NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
लैटिन अमेरिका
चिली की लेफ़्ट-विंग पार्टी ने COVID -19 महामारी को लेकर खदान श्रमिकों के लिए सुरक्षा की मांग की
2,500 से अधिक खदान श्रमिक कोरोनावायरस से संक्रमित हैं और चिली में इस बीमारी से 3 श्रमिक मर चुके हैं।
पीपल्स डिस्पैच
01 Jul 2020
chili

चिली की सेंटर-लेफ्ट राजनीतिक पार्टी सोशल ग्रीन रीजनलिस्ट फेडरेशन (एफआरईवीएस) ने 30 जून को मांग की कि राष्ट्रीय सरकार खनन क्षेत्रों में COVID-19 मामलों को लेकर खदान मज़दूरों, उनके परिवारों और पड़ोसियों के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए तत्काल उपाय करे।

एफआरईवीएस ने बयान में कहा, "हम मांग करते हैं कि कम से कम अगले दो हफ्तों के लिए बड़ी सार्वजनिक और निजी खनन कंपनियों में सभी गतिविधियों को रोक दिया जाए। किसी भी क़ीमत पर संचालन बनाए रखने का व्यावसायिक तर्क ग़ैर ज़िम्मेदाराना और अदूरदर्शी है।"


पिछले हफ्ते 24 जून को सरकार के स्वामित्व वाली तांबा खनन कंपनी कॉर्पोरेसिओन डेल कोबरे (कोडेल्को) में कोरोनोवायरस से 3 खदान मज़दूरों की मौत हो गई। खनन मंत्रालय के अनुसार इसके अलावा लगभग 2,528 श्रमिक संक्रमित हैं।

अपनी नवउदारवादी और कॉर्पोरेट-समर्थक नीतियों के कारण राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा की दक्षिणपंथी सरकार ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आर्थिक गतिविधियों को बंद करने से इनकार कर दिया है। प्रकोप की शुरुआत से चिली के खान श्रमिकों को महामारी के कारण देश को प्रभावित करने वाले स्वास्थ्य और आर्थिक संकट का भार उठाने के लिए मजबूर किया गया है।


चिली दुनिया भर में तांबा के सबसे बड़े उत्पादक देशों में से एक है। कोडेल्को दुनिया के तांबे का 11% उत्पादन करता है। कुल मिलाकर खनन उद्योग चिली के सकल घरेलू उत्पाद में 10 से 15% योगदान करता है।


 

कॉपर वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष पैट्रिसियो एलुगेटा ने भी खनन कंपनियों में श्रमिकों के लिए अधिक सुरक्षा की मांग की। उन्होंने अनुरोध किया कि संक्रमित श्रमिकों की नौकरी को संरक्षित किया जाए और खदान श्रमिकों और उनके परिवारों के वायरस संक्रमण की जांच की जाए।


 

COVID-19 महामारी से चिली लैटिन अमेरिका का तीसरा सबसे प्रभावित देश है और दुनिया में सबसे अधिक प्रभावित आठवां देश है। 30 जून तक देश में कोरोनावायरस से 5,688 मौतों के साथ लगभग 279,393 मामले सामने आए हैं।


 

 


 

Photo:

https://peoplesdispatch.org/wp-content/uploads/2019/06/chuquicamata-mine-chile.jpg


 


 

 

Chile
social green party
mining in chile
mining labour of chile

Related Stories

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट

दुनिया भर की: दक्षिण अमेरिका में वाम के भविष्य की दिशा भी तय करेंगे बोरिक

2.2 करोड़ अफ़ग़ानियों को भीषण भुखमरी में धकेला अमेरिका ने, चिले में वाम की ऐतिहासिक जीत

नज़रिया : ग्रेबिएल बोरिक की जीत चिली के वामपंथ के लिए बड़ा मौक़ा

लैटिन अमेरिका दर्शा रहा है कि दक्षिणपंथी उभार स्थायी नहीं है

दुनिया भर की : चिली में वामपंथी छात्र नेता होंगे सबसे युवा राष्ट्रपति

प्रगतिशील शक्तियों ने चिली के कंस्टिट्यूशनल कन्वेंशन में अधिकांश सीटें जीतीं

नवउदारवाद चिली में पैदा हुआ था, चिली में ही नवउदारवाद का अंत होगा!

चिली के लोगों ने सेबेस्टियन पिनेरा और पुलिस के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन तेज़ किया


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 
    15 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन के बयान में अमेरिका के बढ़ते खतरे का भारत की रक्षा क्षमताओं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण असर पड़ेगा। 
  • Kashmir press club
    राज कुमार
    जम्मू-कश्मीर में मीडिया का गला घोंट रही सरकार : प्रेस काउंसिल
    15 Mar 2022
    ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सितंबर 2021 में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा था और मांग की थी कि काउंसिल एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग टीम भेजकर जम्मू-कश्मीर में…
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार ने आदिवासी समूहों की मानी मांग, केंद्र के ‘ड्रोन सर्वे’ कार्यक्रम पर लगाईं रोक
    15 Mar 2022
    ‘ड्रोन सर्वे’ और ‘ज़मीन की डिजिटल मैपिंग’ कार्यक्रम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे सभी आदिवासी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
  • अजय कुमार
    रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
    15 Mar 2022
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार चाहे तो कच्चे तेल की वजह से बढ़े हुए ख़र्च का भार ख़ुद सहन कर सकती है।
  • रौनक छाबड़ा
    ईपीएफओ ब्याज दर 4-दशक के सबसे निचले स्तर पर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल से पहले खोला मोर्चा 
    15 Mar 2022
    ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी मौजूदा ब्याज दर को 8.5% से घटाकर 8.1% करने की सिफारिश की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License