NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कृषि
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
“बहुत दुखी हूं, पूरी रात सो नहीं पाया”
विपक्ष के आचरण से उप सभापति ‘दुखी’ होकर रात भर सो नहीं पाए और अब 24 घंटे के उपवास पर हैं। लेकिन इसका एक तीसरा पक्ष भी है, वो हैं देश के किसान। वे इन विधेयकों के ख़िलाफ़ सड़कों पर हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Sep 2020
cartoon click

यह दिलचस्प है कि 20 तारीख़ को राज्यसभा में जो कुछ हुआ उसे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया है। इसके विरोध में विपक्षी और निलंबित सांसदों ने संसद परिसर में धरना दिया तो उधर उप सभापति ‘दुखी’ होकर रात भर सो नहीं पाए और अब 24 घंटे के उपवास पर हैं।

लेकिन इसका एक तीसरा पक्ष भी है, वो हैं देश के किसान। वे इन विधेयकों के ख़िलाफ़ सड़कों पर हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा।

समाचार एजेंसी ‘भाषा’ की ख़बर के अनुसार राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने विपक्षी सदस्यों के आपत्तिजनक आचरण पर गहरी पीड़ा जताते हुए मंगलवार को घोषणा की कि वह 24 घंटे का उपवास करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जतायी कि इससे आपत्तिजनक आचरण करने वाले सदस्यों में "आत्म-शुद्धि" का भाव जागृत होगा।

हरिवंश ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को लिखे पत्र में, कृषि संबंधी दो विधेयकों के पारित होने के दौरान रविवार को सदन में हुए हंगामे का जिक्र किया और कहा, ‘‘...सदस्यों द्वारा लोकतंत्र के नाम पर हिंसक व्यवहार किया गया। आसन पर बैठे व्यक्ति को भयभीत करने की कोशिश हुयी। उच्च सदन की हर मर्यादा और व्यवस्था की धज्जियां उड़ायी गयीं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘20 सितंबर को राज्यसभा में जो कुछ भी हुआ, उससे पिछले दो दिनों से गहरी आत्मपीड़ा, आत्मतनाव और मानसिक वेदना में हूं। पूरी रात सो नहीं पाया।’’

हरिवंश ने कहा कि 20 सितंबर को उच्च सदन में जो दृष्य उत्पन्न हुआ, उससे सदन और आसन की मर्यादा को अकल्पनीय क्षति हुयी है।

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, ‘‘मेरा यह उपवास इसी भावना से प्रेरित है। बिहार की धरती पर पैदा हुए राष्‍ट्रकवि दिनकर दो बार राज्‍यसभा के सदस्‍य रहे। कल 23 सितंबर को उनकी जन्‍मतिथि है। आज यानी 22 सितंबर की सुबह से कल 23 सितंबर की सुबह तक मैं 24 घंटे का उपवास कर रहा हूं।’’

उन्‍होंने कहा है कि ‘कामकाज प्रभावित ना हो, इसलिए मैं उपवास के दौरान भी राज्‍यसभा के कामकाज में नियमित और सामान्‍य रूप से भाग लूंगा।’

उल्लेखनीय है कि रविवार को सदन में हुए हंगामे को लेकर विपक्ष के आठ सदस्यों को मौजूदा सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया था।

निलंबित किए गए सदस्यों में कांगेस के राजीव सातव, सैयद नजीर हुसैन और रिपुन बोरा, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन, माकपा के केके रागेश और इलामारम करीम व आप के संजय सिंह शामिल हैं।

इन सांसदों ने सदन की कार्यवाही और अपने निलंबन के खिलाफ संसद परिसर में गांधी मूर्ति के सामने धरना-प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन पर बैठे निलंबित सदस्यों के लिए उपसभापति हरिवंश आज सुबह अपने घर से चाय लेकर पहुंचे। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी सराहना की और उनकी ओर से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तथा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू को लिखे गए पत्र को ‘‘प्रेरक’’ करार दिया।

कुल मिलाकर ये सारी कवायद उन कानूनों के लिए है जिनकी किसानों ने कभी मांग ही नहीं की थी। वे जो एक लाइन की मांग कर रहे हैं कि एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य को सबके लिए अनिवार्य बनाया जाए, इस मांग पर सरकार कान तक नहीं धर रही है।

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
Chairman Harivansh
Rajya Sabha
M.Venkaiah Naidu
Ramnath Kovind
Narendra modi
Farm Bills
BJP
opposition parties

Related Stories

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

ब्लैक राइस की खेती से तबाह चंदौली के किसानों के ज़ख़्म पर बार-बार क्यों नमक छिड़क रहे मोदी?

आख़िर किसानों की जायज़ मांगों के आगे झुकी शिवराज सरकार

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

ग्राउंड रिपोर्टः डीज़ल-पेट्रोल की महंगी डोज से मुश्किल में पूर्वांचल के किसानों की ज़िंदगी

सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

यूपी चुनाव: पूर्वी क्षेत्र में विकल्पों की तलाश में दलित

उप्र चुनाव: उर्वरकों की कमी, एमएसपी पर 'खोखला' वादा घटा सकता है भाजपा का जनाधार

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान


बाकी खबरें

  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: क्यों नहीं हैं भारत के लोग Happy?
    28 Mar 2022
    'भारत एक मौज' के आज के एपिसोड में संजय Happiness Report पर चर्चा करेंगे के आखिर क्यों भारत का नंबर खुश रहने वाले देशों में आखिरी 10 देशों में आता है। उसके साथ ही वह फिल्म 'The Kashmir Files ' पर भी…
  • विजय विनीत
    पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर
    28 Mar 2022
    मोदी सरकार लगातार मेहनतकश तबके पर हमला कर रही है। ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती इसका ताजा उदाहरण है। इस कटौती से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सर्वाधिक नुकसान होगा। इससे पहले सरकार ने 44 श्रम कानूनों…
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट:जेलेंस्की के तेवर नरम, बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति की बात
    28 Mar 2022
    रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
  • मुकुंद झा
    देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर
    28 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
    28 Mar 2022
    "इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License