NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार: हिंसक झड़पों के बाद जहानाबाद और गया में सांप्रदायिक तनाव जारी
सांप्रदायिक तनाव की शुरुआत बुधवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान एक मामूली झड़प से हुई थी। लेकिन गुरुवार सुबह इसने बड़ा रूप ले लिया और दो समुदायों में टकराव और हमले शुरू हो गए, जो बाद में सड़कों तक पहुंच गए।
मो. इमरान खान
12 Oct 2019
bihar communal tensions
Image Courtesy: PTI

बिहार के जहानाबाद में बुधवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक झड़पें हुई थीं। शुक्रवार को घटना के दो दिन बाद भी जहानाबाद और गया के लोगों में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने शक के आधार पर हंगामा करने वालों को गिरफ़्तार कर शांति की अपील की है। इलाक़े में भारी सुरक्षाबल भी तैनात किया गया है। 

पटना से 50 किलोमीटर दूर जहानाबाद में पुलिस ने इंटरनेट बंद करवा दिया है। सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधात्मक आदेश जारी किए गए हैं, इसके तहत हथियार रखने और लोगों के जमावड़े को ग़ैरक़ानूनी घोषित कर दिया गया है।

जहानाबाद के डीएम नवीन कुमार ने बताया,"यहां शुक्रवार को टकराव या हिंसा की कोई ख़बर नहीं है। लेकिन तनाव के चलते गुरुवार को एहतियात के तौर पर जो क़दम उठाए गए थे, उन्हें शुक्रवार को भी जारी रखा गया है। पर स्थिति नियंत्रण में है और शांति बनी हुई है।"

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक़ स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए पड़ोसी ज़िलों से अतिरिक्त सुरक्षाबल भी बुलाया गया है। सांप्रदायिक तनाव की शुरुआत बुधवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान एक मामूली झड़प से हुई थी। लेकिन गुरुवार सुबह इसने बड़ा रूप ले लिया और दो समुदायों में टकराव और हमले शुरू हो गए, जो बाद में सड़कों तक पहुंच गए।

ज़िले के एक अधिकारी ने न्यूज़क्लिक को बताया कि दुर्गा विसर्जन के दौरान एक मस्जिद के पास मामूली कहा-सुनी हिंसा में बदल गई। उन्होंने बताया, "दोनों समूहों ने एक दूसरे पर हमले किए, ईंट फेंकी और आगज़नी की।"

लेकिन अरवल मोड़, जहां हिंसा और टकराव शुरू हुआ, वहां के रहने वाले मुन्ना सिंह ने आरोप लगाया कि हिंसा के पीछे मुस्लिम युवाओं के एक समूह का हाथ है। इसने दुर्गा मूर्तियों पर विसर्जन के दौरान हमला किया और ईंट फेंककर उसे नुक़सान पहुंचाया।

हालांकि जहानाबाद में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ काम करने वाले एक्टिविस्ट डॉ राज़ी अहमद के मुताबिक़, "जनता और पुलिस सब जानती है कि गुरुवार को दिन-दहाड़े क्या हुआ।" उन्होंने न्यूज़क्लिक को बताया, "क़रीब 5 से 6 घंटों के लिए जहानाबाद शहर अशांति फैलाने वालों के क़ब्ज़े में था, जो इस तरह बर्ताव कर रहे थे जैसे उनके लिए कोई क़ायदा-क़ानून ही न हो। इससे मुस्लिमों में डर बैठ गया है।"

उन्होंने पुलिस पर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने और मुस्लिम इलाक़ों में सुरक्षाबल तैनाती का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "पिछले 24 घंटों में 12 से ज़्यादा मुस्लिमों को हिरासत में लिया जा चुका है।"

घटना के बारे में बात करते हुए रहवासी शमीम अंसारी ने न्यूज़क्लिक को बताया, "युवाओं का एक समूह पहले मस्जिद में घुसा और समूह ने तोड़फोड़ शुरू कर दी, क़ुरान की एक प्रति को भी फेंक दिया।" जवाब में स्थानीय मुस्लिमों ने उन्हें भगाने के लिए ईंटें फेंकना शुरू कर दीं। लेकिन इससे नाराज़ अन्य लोग हिंसक समूह के साथ शामिल हो गए और यह एक भीड़ बन गई, जिसने मुस्लिमों की दो दर्जन से ज़्यादा दुकानें लूट लीं और एक दर्जन दुकानों और मोटरसाइकिलों में आग लगा दी। इन्होंने मुस्लिमों के ख़िलाफ़ गाली-गलौज से भरे नारे लगाए और उन्हें सामने आने की चुनौती दी। घंटों बाद पुलिस वहां पहुंची और हवा में गोलियां चलाकर भीड़ को तितर-बितर किया।

