मजदूरों की पिटाई कर दी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवकों के हाथों चारों मजदूरों को बेल्ट से पीटते देखा जा सकता है। ये मजदूर एक राजमिस्त्री द्वारा काम पर रखे जाने के बाद बेहरी आए थे। 

पीड़ितों ने संवाददाताओं को बताया कि जब युवक पहुंचे उस समय वे शाकाहारी भोजन कर रहे थे और युवकों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी।

28 मई का मामला

दैनिक भास्कर के मुताबिक, यह पूरा मामला 28 मई का है। बहेड़ी के मुहल्ला शेखुपुर में देवस्थान है। यहां एक व्यापारी नेता के मकान का निर्माण कर रहे चार चार मजदूर देवस्थान की परिधि में बैठकर खाना खा रहे थे। तभी कुछ युवक वहां पहुंचे और मंदिर परिधि के बाहर खाना खाने के लिए कहा गया। मजदूरों ने कहा कि, वो रोटी और भिंडी की सब्जी खा रहे है। खाने के बाद चले जाएंगे। तभी एक युवक की नजर मजदूरों के बर्तन पर पड़ी तो सभी भड़क गए। 

आरोप था कि मजदूर मांस खाते मिले। विरोध जताने पर खाना खा रहे लोगों से उनकी बहस हो गई। युवकों ने खाना खा रहे मजदूरों की की डंडे और बेल्ट व चप्पलों से पिटाई कर दी। बाद में माफी मांगने पर उन्हें छोड़ दिया था।

दो मजदूर अल्पसंख्यक 

पुलिस ने कहा कि चार मजदूरों में से दो अल्पसंख्यक समुदाय के थे और यह हमले के लिए उकसाने वाला हो सकता है।

बहेरी पुलिस स्टेशन हाउस ऑफिसर धनंजय सिंह ने कहा, 'चार अज्ञात मजदूरों को एक निवास पर निर्माण कार्य के लिए काम पर रखा गया था। दोपहर के भोजन के अवकाश के दौरान, वे पास के देवस्थान (देवताओं की मूर्तियों के साथ आमतौर पर छायादार पेड़ों के पास एक छोटा मंदिर) पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करने के लिए चले गए थे।'

पुलिस के अनुसार, अज्ञात युवक अचानक वहां पहुंचे और एक पवित्र स्थान के पास मांस खाने का आरोप लगाते हुए उनकी पिटाई शुरू कर दी।

बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी. ने कहा कि पुलिस ने आदेश, वाल्मीकि व मनीष और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए दो टीमें गठित की गई हैं।

विधायक ने कहा- अक्सर ऐसी होती हैं घटनाएं

दैनिक भास्कर के मुताबिक, एसपी देहात संसार सिंह ने कहा है कि इस प्रकरण में किसी ने शिकायत नहीं की है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बहेड़ी से विधायक छत्रपाल सिंह गंगवार ने बताया कि एसएसपी व सीओ से बात कर मामले की गहनता से जांच की मांग की है। देवस्थान दूसरे समुदाय की बस्ती से घिरा है। अक्सर इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं। पुलिस को पूरी जांच कर सही दोषी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

हिंदुस्तान के मुताबिक, मोहल्ले वालों का कहना है कि मोहल्ले वालों ने डायल 100 पर फोन करके सूचना दी थी मगर पुलिस ने शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दिया तो लोगों की भावनाएं आहत हईं और मीट खाने वालों से मारपीट की। मारपीट का मुकदमा जितना जरूरी था उससे भी ज्यादा जरूरी था कि धार्मिक भावनाएं भड़काने में धार्मिक स्थल पर मीट खाने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाता। लोगों ने कहा कि जल्द ही आला अफसरों से शिकायत करके कार्रवाई की मांग करेंगे।

घटना के बारे में तमाम तरह की सफाई दी जा रही है, लेकिन असल सवाल वही है कि लोग अब बेख़ौफ़ कानून अपने हाथ में ले रहे हैं और खुद ही वकील और जज बनकर इंसाफ कर रहे हैं। 

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Uttar pradesh
eating beef
labourers
Bareilly
Bareilly police

Related Stories

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

उत्तर प्रदेश: इंटर अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लीक, परीक्षा निरस्त, जिला विद्यालय निरीक्षक निलंबित

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

यूपी में मीडिया का दमन: 5 साल में पत्रकारों के उत्पीड़न के 138 मामले

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

पीएम को काले झंडे दिखाने वाली महिला पर फ़ायरिंग- किसने भेजे थे बदमाश?

यूपी: ललितपुर बलात्कार मामले में कई गिरफ्तार, लेकिन कानून व्यवस्था पर सवाल अब भी बरकरार!

यूपी: आज़मगढ़ में पीड़ित महिला ने आत्महत्या नहीं की, सिस्टम की लापरवाही ने उसकी जान ले ली!

यूपी में पत्रकार लगातार सरकार के निशाने पर, एक ख़बर को लेकर 3 मीडियाकर्मियों पर मुक़दमा


बाकी खबरें

  • bihar school
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की मांग में भाकपा-माले विधायकों का प्रदर्शन
    08 Mar 2022
    “2.75 लाख शिक्षक के पद नीचले स्तर पर खाली हैं और कॉलेज लेवल पर अभी भी करीब 70 प्रतिशत शिक्षक के पद खाली हैं। पढ़ने-लिखने वाले गरीब के बच्चे शिक्षा महंगी होने के चलते वे इससे दूर हो रहे हैं।"
  • एम. के. भद्रकुमार
    रूस ने अपने ऊपर लगाए गए प्रतिबंधों पर जवाबी कार्रवाई की
    08 Mar 2022
    ईरान के साथ परमाणु समझौते और मॉस्को-तेहरान के द्विपक्षीय संबंधों के बारे में रूस अमेरिका से “बेहद साफ़ शब्दों” में जवाब चाहता है।
  • womens day
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी एक आशा की किरण है
    08 Mar 2022
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 भारतीय महिलाओं के लिए मजबूत प्रासंगिकता के साथ राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं की एक श्रृंखला के बीच आता है। महिलाएं अपने अधिकारों को लागू करने और सार्वजनिक मंचों पर अपनी…
  • EXITPOLL
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    EXIT POLL: बिग मीडिया से उलट तस्वीर दिखा रहे हैं स्मॉल मीडिया-सोशल मीडिया
    08 Mar 2022
    पिछले डेढ़-दो महीने से जारी चुनाव खत्म हो चुके हैं अब नतीजों का इंतज़ार है, हालांकि उससे पहले जारी एग्ज़िट पोल में भाजपा की सरकार दिखाई जा रही है।
  • Ukrainian
    मोहम्मद शबीर
    यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने युवा कम्युनिस्ट नेताओं को गिरफ्तार किया 
    08 Mar 2022
    वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डेमोक्रेटिक यूथ और अन्य प्रगतिशील संगठनों ने यूक्रेन के लेनिनवादी कम्युनिस्ट यूथ यूनियन के नेताओं अलेक्सांद्र कोनोनोविच और मिखाइल कोनोनोविच की गिरफ्तारी की निंदा की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License