NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
चिन्मयानंद केस: पीड़िता ने सबूत के तौर पर 43 वीडियो की एक पेनड्राइव एसआईटी को सौंपी
पीड़ित छात्रा ने बताया कि चिन्मयानंद के कमरे से महत्वपूर्ण साक्ष्य हटा दिए गए हैं। लेकिन फॉरेंसिक टीम कमरे से मालिश का तेल रखने वाली दो कटोरियां, चिन्मयानंद का तौलिया, मंजन तथा साबुन आदि सील करके ले गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Sep 2019
chinmayanand
फोटो साभार:हिन्दुस्थान समाचार

शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश): भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली छात्रा ने साक्ष्य के तौर पर शुक्रवार देर शाम विशेष जांच दल (एसआईटी) को एक पेनड्राइव सौंपा जिसमें 40 से ज्यादा वीडियो हैं।

पीड़िता ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री पर आरोप लगाया है कि वह सिर्फ उसका ही नहीं बल्कि एक अन्य छात्रा का भी यौन शोषण करते थे।
वहीं चिन्मयानंद के अधिवक्ता ने सफाई देते हुये कहा कि मसाज/मालिश कराना कोई अपराध नहीं है।

एसआईटी ने शुक्रवार देर शाम तक पीड़ित छात्रा के साथ चिन्मयानंद के आवास पर पूछताछ की। वहां भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। टीम ने छात्रा की मां को पूछताछ के लिए शनिवार को बुलाया है।

पीड़िता ने शनिवार को पीटीआई-भाषा से बातचीत में बताया कि एसआईटी जब शुक्रवार को चिन्मयानंद के शयनकक्ष की जांच करने गई थी, उस समय वह उनके साथ थी। चिन्मयानंद का शयनकक्ष पूरी तरह बदल दिया गया है, पूरे कमरे में नया पेंट कराने के साथ ही कमरे को नया लुक दे दिया गया है।

छात्रा ने बताया कि चिन्मयानंद के कमरे से महत्वपूर्ण साक्ष्य हटा दिए गए हैं। लेकिन फॉरेंसिक टीम कमरे से मालिश का तेल रखने वाली दो कटोरियां, चिन्मयानंद का तौलिया, मंजन तथा साबुन आदि सील करके ले गई है।

टीम के सवालों के जवाब में पीड़ित छात्रा ने बताया कि चिन्मयानंद बीए एलएलबी की एक छात्रा का भी यौन शोषण कर रहे थे। उसने कहा, ‘‘छात्रा ने मुझे कई बार अपनी परेशानी बतायी थी।’’

पीड़िता के अनुसार एसआईटी ने चिन्मयानंद के शयनकक्ष की तलाशी के दौरान ही पीड़िता और उसके पिता से कहा था इस मामले से जुड़े जो भी साक्ष्य उनके पास हैं, उसे वे लोग शुक्रवार रात नौ बजे तक टीम को सौंप दें। इसपर पीड़िता ने शुक्रवार देर रात पुलिस लाइन स्थित एसआईटी कार्यालय पहुंचकर साक्ष्य उन्हें सौंपे।

साक्ष्यों में पीड़िता ने एक 64 जीबी की पेनड्राइव दी है जिसमें 43 से वीडियो हैं।

पीड़िता ने बताया कि दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित थाने में उसके हाथ से लिखी 12 पन्नों की शिकायत दी थी। इसके संबंध में एसआईटी ने शुक्रवार को चिन्मयानंद के आवास पर उसका बयान लिया।

छात्रा का कहना है कि एलएलएम में उसके दाखिले के बाद चिन्मयानंद ने अपने गुंडों की मदद से उसे बुलवाया। वे लोग उसे ऊपर के कमरे में छोड़ कर चले गए, इसके बाद चिन्मयानंद ने हमें नहाते हुए हमारा वीडियो दिखाया। उसके बाद से वह एक साल तक हमारा शारीरिक शोषण और बलात्कार करता रहा।

उसका कहना है कि एसआईटी को वह वीडियो बरामद करना चाहिए।

वहीं दूसरी ओर चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह का कहना है कि वीडियो में लड़की मालिश करती हुई दिख रही है। लड़की से मालिश कराना कोई अपराध तो नहीं है, तमाम स्पा केन्द्रों में लड़कियां ही मालिश करती हैं। वीडियो में ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा है कि कोई दबाव में आकर कुछ कर रहा है।

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद पर उन्हीं के कॉलेज में पढ़ने वाली एक कानून की छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल करके यौन शोषण का आरोप लगाया।

फेसबुक लाइव वीडियो में आरोप लगाने के बाद छात्रा लापता हो गई थी। इस मामले में कुछ वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया था, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया था। सात दिन बाद छात्रा राजस्थान के टोंक में मिली जिसके बाद उसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर न्यायाधीशों के समक्ष पेश किया गया। सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश पर राज्य सरकार ने मामले की पड़ताल के लिये विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जो मामले की तफ्तीश कर रहा है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Chinmayanand Rape Case
Chinmayanand
UttarPradesh
BJP
Special investigation team
sexual crimes
Sexual Harassment in University

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License