NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
शिखर अग्रवाल प्रकरण में इंस्पेक्टर सुबोध की पत्नी का सवाल: क्या दूसरा विकास दुबे पैदा करनी चाहती है भाजपा सरकार?
इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की पत्नी ने भाजपा सरकार से प्रश्न किया है कि क्या अपराधियों को बढ़ावा देकर वह दूसरा विकास दुबे पैदा करना चाहते हैं? शहीद इंस्पेक्टर की पत्नी ने कहा की “यह तो वही बात हो गई 100 ख़ून माफ़ हैं, भाजपा का टिकट ले लीजिए।”
असद रिज़वी
19 Jul 2020
शिखर अग्रवाल प्रकरण

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बुलंदशहर के अध्यक्ष ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के आरोपी को सम्मानित किया है। इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या के आरोपी शिखर अग्रवाल को “प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना जागरूकता अभियान” का महामंत्री बनाया गया है। हालाँकि आलोचना होने के बाद भाजपा का कहना की उसका इस संस्था से कोई सम्बंध नहीं है। जबकि संस्था के लेटर हेड पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह समेत छह मंत्रियों के नाम लिखे हैं।

पार्टी की बुलंदशहर इकाई के अध्यक्ष अनिल सिसोदिया 14 जुलाई को प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना जागरूकता अभियान नामक संस्था के एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। संस्था का दावा है की वह केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का देश भर में प्रचार करती है और पार्टी के वरिष्ठ नेता और कई केंद्रीय मंत्री उसके मार्गदर्शन  मण्डल के सदस्य हैं।

प्राप्त समाचार के अनुसार कार्यक्रम के समापन पर संस्था के नये पदाधिकारियों को सम्मानित कर उनको प्रमाणपत्र दिए गए। संस्था द्वारा इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के आरोपी शिखर अग्रवाल को बुलंदशहर इकाई का महामंत्री बनाया गया। जिसका प्रमाणपत्र उसको भाजपा के बुलंदशहर के अध्यक्ष अनिल सिसोदिया स्वयं अपने हाथ से दिया।

शिखर अग्रवाल की तस्वीर भाजपा अध्यक्ष के साथ सामने आने से पार्टी की निंदा शुरू हो गई। क्योंकि बुलंदशहर में 3 दिसंबर 2018 को कथित गौ हत्या के बाद हुई हिंसा में शिखर अग्रवाल का नाम सामने आया। हिंसा के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के एक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या की साज़िश का आरोप शिखर अग्रवाल पर लगा था। बता दें कि पुलिस ने बताया था कि सुबोध कुमार की लाश एक खेत में गाड़ी से लटकती मिली थी और उनके शरीर के कुछ अंग काट दिये गए थे और उनको गोली भी मारी गई थी।

शिखर अग्रवाल उस समय बीजेपी के युवा मोर्चा का सदस्य था, और हिंसा के बाद वह फ़रार हो गया था। हालाँकि पार्टी ने बाद में उसको निकल दिया। एक महीने से ज़्यादा फ़रार रहने के बाद 10 जनवरी, 2019 को वह हापुड़ ज़िले में पुलिस के हाथ लगा। पुलिस ने गिरफ़्तारी कर उसको अदालत में पेश किया और फिर वह जेल चला गया।

लेकिन अगस्त 2019 में शिखर अग्रवाल को इस मामले में ज़मानत मिल गई और वह रिहा हो गया। रिहाई के वक़्त उसको जेल से लेने आए लोग, उसको फूलों की माला पहना कर और “जय श्रीराम और वन्दे मातरम्” के नारे लगाते हुए उसके घर तक ले गए थे। जिस पर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिवार ने दुःख भी जताया था।

लेकिन शिखर अग्रवाल को सम्मानित करने पर घिरी भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना जागरूकता अभियान नामक संस्था से उसका कोई लेना देना नहीं है। बुलंदशहर भाजपा अध्यक्ष अनिल ससोदिया का कहना है की वह केवल फ़ोन पर मिले निमंत्रण पर कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। ससोदिया का कहना है कि उनको अब मालूम हुआ की वहाँ शिखर अग्रवाल नाम के किसी व्यक्ति को भी सम्मानित किया गया था। प्रमाण पत्र दिया गया था। जबकि स्थानीय मीडिया से शिखर अग्रवाल ने कहा है कि उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए पार्टी ने उसे यह पद दिया है।

भाजपा का कहना है की प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना जागरूकता अभियान से पार्टी और सरकार का कोई सम्बंध नहीं है। जबकि उसके लेटर हेड पर सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो और सरकार का नारा “सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास” लिखा है। इसके नीचे लिखा है- केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक ऐसा अभियान जो प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना एवं जागरूक कराना है। यही नहीं इसके मार्गदर्शक मंडल में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छह केंद्रीय मंत्रियों के नाम लिखे हैं। सबसे पहले राष्ट्रीय उपाध्याय श्याम जाजू, उनके नीचे केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र तोमर, मंत्री श्रीपद सिंह, केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम है।

IMG_8187.jpg

जब इस मामले में प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना जागरूकता अभियान के अध्यक्ष प्रियतम कुमार से सम्पर्क किया तो उनका फ़ोन व्यस्त था। बाद में उन्होंने फ़ोन बंद कर दिया। लेटर हेड पर संस्था का एक कार्यालय बाबर रोड दिल्ली और दूसरा कार्यालय अंसारी रोड बुलंदशहर में अंकित है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह कहते हैं की बड़े अफ़सोस की बात है कि हत्या के आरोपियों को सम्मानित किया जा रहा है और उनको संस्थाओ में पद दिए जा रहे हैं। न्यूज़क्लिक से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और उनके परिवार में साथ हैं। उन्होंने कहा की उनको जब यह समाचार मिला कि इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या की साज़िश करने वालों को सम्मानित किया गया है, तो उनको बहुत मायूसी हुई।

राजनीति के जानकार मानते हैं कि अपने को बचाने के लिए भाजपा अब कह रही है कि संस्था का उनसे कोई सम्बंध नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार शरद प्रधान का कहना है कि अगर भाजपा और शिखर अग्रवाल को सम्मानित करने वाली संस्था में कोई सम्बंध नहीं है, तो बुलंदशहर के भाजपा अध्यक्ष ने लेटर हेड पर लिखे पार्टी के वरिष्ठ नेताओ के नाम पर आपत्ति क्यूँ नहीं की थी। उन्होंने कहा इससे ज़्यादा शर्मनाक और क्या होगा की एक पुलिस अधिकारी की हत्या के आरोपी को सत्ता पक्ष का नेता सम्मान दे रहे हैं।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए शरत प्रधान ने कहा कि संप्रदायिकता को बढ़ावा देने वालों को हमेशा से भाजपा में सम्मान और पद मिला है और शिखर अग्रवाल का सम्मान इसी की एक कड़ी है।

इस मामले में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की पत्नी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की पत्नी ने भाजपा सरकार से प्रश्न किया है कि क्या अपराधियों को बढ़ावा देकर वह दूसरा विकास दुबे पैदा करना चाहते हैं? शहीद इंस्पेक्टर की पत्नी ने कहा की “यह तो वही बात हो गई 100 ख़ून माफ़ हैं, भाजपा का टिकट ले लीजिए।”

bulandshahar
murder case
PM's schemes
Narendra modi
BJP
Prime Minister public welfare scheme awareness campaign

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License