NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तारियाँ, एनआरसी और ईवीएम पर एससी में हुई सुनवाई
शीर्ष अदालत ने भीमा कोरेगांव के संबंध में हुई गिरफ्तारियों, एनआरसी और ईवीएम का मामले दाख़िल याचिकाओं पर सुनवाई की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Sep 2018
bhima koregaon case

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तीन महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की। अदालत ने माओवादी साजिश के आरोपी कार्यकर्ताओं और भीमा कोरेगांव हिंसा भड़काने, नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) की प्रगति और मध्यप्रदेश चुनावों में अनियमितताओं के संबंध में दाख़िल याचिका पर सुनवाई की।

भीमा कोरेगांव संबंधित गिरफ्तारियां

भीमा कोरेगांव से संबंधित गिरफ्तारियों पर बहस दो सत्र तक चली और कल भी बहस हुई। याचिकाकर्ताओं ने इन गिरफ्तारियों को लेकर पुलिस की कार्यवाही को चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी जाँच दुर्भाव से प्रेरित थी और इस लोगों की गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं था। उन्होंने केस डायरी का हवाला दिया जिसमें उन्होंने दावा किया कि बड़े षड्यंत्र का इसमें कोई उल्लेख नहीं था। उन्होंने प्रेस को पत्र 'लीक' करने के संबंध में पुलिस के कार्यों पर भी सवाल उठाया।

याचिकाकर्ताओं ने पत्रों की सत्यता पर सवाल उठाया क्योंकि उसकी फोरेंसिक जांच नहीं की गई थी।

इस साल 28 अगस्त को देश भर में श्रंखलाबद्ध तरीके से छापे मारे गए और गिरफ्तारियां की गई। इस साल जून में हुई गिरफ्तारियों के बाद ये कार्रवाई की गई। अराजकता पैदा करने और प्रधानमंत्री की हत्या करने के माओवादी साजिश के आधार पर ये गिरफ्तारियां की गई थी। पुलिस ने गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को एल्गार परिषद और भीमा कोरेगांव हिंसा से जोड़ रही है। यद्यपि पूर्व न्यायाधीशों द्वारा एल्गर परिषद का आयोजन किया गया था, और हिंसा सीधे तौर पर हिंदू दक्षिण-पंथी मराठा समूहों से जुड़ा हुआ था, ऐसे में पुलिस इसे 'माओवादी' षड्यंत्र बता रही है।

नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी)

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि एनआरसी के संबंध में दावों और आपत्तियों को दर्ज करने की प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू होनी चाहिए और 60 दिनों तक खुला रहना चाहिए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि दावों और आपत्तियों का आधार न्यायालय द्वारा 5 सितंबर को अपने आदेश में निर्दिष्ट 10 पहचान दस्तावेजों पर होना चाहिए। ये मामला 23 अक्टूबर को फिर से लिया जाएगा।

हाल में चारों तरफ से एनआरसी हाल ही में विभिन्न तिमाहियों से आग लग रही है, जिनमें से सभी राजनीतिक लाभ हासिल करना चाहते हैं। एक तरफ तृणमूल कांग्रेस ने इस विवरण में ज़्यादातर लोगों को शामिल न किए जाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि ये काम बंगाली विरोधी और विशेष रूप से मुस्लिम विरोधी है। द ऑल कचार करीमजंग हैलाकंडी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि ये प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण थी क्योंकि बांग्लादेश की सीमा से सटे असम के पश्चिमी हिस्सों के ज़िलों की स्वीकार्यता अधिक थी।

चुनाव में पारदर्शिता

चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता कमल नाथ द्वारा दायर याचिका का विरोध किया। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कांग्रेस पार्टी आयोग को चुनाव सुधारों को निर्देशित नहीं कर सकती है। आयोग ने कहा कि राज्य सांसद विवेक के तंखा ने आयोग में एक अलग प्रतिरुप की मांग की थी, और इसे मान लिया गया था। इस संबंध में वर्तमान याचिका आयोग को अपने कर्तव्यों को किसी विशेष तरीके से निर्वहन करने के लिए मजबूर करने जैसा मानती है। आयोग ने कहा कि इस प्रतिरूप को तैयार किया जा सकता है, लेकिन कार्यान्वयन के संबंध में अंतिम निर्णय आयोग की है।

