NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
सावधान! कोरोना का ख़तरा अभी टला नहीं है
दिल्ली में कोरोना से हो रही मौत और उत्तर प्रदेश में आए सीरो सर्वे की रिपोर्ट से ये बात साफ़ पता चलती है कि कोरोना का ख़तरा अभी टला नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Dec 2020
कोरोना वायरस
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार : Al Jazeera

देश में नवंबर महीने में हर दिन लगभग 42 हजार से ज्यादा कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। हर दिन लगभग 500 से अधिक लोगों ने इस संक्रमण से अपनी जान गंवाई है। देश में कोरोना के मामलों की संख्या लगभग 95 लाख हो गई है और इस महामारी से मरने वालों की संख्या अब तक 1 लाख 37 हज़ार से ज्यादा हो गई है। इसके अलावा दिल्ली में कोरोना से हो रही मौत और उत्तर प्रदेश में आए सीरो सर्वे की रिपोर्ट से ये बात साफ पता चलती है कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने 16,000 लोगों के बीच सितंबर में एक सीरोलॉजिकल सर्वे किया था। सर्वे के अनुसार, राज्य में पांच में से एक व्यक्ति के शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी को विकसित पाया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुल 16,000 नमूनों में से 3,536 में एंटीबॉडी की मौजूदगी मिली है, तो कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के 22.1 प्रतिशत लोग कोरोना के दायरे में आ चुके हैं।

ऐसे में सीरो सर्वे के आधार पर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि सितंबर महीने में ही उत्तर प्रदेश में मोटे तौर पर कुल 23 करोड़ लोगों में से करीब पांच करोड़ तक कोरोना का असर पहुंच चुका था। यह स्थिति सितंबर महीने की है और अक्टूबर, नवंबर में संक्रमण की संख्या बढ़ी होगी। जानकारों का कहना है कि वायरस के संपर्क में आने वालों की संख्या नवंबर तक कई गुना बढ़ गई होगी। हालांकि राज्य में अभी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सवा पांच लाख से ज्यादा लोग ही संक्रमित हुए हैं और साढ़े सात हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।
 
सीरो सर्वे के आधार पर हम यही कह सकते हैं कि कोरोना का खतरा टला नहीं है और टीके की अनुपस्थिति में संक्रमण से बचाव ही सर्वश्रेष्ठ तरीका है। कोरोना संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। मास्क पहनने, नियमित अंतराल पर हाथ धोने और शारीरिक दूरी बनाए रखने की जरूरत बढ़ गई है।

यही वक्त है जब सरकारों को ज्यादा ठोस ढंग से लोगों में यह बात बिठा देनी चाहिए कि इस मोड़ पर उनकी जरा सी लापरवाही अब तक के सारे किए-कराए पर पानी फेर सकती है। यह बात पहले से कही जा रही है कि चूंकि यह वायरस जाड़ों में ही आया था इसलिए सर्दी का मौसम इसके ज्यादा अनुकूल साबित हो सकता है।

वैसे राहत की भी एक खबर आई है। फिजिक्स ऑफ फ्लूइड्स जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, सार्वजनिक जगहों पर अगर 70 प्रतिशत लोग भी मास्क पहनने लगें, तो कोरोना को काबू किया जा सकता है। इस शोध ने एक बार फिर प्रमाणित किया है कि कोरोना से लड़ने में मास्क का उपयोग बहुत जरूरी है।

शोध में यह भी पता चला है कि सर्जिकल मास्क को कोरोना के खिलाफ 70 प्रतिशत कारगर पाया गया है, अगर सार्वजनिक स्थानों पर 70 प्रतिशत लोग भी सर्जिकल मास्क पहनने लगें, तो कोरोना संक्रमण को रोकने में बहुत हद तक सफलता मिल सकती है। साफ है, मास्क पहनने की आदत डाल लेने में ही सबकी भलाई है।

