NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार: 81 लाख से अधिक बाढ़ पीड़ितों के लिए मात्र 6 राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है
वाम दलों सहित विपक्षी पार्टियों और कार्यकर्ताओं ने बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुँचाने को लेकर राज्य सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाये हैं।
मो. इमरान खान
21 Aug 2020
ad

पटना: यह सुनकर कोई भी हैरत में पड़ सकता है लेकिन सच्चाई यही है कि बिहार में 80 लाख से अधिक बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मात्र छह राहत शिविर ही काम कर रहे हैं।

वाम दलों के साथ-साथ अन्य विपक्षी पार्टियों और कार्यकर्ताओं ने राज्य भर में 16 बाढ़-प्रभावित जिलों में बाढ़ पीड़ितों को राहत मुहैय्या कराने को लेकर राज्य सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े किये हैं।

राज्य आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के हिसाब से बाढ़ से कुल (81 लाख) 81,67,671 लोग प्रभावित हैं। लेकिन यहाँ पर मात्र छह राहत शिविर ही चलाए जा रहे हैं, जिनमें 5,198 बाढ़ पीड़ित रह रहे हैं। आधिकारिक आँकड़े उन दसियों हजार बाढ़ पीड़ितों की खोज-खबर को लेकर पूरी तरह से खामोश हैं, जिनके घरों और गाँवों में बाढ़ का पानी घुस जाने के बाद से उन्हें अपने स्थानों को छोड़कर विस्थापन का दर्द भोगना पड़ रहा है।

आधिकारिक आँकड़े में दर्शाया गया था कि 4 अगस्त तक यहाँ पर 17 बाढ़ राहत शिविर चल रहे थे। लेकिन विभाग ने अपने 5 अगस्त के अपडेट में मात्र 8 राहत शिविरों का ही उल्लेख किया है, जिसमें कुल 12,202 बाढ़ पीड़ितों की मौजूदगी को ही दर्ज किया गया था।

हालाँकि बढती महामारी की चिंताजनक की खबरों के बीच बिहार में कोरोनावायरस के 1,12,759 मामले दर्ज किये गए हैं। इस बीच हजारों की तादाद में बाढ़ पीड़ितों ने ऊँचे तटबंधों, राष्ट्रीय राजमार्गों और सरकारी स्कूलों में जाकर आसरा ले रखा है। पिछले महीने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्रामीण इलाकों में वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सम्बंधित अधिकारीयों से बाढ़ पीड़ितों का परीक्षण करने और उनमें कोविड-19 का पता लगाने के सन्दर्भ में आदेश दिए थे। 

विभाग के अनुसार सरकार ने अब तक कुल 5,50,792 लोगों को गाँवों से सुरक्षित निकाला है। बाढ़ के चलते आई भयंकर तबाही के मद्देनजर, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की लगभग 27 टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। इस बीच बाढ़ के चलते कम से कम 25 मौतें हो चुकी हैं।

इस सन्दर्भ में सीपीआई(एम) के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने कहा कि इतनी कम संख्या में सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविरों के इंतजाम को देखते हुए आम लोगों के दुःख-दर्द के प्रति कितनी चिंता है, की पोल पूरी तरह से खुल चुकी है। “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार के अपने आंकड़ों में तकरीबन 130 ब्लाक और 1,317 पंचायतें बाढ़ प्रभावित हैं, लेकिन इस सबके लिए मात्र आधा दर्जन ही राहत शिविर हैं। एक असंवेदनशील सरकार का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है।”

सीपीआई(एमएल) नेता धीरेन्द्र झा के अनुसार नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ऐन-केन-प्रकारेण अक्टूबर-नवम्बर में बिहार विधानसभा चुनाव कराने पर आमादा है, और उसे बाढ़ पीड़ितों की कोई चिंता नहीं है। “आज के दिन सैकड़ों राहत शिविरों की जरूरत है, ताकि आमजन को सुरक्षित रखने और उनके लिए भोजन की समुचित व्यवस्था की जा सके। लेकिन सरकार चुनावों की तैयारी में पूरी तरह से मगन है, और बाढ़ पीड़ितों को जिन्दा रहने के लिए संघर्ष करने और अपनी देखभाल खुद से करने के लिए छोड़ दिया है।”

झा का कहना है कि कोरोनावायरस के बीच में ही बाढ़ आपदा को देखते हुए, उनकी पार्टी की मांग है कि सरकार राहत के तौर पर तत्काल 25,000 रूपये, भोजन के सूखे पैकेट और पीने के पानी को सभी बाढ़ प्रभावित गाँवों के परिवारों के बीच वितरित करे। इसके साथ ही मवेशियों के लिए उचित मात्रा में चारे की आपूर्ति और ऊँचे इलाकों में जिन लोगों ने शरण ले रखी है उनके लिए नावों की व्यवस्था की जाए।