ज़िला प्रशासन की लोगों में भरोसा जगाने के लिए की गई कवायद के बावजूद, जहानाबाद में  गुरूवार की तरह ज़्यादातर बाज़ार और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। अहमद और असांरी ने माना कि प्रशासन की कार्रवाई के चलते स्थिति बदतर होने से बच गई। अफ़वाहों पर ध्यान न देने की अपील करते फ़्लैग मार्च और सुरक्षाबलों की तैनाती सकारात्मक क़दम हैं।

जहानाबाद से 50 किलोमीटर दूर गया शहर के बाहरी हिस्से में स्थित मानपुर क्षेत्र में तीसरे दिन भी सांप्रदायिक तनाव जारी रहा। यहां दो समूह, जो अलग-अलग समुदायों से थे, उनमें हिंसक टकराव हुआ। सोशल मीडिया पर उड़ी अफ़वाहों के चलते पंचायतियाखारा के पास गुरुवार रात को व्यक्तिगत विवाद ने सांप्रदायिक रूप ले लिया।

गया से आ रही ख़बरों के मुताबिक़, स्थानीय वार्ड मेंबर के चार सगे संबंधी दूसरी तरफ़ से की गई फ़ायरिंग में घायल हो गए थे। सभी को पैरों में चोटें आई थीं और उन्हें स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। दो दिन पहले दुर्गा विसर्जन के वक़्त हुई बहसबाज़ी से शहर में माहौल गर्म था, फ़ायरिंग की घटना के बाद लोगों में शुक्रवार को बदहवासी फैल गई।

दुखरनिबफाटक के पास जामा मस्जिद के रहने वाले मज़हर ख़ान ने न्यूज़क्लिक को बताया कि पंचायतियाखारा और मानपुर में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। प्रशासन भी अलर्ट है और स्थिति को नियंत्रण करने के लिए हर क़दम उठा रहा है। उन्होंने कहा, "स्थिति अब शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन अंदर ही अंदर तनाव है। रात में अफ़वाहों के चलते यह और बढ़ जाता है।"

Bihar
Jehanabad
gaya
Panchayatikhara
Communal Tensions
Communal Violence in Bihar
communal polarisation
Nitish Kumar
Nitish Kumar Government
BJP government
Communal Clashes in Jehanabad

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    संतूर के शहंशाह पंडित शिवकुमार शर्मा का मुंबई में निधन
    10 May 2022
    पंडित शिवकुमार शर्मा 13 वर्ष की उम्र में ही संतूर बजाना शुरू कर दिया था। इन्होंने अपना पहला कार्यक्रम बंबई में 1955 में किया था। शिवकुमार शर्मा की माता जी श्रीमती उमा दत्त शर्मा स्वयं एक शास्त्रीय…
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    ग़ाज़ीपुर के ज़हूराबाद में सुभासपा के मुखिया ओमप्रकाश राजभर पर हमला!, शोक संतप्त परिवार से गए थे मिलने
    10 May 2022
    ओमप्रकाश राजभर ने तत्काल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम, गाजीपुर के एसपी, एसओ को इस घटना की जानकारी दी है। हमले संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया। उन्होंने कहा है कि भाजपा के…
  • कामरान यूसुफ़, सुहैल भट्ट
    जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती
    10 May 2022
    आम आदमी पार्टी ने भगवा पार्टी के निराश समर्थकों तक अपनी पहुँच बनाने के लिए जम्मू में भाजपा की शासन संबंधी विफलताओं का इस्तेमाल किया है।
  • संदीप चक्रवर्ती
    मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF
    10 May 2022
    AIFFWF ने अपनी संगठनात्मक रिपोर्ट में छोटे स्तर पर मछली आखेटन करने वाले 2250 परिवारों के 10,187 एकड़ की झील से विस्थापित होने की घटना का जिक्र भी किया है।
  • राज कुमार
    जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप
    10 May 2022
    सम्मेलन में वक्ताओं ने उन तबकों की आज़ादी का दावा रखा जिन्हें इंसान तक नहीं माना जाता और जिन्हें बिल्कुल अनदेखा करके आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन तबकों की स्थिति सामने रखी जिन तक आज़ादी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License