कमलनाथ ने इस साल 17 अगस्त को मध्य प्रदेश चुनावों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के इस्तेमाल को लेकर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एक याचिका दाखिल किया था। उन्होंने वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) को सत्यापित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों से कम से कम दस प्रतिशत ईवीएम की औचक जांच के लिए आग्रह किया था। साथ ही राजनीतिक पार्टियों को मतदाताओं को नाम को हटाए जाने के संबंध में सूचना दिए बिना टेक्स्ट फॉर्मेट में मतदाता सूची को प्रकाशित करना। उन्होंने वीवीपीएटी इस्तेमाल के लिए जारी किए जाने वाले नए दिशानिर्देशों के लिए भी आग्रह किया।

Bhima Koregaon
NRC
चुनाव पारदर्शिता
madhya pradesh elections

Related Stories

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

भीमा कोरेगांव: HC ने वरवर राव, वर्नोन गोंजाल्विस, अरुण फरेरा को जमानत देने से इनकार किया

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

शाहीन बाग़ की पुकार : तेरी नफ़रत, मेरा प्यार

अदालत ने वरवर राव की स्थायी जमानत दिए जाने संबंधी याचिका ख़ारिज की

भीमा कोरेगांव: बॉम्बे HC ने की गौतम नवलखा पर सुनवाई, जेल अधिकारियों को फटकारा

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

सामाजिक कार्यकर्ताओं की देशभक्ति को लगातार दंडित किया जा रहा है: सुधा भारद्वाज


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    हरिद्वार के धर्म संसद का विरोध, क्रिसमस पर हिन्दुत्ववादी संगठनों का हंगामा और अन्य ख़बरें
    27 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी हरिद्वार में हुई धर्म संसद का विरोध, क्रिसमस पर हिन्दुत्व संगठनों के हंगामे की घटनाएँ और अन्य ख़बरों पर।
  • Itihas Ke Panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    भाजपा ने फिर उठायी उपासना स्थल क़ानून को रद्द करने की मांग
    27 Dec 2021
    हाल में ही भाजपा के राज्यसभा के सदस्य हरनाथ सिंह यादव ने उपासना स्थल क़ानून को रद्द करने की मांग की। 'इतिहास के पन्ने, मेरी नज़र से' के इस अंक में नीलांजन मुखोपाध्याय बात कर रहे हैं इसी कानून के बारे…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: ओमीक्रॉन से बचाव का नायाब नुस्खा!, रात में कर्फ़्यू, दिन में रैली...
    27 Dec 2021
    ओमीक्रॉन से बचाव के नाम पर दिल्ली, यूपी के बाद उत्तराखंड में भी रात्रि कर्फ़्यू लगाया गया है। रात में कर्फ़्यू, दिन में रैली ये किसी भी व्यक्ति को समझ नहीं आ रहा है। विपक्ष तो छोड़िए बीजेपी के सांसद…
  • Christmas Day
    रवि शंकर दुबे
    ..उन्हें क्रिसमस भी बर्दाश्त नहीं, जगह-जगह उत्पात, धमकी, तोड़फोड़
    27 Dec 2021
    जब देश में लोगों को आपसी समझ के साथ एकजुट होने की ज़रूरत होती है, जब जनता कोई त्योहार मना रही होती है, तभी बजरंगदल और कुछ अन्य हिन्दुत्ववादी संगठन जैसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं।
  • Protest
    सोनिया यादव
    ‘(अ)धर्म’ संसद को लेकर गुस्सा, प्रदर्शन, 76 वकीलों ने CJI को लिखी चिट्ठी
    27 Dec 2021
    हरिद्वार की कथित 'धर्म संसद' के भड़काऊ बयानों को लेकर दिल्ली के उत्तराखंड भवन पर आज सोमवार को नागरिक समाज के लोगों और वाम दलों ने विरोध प्रदर्शन कर 'नरसंहार' का आह्वान करने वाले तथाकथित संतों की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License