वहीँ कांग्रेस विधायक शकील अहमद के अनुसार “मैं दिन-रात बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटा हूँ और उनके दुःख-दर्द को कम से कम करने के लिए भरसक प्रयत्न कर रहा हूँ।”

आरजेडी नेता रामानुजन प्रसाद ने दावा किया कि सीएम नीतीश कुमार का सारा ध्यान इस समय बाढ़ पीड़ितों के बजाय आगामी चुनावों पर लगा हुआ है। “सरकारी दावों के विपरीत बाढ़ पीड़ित लगातार राहत सामग्री, पीने के पानी, नावों की कमी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।”

पर्यावरण कार्यकर्त्ता रंजीव कहते हैं कि इस साल के अंत तक विधान सभा चुनाव होने तय हैं, और ऐसे में सरकार ने मतदाताओं को लुभाने की रणनीति के तहत बाढ़-प्रभावित परिवारों के लिए 6,000 रूपये के प्रावधान की घोषणा करने जा रही है। उनके अनुसार “सरकार के लिए भी सालाना बाढ़ से निपटने के लिए कुछ ठोस काम करने के बजाय इस प्रकार से एक राशि वितरित कर देना काफी आसान काम है।”

 

Bihar flood
bihar flood shelter home
only six shelter home on bihar flood
opposition on bihar flood

Related Stories

बिहार: बाढ़़ प्रभावित इलाकों में कैसे होगा पंचायत का चुनाव; कैसी हैं चुनाव आयोग की तैयारियां

भड़काऊ भाषण के आरोप में गोपाल शर्मा की गिरफ़्तारी, बिहार में बाढ़ पीड़ितों का जीवन और अन्य ख़बरें

बिहार : न खाद्यान्न और न ईंधन उपलब्ध, छतों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ज़िंदा रहने का संघर्ष करते बाढ़ पीड़ित

वैक्सीन नीति पर बीजेपी के दावों का तथ्य, बिहार में बाढ़ से हज़ारों बेघर और अन्य ख़बरें

बिहार:  बाढ़ ने कर दिया बर्बाद, हज़ारों लोग बेघर, फ़सलें तबाह, नाव हादसों में भी मर रहे हैं लोग

बिहार में बहार नहीं बाढ़ है

कार्टून क्लिक : ठीके तो है बिहार, क्यों करें विचार!

पटना में जल-जमाव से फ़ैल रही हैं बीमारियां लेकिन जारी है राजनीति  

पानी में डूबे पटना की आँखों देखी कहानी

बिहार में बाढ़: आपदाओं के प्रबंधन में नीतीश सरकार लाचार क्यों नज़र आती है?


बाकी खबरें

  • Sitaram Yechury
    संदीप चक्रवर्ती
    स्वतंत्रता दिवस को कमज़ोर करने एवं हिंदू राष्ट्र को नए सिरे से आगे बढ़ाने की संघ परिवार की योजना को विफल करें: येचुरी 
    25 Feb 2022
    माकपा महासचिव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का “फोकस 5 अगस्त को देश की वास्तविक स्वतंत्रता की तारीख के रूप में बढ़ावा देने पर है।"  
  • russia ukrain
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम
    25 Feb 2022
    यूरोपीय संघ रूस पर और आर्थिक एवं वित्तीय प्रतिबंध लगाने को सहमत। तो वहीं संयुक्त राष्ट्र ने यूक्रेन में मानवीय सहायता के लिए दो करोड़ डॉलर देने की घोषणा की।
  • ASHA Workers
    अनिल अंशुमन
    बिहार : आशा वर्कर्स 11 मार्च को विधानसभा के बाहर करेंगी प्रदर्शन
    25 Feb 2022
    आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार सरकार हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने में भी टाल मटोल कर रही है। कार्यकर्ताओं ने ‘भूखे रहकर अब और नहीं करेंगी बेगारी’ का ऐलान किया है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 13 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 302 मरीज़ों की मौत
    25 Feb 2022
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 28 लाख 94 हज़ार 345 हो गयी है।
  • up elections
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : अयोध्या के प्रस्तावित  सौंदर्यीकरण में छोटे व्यापारियों की नहीं है कोई जगह
    25 Feb 2022
    अयोध्या के व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित लेआउट के परिणामस्वरूप दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़े पैमाने पर ध्वस्त या उन दुकानों का ज़्यादातर हिस्सा तोड़ दिया जाएगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License