NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भोपाल में महिला अध्यापकों को मुंडन कराने पर 1.40 लाख रुपये चुकाने पड़े
माकपा नेता ने कहा कि राज्य में भाजपा किस तरह लोकतंत्र का गला घोंट रही है, यह घटना उसकी एक बानगी है। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है।
आईएएनएस
15 Jan 2018
women protesters

भोपाल, 15 जनवरी (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश में आंदोलन करना भी अब आसान नहीं रह गया है। अपनी मांगों की तरफ ध्यान दिलाने के लिए जिन महिलाओं सहित पुरुष अध्यापकों ने सामूहिक मुंडन कराया, उन्हें जगह का किराया एक लाख 40 हजार रुपये देना पड़ा। भुगतान की रसीदें सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। आजाद अध्यापक संघ ने शनिवार को जम्बूरी मैदान में प्रदर्शन किया था और इस दौरान महिला अध्यापकों सहित अन्य ने मुंडन कराया था। संगठन को जम्बूरी मैदान का किराया भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल) को चुकाना पड़ा। 

एक लाख 40 हजार रुपये भुगतान के बावत पूछे जाने पर भेल के जनसंपर्क अधिकारी विनोदानंद झा ने सोमवार को आईएएनएस से कहा, "जम्बूरी मैदान में कोई भी कार्यक्रम करने की फीस निर्धारित है, जिसका भुगतान करना होता है। अध्यापक संघ ने भी उतनी राशि का भुगतान किया होगा।" 

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव बादल सरोज ने आंदोलनकारी अध्यापकों से शुल्क वसूली को लोकतंत्र का गला घोंटना करार दिया है। 

उन्होंने कहा, "राज्य सरकार के इशारे पर भोपाल जिला प्रशासन ने अध्यापकों को अपनी सभा करने के लिए पहले तो कोई स्थान नहीं दिया, बाद में भेल का जम्बूरी मैदान जाने के लिए कहा गया। अब पता चला है कि उनसे एक लाख 40 हजार रुपये वसूले गए।"

माकपा नेता ने कहा कि राज्य में भाजपा किस तरह लोकतंत्र का गला घोंट रही है, यह घटना उसकी एक बानगी है। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। भ्रष्टाचार में लिप्त, किसानों की हत्यारी और शिक्षा व रोजगार की दुश्मन बनी भाजपा सरकार पूरे प्रदेश में सार्वजनिक सभाओं, धरनों और जुलूसों को लगभग प्रतिबंधित किए हुई है। ज्यादातर जगह बेमियादी धारा 144 थोप दी गई है। राजधानी तक में आंदोलन या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है।

बादल सरोज ने कहा, "इस तरह की तानाशाही बंद की जानी चाहिए। शिक्षकों से वसूल की गई राशि उन्हें लौटाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सोचना चाहिए कि बच्चों का भविष्य संवार रहीं महिलाओं में इतना आक्रोश क्यों है कि उन्होंने अपना मुंडन करवा लिया। प्रदेश के सभी लोकतंत्र हितैषी संगठनों और व्यक्तियों को मिलकर सरकार के इस रवैए के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।" 

--आईएएनएस

Madhya Pradesh
MP teachers
teachers protest
female teachers
Shivraj singh
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License