NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
CAA-NRC : सरकार की बेचैनी और पुलिस के दमन के बीच लगातार बढ़ता विरोध
जहाँ एक तरफ़ दिल्ली पुलिस शाहीन बाग़ के प्रदर्शन को ख़त्म करने की कोशिश में लगी हुई है, वहीं दूसरी तरफ़ दिल्ली के कई इलाक़े शाहीन बाग़ गए हैं। दमन की कोशिश जारी रखते हुए दिल्ली पुलिस ने मंगलवार रात खुरेजी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों के टेंट उखाड़ दिये।
मुकुंद झा
15 Jan 2020
khureji protest
पुलिस हमले से पहले खुरेजी प्रदर्शन की तश्वीर

नागरिकता क़ानून को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, और लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में सरकार ने दिल्ली के शाहीन बाग़ के प्रदर्शन को हटाने की कोशिश तेज़ कर दी है लेकिन दिल्ली सहित देश में कई शाहीन बाग़ बन गए हैं। 

ऐसा ही एक इलाक़ा पूर्वी दिल्ली का खुरेजी है जहाँ महिला, बच्चे और नौजवान दिन रात सड़क पर हैं, और नागरिकता क़ानून, एनआरसी का विरोध कर रहे हैं। शाहीन बाग़ की तरह ही इस प्रदर्शन का भी नेतृत्व मुख्यत: महिलाएं कर रहीं हैं। यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन सोमवार से और भी तेज़ हो गया है। 

मंगलवार रात को यहाँ महिलाओं, बच्चों समेत हज़ार से अधिक लोग एक स्थानीय पार्क में एकत्र हुए। यह लोग ‘आज़ादी', 'इंक़लाब ज़िंदाबाद’, ‘आवाज़ दो, हम एक हैं’ के नारे लगा रहे थे। इसके साथ ही नागरिकों ने कविता, गीत नारों से अपना विरोध प्रदर्शन जताया। 

प्रदर्शनकारी कह रहे थे, "हम काग़ज़ नहीं दिखाएंगे!" 

इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में मंगलवार देर रात दिल्ली पुलिस की ज़बरदस्ती की एक घटना देखने को मिली। लोगों ने बताया है कि देर रात ढाई बजे पुलिस ने प्रदर्शन के लिए लगाए गए टेंट उखाड़ दिये।

khureji protest.PNG

(पुलिस हमले के बाद खुरेजी धरना स्थल की तस्वीर )

प्रदर्शनकारी और प्रत्यक्षदर्शी सदफ़ ख़ान ने  न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "किसी को दिक़्क़त न हो इसके लिए हमने रात को साउंड बंद कर दिए थे, हम शांति से नारे लगा रहे थे। ऐसा कुछ भी नहीं था कि पुलिस इस तरह की कार्रवाई करे। पुलिस की संख्या अचानक बढ़ने लगी तो हमने साथियों से पूछा कि क्या हो रहा है तो उन्होंने कहा कि वो हमसे बात करने आए हैं। लेकिन अचानक सभी लाइटें बंद कर दी गईं। यह घटना क़रीब ढाई बजे की है। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को कहा आप लोग दो दिनों से यहाँ बैठे है और अब आप लोग चले जाइये। पुलिस से बातचीत चल ही रही थी तभी पुलिस के कुछ लोगों ने हमारा टेंट गिरा दिया और और उसे फाड़ दिया। लेकिन हम इससे घबराए नहीं बल्कि उसके तुरंत बाद हमने फिर से तंबू गाड़ा और धरने पर बैठ गए।"

प्रदर्शनकारियों ने इसे दिल्ली पुलिस की ज़ालिमाना कार्रवाई कहा और आरोप लगाया कि पुलिस ने लोगों का टेंट गिराया है। इसको लेकर एक प्रदर्शनकारी ने फ़ेसबुक लाइव किया जिसमें वो लगातार पुलिस अधिकारियों से कह रहे हैं कि आप ने ग़लत किया आप ऐसा नहीं कर सकते हैं। जबकि पुलिसवाले कह रहे हैं हमने कुछ नहीं किया है।

पूरा लाइव यहाँ देखिए

खुरेजी के एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, ‘‘मैं कल भी आया था और आज भी। हमारी मांग है कि सरकार सीएए को रद्द करे और एनआरसी के विचार को त्याग दे।’’

नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ हो रहा यह आंदोलन अब सिर्फ शाहीन बाग़, जामिया या फिर खुरेजी तक सीमित नहीं है। दिल्ली के अन्य इलाक़ों में भी इसका असर दिख रहा है। जब पुलिस खुरेजी में दमन की कार्रवाई कर रही थी उसी समय उससे कुछ दूरी पर शास्त्री पार्क की लालबत्ती पर भी लोग छोटा सा त्रिपाल लगाकर धरने पर बैठे थे।  वहाँ भी उसी तरह सीएए और एनआरसी विरोधी नारे लगाए जा रहे थे। शास्त्री पार्क का प्रदर्शन भी बिल्कुल शांति से चल रहा था लेकिन बुधवार सुबह क़रीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने लोगो को वहाँ से हटा दिया। इस दौरान पुलिस ने कुछ लोगो को हिरासत में भी लिया है।

6ac2fd56-0e28-478f-abee-06983af5bea8.jpg

(दिल्ली के शास्त्री पार्क की मंगलवार रात की तस्वीर) 

इसी तरह से लोग दिल्ली के तुर्कमान गेट पर भी सैंकड़ों की संख्या में लोग सड़क पर रात भर बैठकर अपना शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।पुलिस यहाँ भी लोगों को हटाने की कोशिश कर रही है लेकिन प्रदर्शनकारी अब भी डटे हुए हैं।

turkman gate.jpg

(दिल्ली के तुर्कमान गेट की मंगलवार रात की तस्वीर)

इस तरह पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर में भी महिलाएँ लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही हैं। इन सभी आंदोलनों की एक ख़ासियत है कि यह सभी अनुशासित और पूर्ण रूप से शांतिपूर्ण है। इसलिए पुलिस को भी इन्हें हटाने से पहले कई बार सोचना पड़ रहा है। इसीलिए पुलिस कोई भी कार्रवाई करने के लाइट बंद करने जैसी हरकतें कर रही है।

इसके साथ ही इन सभी आंदोलनों में बड़ी संख्या में आम लोगों की हाज़िरी है। और सभी आंदोलनों का नेतृत्व महिलाएँ कर रही हैं। प्रदर्शन में शामिल सारा  जावेद चावला जो सेंट्रल दिल्ली में रहती है लेकिन कुछ दिनों से खुरेजी में ही इस पुरे आंदोलन का हिस्सा बनी हैं।  

सेंट्रल दिल्ली में रहने वाली सारा जावेद चावला खुरेजी के प्रदर्शन में लगातार शामिल हो रही हैं। उन्होंने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "यह देश एक पितृसत्तामक देश है और यहाँ अगर इंक़लाब आएगा तो महिलाओं की बदौलत ही आएगा।"

सारा जावेद चावला की न्यूज़क्लिक से पूरी बातचीत सुनिए

सरकार की साज़िश और पुलिस के दमन के बावजूद नागरिकता क़ानून का विरोध देश भर में शांतिपूर्ण तरीक़े से जारी है। देश की जनता लगातार यह संदेश दे रही है कि जब तक सरकार इस क़ानून को वापस नहीं लेगी, जनता पीछे हटने वाली नहीं है।

 

KhurejiProtest
ShaheenBagh
Khureji
CAA
NPR
NRC
Delhi
delhi police

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर


बाकी खबरें

  • Sitaram Yechury
    संदीप चक्रवर्ती
    स्वतंत्रता दिवस को कमज़ोर करने एवं हिंदू राष्ट्र को नए सिरे से आगे बढ़ाने की संघ परिवार की योजना को विफल करें: येचुरी 
    25 Feb 2022
    माकपा महासचिव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का “फोकस 5 अगस्त को देश की वास्तविक स्वतंत्रता की तारीख के रूप में बढ़ावा देने पर है।"  
  • russia ukrain
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम
    25 Feb 2022
    यूरोपीय संघ रूस पर और आर्थिक एवं वित्तीय प्रतिबंध लगाने को सहमत। तो वहीं संयुक्त राष्ट्र ने यूक्रेन में मानवीय सहायता के लिए दो करोड़ डॉलर देने की घोषणा की।
  • ASHA Workers
    अनिल अंशुमन
    बिहार : आशा वर्कर्स 11 मार्च को विधानसभा के बाहर करेंगी प्रदर्शन
    25 Feb 2022
    आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार सरकार हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने में भी टाल मटोल कर रही है। कार्यकर्ताओं ने ‘भूखे रहकर अब और नहीं करेंगी बेगारी’ का ऐलान किया है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 13 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 302 मरीज़ों की मौत
    25 Feb 2022
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 28 लाख 94 हज़ार 345 हो गयी है।
  • up elections
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : अयोध्या के प्रस्तावित  सौंदर्यीकरण में छोटे व्यापारियों की नहीं है कोई जगह
    25 Feb 2022
    अयोध्या के व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित लेआउट के परिणामस्वरूप दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़े पैमाने पर ध्वस्त या उन दुकानों का ज़्यादातर हिस्सा तोड़ दिया जाएगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License