NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार चुनाव: आवाजाही के लिए नावों पर निर्भर खगड़िया की जनता
हालांकि सीएम नीतीश कुमार राज्य में सुशासन लाने के लिए अपनी पीठ थपथपाते नहीं थकते हैं, लेकिन खगड़िया में हर चुनाव रैली के बाद सिर्फ धूल उड़ती नज़र आती है, जो पक्की सड़कों और बुनियादी ढांचे के वादों की याद भर दिलाती है।
सौरव कुमार
02 Nov 2020
Translated by महेश कुमार
एनएच -31 से खगड़िया में प्रवेश
एनएच -31 से खगड़िया में प्रवेश

चुनाव आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन खगड़िया की ग्रामीण जनता की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जाती हैं जिनका कहीं अंत नज़र नहीं आता हैं। 3 नवंबर को बिहार में दूसरे चरण के मतदान हैं, मतदाताओं को अभी उन सभी राजनेताओं से बहुत अधिक उम्मीद नहीं है जो किए गए वादों पर केवल बुदबुदाते हैं।

हालांकि सीएम नीतीश कुमार राज्य में सुशासन लाने के लिए अपनी पीठ थपथपाते नहीं थकते हैं, लेकिन खगड़िया में हर चुनाव रैली के बाद सिर्फ धूल उड़ती नज़र आती है, जो पक्की सड़कों और बुनियादी ढांचे के वादों की याद भर दिलाती है। खगड़िया की सीमा बेगूसराय से लगती है  वहां की जीर्ण-शीर्ण सड़कें, आधे-अधूरे पुल सरकार की उदासीनता की कहानी को बयान करते हैं। पटना से पूर्वी दिशा की तरफ लगभग 156 किलोमीटर दूर,राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के साथ लगा दुर्गापुर गाँव गड्ढों से भरा हुआ है, और हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की 2018 रिपोर्ट में दर्ज़ पाया गया कि बिहार की सड़के सबसे खराब स्थिति में हैं और इसलिए राज्य का दशा बहुत खराब है। यह सब सीएम के दावों के खिलाफ जाता है क्योंकि बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि 2015-16 के बाद से (खासकर नीतीश कुमार के सीएम बनने के बाद) सड़कों के निर्माण की प्रगति राज्य में सबसे कम तथा धीमी रही है।

2011 की जनगणना के अनुसार मुंगेर डिवीजन के हिस्से के तौर पर खगड़िया जिला बिहार की सबसे कम आबादी वाले जिलों में से एक है। इस ज़िले से पाँच प्रमुख नदियां- गंगा, गंडक, बागमती, कमला बलान और कोसी गुजरती हैं और हर वर्ष बाढ़ आती है और तबाही का खतरा बना रहता है।

ऐसा माना जाता है कि सम्राट अकबर के समय में, तब के राजस्व मंत्री राजा टोडरमल को पूरे इलाके का सर्वेक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन दुर्गम/कठिन इलाकों, नदियों और घने जंगलों के कारण वे ऐसा करने में असफल रहे। आज भी, लोग इस क्षेत्र में सरलता के साथ आना-जाना नहीं कर पाते हैं, क्योंकि अधिकतर आबादी नावों पर निर्भर हैं। प्लास्टिक की बोरियों में सब्जियां,जलाने वाली लकड़ियां, बाइक पर दूध के टैंकर लिए यात्री नाव के इंतज़ार में यहाँ खड़े देखे जा सकते हैं जो एक अकेली नाव के आने का इंतज़ार कर रहे होते हैं जो उन्हें मथार या आस-पास के इलाकों तक पहुंचाती हैं।

नावों का इंतज़ार करते यात्री

सोनबरसा गांव के अभिनव कुमार (26), जो नौकरी के लिए एक सरकारी इम्तिहान में बैठने के इच्छुक हैं, ने न्यूज़क्लिक को बताया कि स्थानीय प्रशासन से अनुरोध करने के बावजूद, समस्या ज्यों-की-त्यों बनी हुई है। उन्होंने कहा कि रहीमपुर मध्य पंचायत के बीच से और दुर्गापुर के पीछे से बहने वाली गंगा की छोटी सहायक नदी पर किसी भी तरह का पुल नहीं बनाया गया है।

गंगा की सहायक नदी पर बना एक अधूरा पुल

पेशे से टेम्पो चालक फिरोज यादव (44) अक्सर नदी तट के दूसरी ओर स्थित अपने पैतृक गांव जाते है। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण कई साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन इसे आधे में ही  छोड़ दिया गया और अभी तक भी पूरा नहीं बनाया गया है।

मथार में रहने वाले उन लोगों के लिए सड़क/पुल संपर्क का न होना एक अभिशाप बन गया है जहाँ की आबादी करीब 30,000 है। यादव ने कहा कि आज भी, गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को नदी के इस किनारे लकड़ी के बिस्तर पर अस्पताल ले जाया जाता है।

बिहार में मुसहर समुदाय की बेहतरी के लिए काम कर रहे संजीव कुमार उर्फ संजीव डोम ने न्यूज़क्लिक को बताया कि अलौली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोडरा गाँव ने 2019 में हुए लोकसभा चुनावों का बहिष्कार किया था, यह बहिष्कार अलौली विधानसभा क्षेत्र में सड़क, पुलों, स्कूलों और अस्पतालों का निर्माण न होने के खिलाफ किया गया था। गाँव वासियों के  नदी पार करने के लिए एक चचरी पुल (बांस-लकड़ी का पुल) भी नहीं बनाया गया है।

खगड़िया जिले में चार विधानसभा सीटें पड़ती हैं। इनमें से, खगड़िया, बेलदौर और परबत्ता में जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक हैं, जबकि अलौली में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का विधायक जीता था। यह इलाका अपनी बड़ी प्रवासी आबादी के लिए जाना जाता है और अति पिछड़े वर्गों (ईबीसी) के लिए भी जाना जाता है, नीतीश कुमार के सत्तारूढ़ जद (यू) क वोट का मूल आधार, यादव विरोधी वोटों का जमावड़ा है। विशेषज्ञों और जानकारों का कहना है कि इस बार लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) जद (यू) की संभावनाओं के लिए खतरा बन रही है।

सौरव कुमार बिहार के एक स्वतंत्र पत्रकार हैं।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-

Bihar Polls: Years of Apathy Keep Khagaria Residents Dependent on Boats for Transport

Bihar Polls
Khagaria District
Beldaur
Parbatta
Alauli
JD-U
Bihar Mahagathbandhan
LJP
EBCs
Yadavs
Nitish Kumar

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : सरकारी प्राइमरी स्कूलों के 1.10 करोड़ बच्चों के पास किताबें नहीं

बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर

बिहारः मुज़फ़्फ़रपुर में अब डायरिया से 300 से अधिक बच्चे बीमार, शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती

कहीं 'खुल' तो नहीं गया बिहार का डबल इंजन...

बिहार: नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने समान नागरिक संहिता का किया विरोध

बिहार में 1573 करोड़ रुपये का धान घोटाला, जिसके पास मिल नहीं उसे भी दिया धान


बाकी खबरें

  • Gujarat Riots
    बादल सरोज
    गुजरात दंगों की बीसवीं बरसी भूलने के ख़तरे अनेक
    05 Mar 2022
    इस चुनिन्दा विस्मृति के पीछे उन घपलों, घोटालों, साजिशों, चालबाजियों, न्याय प्रबंधन की तिकड़मों की याद दिलाने से बचना है जिनके जरिये इन दंगों के असली मुजरिमों को बचाया गया था।
  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License