इस बीच आपको बता दें कि दुनिया में कोविड-19 के कहर के बीच डिक्शनरी डॉट कॉम ने सोमवार को ‘पेंडेमिक’ (महामारी) शब्द को वर्ष 2020 का शब्द घोषित किया। सारी दुनिया में कहर बरपाने वाले कोरोना वायरस संक्रमण को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ‘पेंडेमिक’ (महामारी) शब्द घोषित किया था। यह शब्द खूब चर्चित हुआ और बच्चे अपने माता-पिता से पूछने लगे कि ‘पेंडेमिक’ क्या होती है।

इस सबके चलते डिक्शनरी डॉट कॉम ने सोमवार को इस शब्द को वर्ष 2020 का शब्द घोषित किया। वरिष्ठ अनुसंधान संपादक जॉन केली ने बताया कि 11 मार्च को इंटरनेट पर इस शब्द की खोज 13,500 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई। महीने दर महीने इसकी खोज एक हजार प्रतिशत अधिक बढ़ती गई।

एक बात और कोविड-19 के संक्रमण के बारे में हम बहुत कम जानते थे। अब हम जितना अधिक इस वायरस के बारे में जानेंगे, उतना ही खुद को सुरक्षित कर पाएंगे। संक्रमण रोकने के लिए ज्यादा प्रभावी योजना बना पाएंगे और उसे क्रियान्वित कर पाएंगे। सिर्फ वैक्सीन आ जाने की बात से ही कोरोना खत्म नहीं हो जाएगा। एक बड़ी आबादी तक इसे पहुंचाने में वक्त लगेगा और जब तक ऐसा नहीं होता तब तक कोरोना संक्रमण का खतरा खत्म नहीं होगा।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Coronavirus
COVID-19
Corona in Delhi
Corona Update
Sero survey
corona vaccine

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • भाषा
    दलित किशोर की पिटाई व पैर चटवाने का वीडियो आया सामने, आठ आरोपी गिरफ्तार
    19 Apr 2022
    पुलिस के अनुसार मामले में अनुसूचित जाति जनजाति अत्यातार निवारण अधिनियम (एससी-एसटी एक्ट), 147 (उपद्रव के दोष में दो वर्ष कारावास) 149 (विधिविरुद्ध जनसमूह के किसी सदस्य द्वारा किये गये अपराध में जनसमूह…
  • एम. के. भद्रकुमार
    मारियुपोल की जंग आख़िरी पड़ाव पर
    19 Apr 2022
    शनिवार को दोनेतस्क प्रशासन के प्रमुख डेनिस पुशिलिन ने खुले तौर पर अज़ोवस्तल में छिपे हुए नव-नाज़ी उग्रवादियों के "ख़ात्मे" का आह्वान किया।
  • भाषा
    अदालत ने ईसाई महिला, डीवाईएफआई के मुस्लिम नेता के अंतरधार्मिक विवाह में हस्तक्षेप से किया इनकार
    19 Apr 2022
    न्यायमूर्ति वी जी अरुण और न्यायमूर्ति सी एस सुधा की पीठ ने महिला, ज्योत्सना मैरी जोसेफ से बातचीत करने के बाद कहा, ‘‘उसने साफ-साफ कहा कि उसने (डीवाईएफआई नेता) शेजिन से अपनी मर्जी से विवाह करने का…
  • सत्यम् तिवारी
    रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन
    19 Apr 2022
    न्यूज़क्लिक ने डाडा जलालपुर गांव का दौरा किया, दोनों पक्षों से बात की और उनसे जानने की कोशिश की कि हनुमान जयंती की उस रात क्या हुआ था? और अब क्या हालात हैं?
  • मुकुंद झा, तारिक अनवर
    प्रत्यक्षदर्शियों की ज़ुबानी कैसे जहांगीरपुरी हनुमान जयंती जुलूस ने सांप्रदायिक रंग लिया
    19 Apr 2022
    प्राथमिकी में तलवार, बेसबॉल बैट और रिवॉल्‍वर, भड़काऊ गाने बजाने और नारे लगाने का ज़िक्र नहीं है। सूत्रों के अनुसार यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि तय मार्ग का पालन क्यों नहीं किया गया। और अब जब पुलिस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License