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अर्जेंटीनाः अभिजात्य वर्ग पर टैक्स लगाने वाले बिल पर सीनेट में होगी चर्चा
अर्जेंटीना के चैंबर ऑफ डेप्युटी ने उस बिल को पारित कर दिया जिसमें अभिजात्य वर्ग पर टैक्स लगाकर सार्वजनिक स्वास्थ्य और उत्पादक परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए 307 बिलियन पेसो को संग्रह करने का प्रावधान है।
पीपल्स डिस्पैच
20 Nov 2020
अर्जेंटीना

COVID-19 महामारी के चलते गहराए आर्थिक संकट के बीच अर्जेंटीना ने सबसे कमज़ोर सेक्टरों को राहत देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया। बुधवार 18 नवंबर को चैंबर ऑफ डेप्युटी ने सत्तारूढ़ पार्टी गठबंधन फ्रेंटे डे टोडोस द्वारा प्रस्तावित लार्ज फॉर्च्यून्स बिल के सॉलिडरिटी एंड एक्स्ट्राऑर्डिनरी को मंजूरी दे दी।

बिल के पक्ष में 133 वोट पड़े जबकि 115 सदस्यों ने इसका विरोध किया और 2 सदस्यों ने वोट नहीं डाला। मंगलवार 24 नवंबर को सीनेट की बजट और वित्त समिति में इस पर चर्चा की जाएगी जहां आसानी से पारित होने की उम्मीद है क्योंकि 72 सीटों में से 41 सीटों के साथ फ्रेंटे डे टोडोस के पास स्पष्ट बहुमत है।

एक बार इस क़ानून पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद सरकार उन लोगों पर कर लगाकर 300 बिलियन से अधिक पेसो का संग्रह करने में सक्षम हो जाएगी जिनके पास अर्जेंटीना के 200 मिलियन पेसोस की संपत्ति है। इस क़ानून का टैक्स बेस अर्जेंटीना के सबसे धनी करोड़पतियों में से लगभग दस हजार है जिनकी संख्या 0.02% है।

संग्रह किए गए धन को विभिन्न क्षेत्रों में उन क्षेत्रों और लोगों का सहयोग करने के लिए प्राथमिकता के साथ आवंटित किया जाएगा जो आर्थिक संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इसमें स्वास्थ्य आपूर्ति खरीदना, छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों को सब्सिडी और ऋण प्रदान करना, ग़रीब पड़ोसी के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करना और ऐसे पड़ोस के लोगों को काम पर रखना, वाईपीएफ (अर्जेंटीना की सरकारी ऊर्जा कंपनी) की उत्पादक क्षमता को मज़बूत करना और प्लान प्रोग्रेसर को वित्त देना जो युवाओं और कमज़ोर लोगों को उनकी पढ़ाई में सहयोग करने के लिए ऋण देता है।

इस बिल के चलते अर्जेंटीना के आर्थिक और व्यवसायिक अभिजात्य वर्गों में नाराज़गी है और कुछ लोगों ने तो मैक्रो बैंक के जॉर्ज ब्रिटो जैसे "राजकोषीय विद्रोह" की चेतावनी दी है। विशेष रूप से चैंबर ऑफ डेप्युटीज में दक्षिणपंथी गठबंधन टूगेदर फॉर चेंज (जुंटोस पोर एल कंबियो) ने इस बिल के विरोध में वोट किया। इस गठबंधन का नेतृत्व पहले पूर्व राष्ट्रपति मौरिसियो मैक्री ने किया था।

अर्जेंटीना पिछले 4 वर्षों से एक गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। दक्षिणपंथी राष्ट्रपति मौरिसियो मैक्री के अधीन नवउदारवादी नीतियों को लागू किया गया जिसमें सार्वजनिक खर्च और सामाजिक कार्यक्रमों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 45 बिलियन डॉलर के अत्यधिक विवादास्पद ऋण के चलते विदेशी ऋण के संचय में भारी कटौती देखी गई। मैक्री के सत्ता के अंत तक 40% आबादी ग़रीबी रेखा से नीचे रह रही थी और अर्जेंटीना का विदेशी ऋण 40% बढ़ गया था।

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