NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार में बाढ़ का कहर बरकरार, 35 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में
भूमि का एक विशाल भाग लगातार जलमग्न है। आईएमडी का अनुमान है कि इस हफ्ते और इसके बाद भी काफी वर्षा होगी तो ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में बाढ़ का पानी घटने का कोई आसार नहीं है।
मोहम्मद इमरान खान
20 Aug 2021
बिहार में बाढ़ का कहर बरकरार, 35 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में
चित्र सौजन्य: PTI

पटना : बिहार में बाढ़ की स्थिति बहुत ही गंभीर बनी हुई है। राज्य होकर बहने वाली सभी नदियां बृहस्पतिवार को भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और बाढ़ पीड़ित जिलों की दर्जनों सड़कों पर घुटने से ऊपर पानी बह रहा है, जिससे यातायात काफी दुष्प्रभावित हो रहा है। हालांकि, इसके पहले गंगा नदी का बढ़ता जल स्तर कई इलाकों में कम होने लगा है, यह थोड़ी राहत की बात है।

बाढ़ के कारण भूमि का बड़ा भूभाग अब भी पानी में डूबा हुआ है और इस हालात में आने वाले दिनों में सुधार के बहुत कम आसार हैं, जैसा कि भारतीय मौसम विभाग ने इस हफ्ते और इसके अगले हफ्ते में भी भारी वर्षा होने का अनुमान लगाया है।

स्थानीय रिपोर्ट कहती है कि गांव के गांव पानी में डूब गए हैं, जिसके चलते हजारों लोगों को अपने घरों से भागने पर मजबूर होना पड़ा है; ये लोग अधिक ऊंची जगहों जैसे, बांधों पर या राष्ट्रीय उच्चपथों (एनएच) पर खुले आसमान के नीचे, स्कूलों में या सरकारी ईमारतों में शरण लिए हुए हैं। बहुत सारे बाढ़ पीड़ित अपने मवेशियों के लिए हरी घास या अन्य चारे का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। इसकी भारी किल्लत बनी हुई है।

अधिकारियों के मुताबिक, गंगा, कोशी, बागमती और बूढ़ी गंडक जैसी नदियां उफान मार रही हैं, जिनसे सैकड़ों गांव असहाय हो गए हैं, हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं। खेतों में लगी खरीफ की फसलों की भी व्यापक क्षति पहुंची है। नदी में कटाव की लगातार आशंका से लोगों की रातों की नींद गायब है। सैकड़ों घरों एवं सैकड़ों एकड़ खेत नदियों में आई बाढ़ से डूबे हुए हैं। नए-नए इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों का अपने गांवों से पलायन का सिलसिला जारी है। ये लोग सुरक्षित जगहों पर शरण ले रहे हैं।

बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि राज्य के 16 जिलों के 35 लाख से अधिक लोग बाढ़ से पीड़ित हुए हैं। इनमें मधुबनी, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चंपारण, सुपौल, दरभंगा, सारण, भोजपुर, पटना, समस्तीपुर, वैशाली, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर सबसे ज्यादा पीड़ित हैं।

बाढ़ की रोजाना की स्थिति के बारे में विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 99 प्रखंडों के 2,589 गांव बाढ़ से पीड़ित हैं। अभी तक 1,23,188 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा गया है। पीड़ित जिलों में 64 राहत शिविर लगाए गए हैं और 753 सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गई है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबित बाढ़ का पानी  पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर, मधेपुरा और मुजफ्फरपुर नेशनल हाईवे एवं राज्य के हाईवे समेत सभी सड़कों पर बह रहा है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने कहा : “नदियों के जल स्तरों में पिछले 48 घंटों में बढ़ोतरी से नदी तटों पर कटाब का दबाव बढ़ गया है।”

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करेगी और इस मद में केंद्र सरकार से भी मदद मांगेगी।.

बाढ़ की विकरालता को  देखते हुए राज्य सरकार ने पीड़ित जिलों में अपने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लगातार हो रही भारी बरसात को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से ऊंचे स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।

सरकार ने स्थानीय पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की मदद से  बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को बाढ़ पीड़ित जिलों के हवाई सर्वेक्षण करने के बाद अपने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया है।

बिहार में इस साल ठीक समय पर मानसून आने के बाद, अब तक सरप्लस वर्षा हुई है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने पटना में कहा कि पहली जून से लेकर 14 अगस्त के बीच राज्य में अब तक 745.2 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य बरसात से 19 फीसदी अधिक है।

अंग्रेजी में मूल रूप से प्रकाशित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Bihar: Flood Fury Persists With More Than 35 Lakh Affected

Bihar
Bihar floods
natural disaster
disaster management
IMD
IMD Bihar Forecast

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • rakeh tikait
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार
    11 Feb 2022
    पहले चरण के मतदान की रपटों से साफ़ है कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण वोटिंग पैटर्न का निर्धारक तत्व नहीं रहा, बल्कि किसान-आंदोलन और मोदी-योगी का दमन, कुशासन, बेरोजगारी, महंगाई ही गेम-चेंजर रहे।
  • BJP
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: भाजपा के घोषणा पत्र में लव-लैंड जिहाद का मुद्दा तो कांग्रेस में सत्ता से दूर रहने की टीस
    11 Feb 2022
    “बीजेपी के घोषणा पत्र का मुख्य आकर्षण कथित लव जिहाद और लैंड जिहाद है। इसी पर उन्हें वोटों का ध्रुवीकरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घोषणा पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में लव-लैड जिहाद को…
  • LIC
    वी. श्रीधर
    LIC आईपीओ: सोने की मुर्गी कौड़ी के भाव लगाना
    11 Feb 2022
    जैसा कि मोदी सरकार एलआईसी के आईपीओ को लांच करने की तैयारी में लगी है, जो कि भारत में निजीकरण की अब तक की सबसे बड़ी कवायद है। ऐसे में आशंका है कि इस बेशक़ीमती संस्थान की कीमत को इसके वास्तविक मूल्य से…
  • china olampic
    चार्ल्स जू
    कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना
    11 Feb 2022
    ओलंपिक का इतिहास, चीन और वैश्विक दक्षिण के संघर्ष को बताता है। यह संघर्ष अमेरिका और दूसरे साम्राज्यवादी देशों द्वारा उन्हें और उनके तंत्र को वैक्लपिक तंत्र की मान्यता देने के बारे में था। 
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : जंगली जानवरों से मुश्किल में किसान, सरकार से भारी नाराज़गी
    11 Feb 2022
    पूरे राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी, बढ़ती खेती लागत के साथ ही पहाड़ों में जंगली जानवरों का प्रकोप और लगातार बंजर होती खेती की ज़मीन जैसे तमाम मुद्दे लिए अहम हैं, जिन्हें इस सरकार ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License