NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
भोपाल : बिजली विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज
नियमितीकरण की मांग को लेकर सड़क पर उतरे बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों पर पुलिस ने रविवार को लाठी चार्ज किया।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Aug 2019
electric department bhopal
प्रतीकात्मक तस्वीर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नियमितीकरण की मांग को लेकर सड़क पर उतरे बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों पर पुलिस ने रविवार को लाठी चार्ज किया।

राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में बिजली विभाग में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारी सुबह चिनार पार्क में जमा हुए। कर्मचारी जब अपनी मांगों को लेकर चिनार पार्क से रैली निकाल रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठियां बरसा दी। पुलिस की कार्रवाई से कर्मचारियों में रोष है और उन्होंने आगे आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय साहू ने ‘भाषा’ को बताया कि धरने पर बैठे बिजली विभाग के इन कर्मचारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्की लाठीचार्ज करनी पड़ी। उन्होंने कहा,‘‘कोई खास लाठीचार्ज नहीं हुआ।’’

साहू ने बताया कि इन प्रदर्शनकारियों को शहर के चिनार पार्क से लेकर अंबेडकर पार्क तक की अनुमति थी। इन्होंने चिनार पार्क से रैली शुरू की। अंबेडकर पार्क में कीचड़ भरा हुआ था,इसलिए अंबेडकर पार्क के बाहर दो गेट पर इन्हें रोक लिया था। वहां ये बैठे रहे। भाषण बाजी भी हुई। दो-ढाई घंटे से सड़क जाम किया गया था।’’

उन्होंने कहा कि उसके बाद ज्ञापन दिलाया गया। ज्ञापन देने के बाद भी उनको वहां से हटने के लिए समझाइश दी गई। तब भी ये लोग नहीं हटे। तब उन्हें बलपूर्वक हटाया।

साहू ने बताया, ‘‘किसी को कोई चोट नहीं लगी।’’

हालांकि, प्रदर्शन कर रहे इन कर्मचारियों का दावा है कि पुलिस प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज कर हमारे साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसमें कुछ लोगों को चोटें भी लगी हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा-पत्र में वचन दिया था कि उन्हें नियमित किया जाएगा। वे यहां मुख्यमंत्री कमलनाथ को उनका वादा याद दिलाने के लिए आए हैं। हमारी बस एक ही मांग है कि हमें नियमित किया जाए।

इस पूरे मुद्दे पर सीपीआईएम के प्रदेश सचिव  जसविंदर सिंह का कहना है कि आउटसोर्सिंग का पूरा मुद्दा ही भष्ट्राचार से लिप्त है, कांग्रेस ने मेनीफेस्टो में वादा किया था कि वो आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित करेगी लेकिन उनके वादे भी बीजेपी सरकार की तरह ही हवा- हवाई निकले। मध्य प्रदेश में आम जनता बिजली की बढ़ती दरों से त्रस्त है लेकिन सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश में लगी है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

;MADHYA PRADESH
KAMALNATH SARKAR
workers protest
outsource karamchari madhya pradesh
CPM

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

अधिकारों की लड़ाई लड़ रही स्कीम वर्कर्स

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

एक बड़े आंदोलन की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशा बहनें, लखनऊ में हुआ हजारों का जुटान

दिल्ली: ऐक्टू ने किया निर्माण मज़दूरों के सवालों पर प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?
    22 May 2022
    न्यूज़क्लिक की इस ख़ास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन मुखोपाध्याय ने पत्रकार और मेरठ दंगो को करीब से देख चुके कुर्बान अली से बात की | 35 साल पहले उत्तर प्रदेश में मेरठ के पास हुए बर्बर मलियाना-…
  • Modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक
    22 May 2022
    हर बार की तरह इस हफ़्ते भी, इस सप्ताह की ज़रूरी ख़बरों को लेकर आए हैं लेखक अनिल जैन..
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'कल शब मौसम की पहली बारिश थी...'
    22 May 2022
    बदलते मौसम को उर्दू शायरी में कई तरीक़ों से ढाला गया है, ये मौसम कभी दोस्त है तो कभी दुश्मन। बदलते मौसम के बीच पढ़िये परवीन शाकिर की एक नज़्म और इदरीस बाबर की एक ग़ज़ल।
  • diwakar
    अनिल अंशुमन
    बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका
    22 May 2022
    बिहार के चर्चित क्रन्तिकारी किसान आन्दोलन की धरती कही जानेवाली भोजपुर की धरती से जुड़े आरा के युवा जन संस्कृतिकर्मी व आला दर्जे के प्रयोगधर्मी चित्रकार राकेश कुमार दिवाकर को एक जीवंत मिसाल माना जा…
  • उपेंद्र स्वामी
    ऑस्ट्रेलिया: नौ साल बाद लिबरल पार्टी सत्ता से बेदख़ल, लेबर नेता अल्बानीज होंगे नए प्रधानमंत्री
    22 May 2022
    ऑस्ट्रेलिया में नतीजों के गहरे निहितार्थ हैं। यह भी कि क्या अब पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन बन गए हैं चुनावी मुद्दे!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License