NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से ‘चीनी घुसपैठ’ संबंधी जानकारी ग़ायब होने का क्या मामला है?
रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर एक डॉक्यूमेंट अपलोड किया जिसके मुताबिक लद्दाख के कई इलाकों में चीनी अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ी हैं। यह दस्तावेज मंत्रालय की वेबसाइट पर मंगलवार को प्रकाशित किया गया था लेकिन दो दिन के भीतर ही इसे हटा दिया गया। इसे लेकर कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Aug 2020
रक्षा मंत्रालय
image courtesy : Hindustan Times

दिल्ली: कांग्रेस की युवा इकाई ने शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पूर्वी लद्दाख में ‘चीनी घुसपैठ के उल्लेख वाले दस्तावेज को रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से हटाए जाने’ के खिलाफ था।

भारतीय युवा कांग्रेस के प्रवक्ता राहुल राव के अनुसार, रक्षा मंत्रालय के इस ‘डिलीट कांड’ के खिलाफ युवा कांग्रेस दिल्ली के प्रभारी हरीश पवार जी के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ताओं ने अकबर रोड स्थित रक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। राव ने बताया कि पुलिस ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, हालांकि कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह डिलीट कांड नागरिकों के मूल अधिकारों पर हमला है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां जनता को सूचनाएं प्राप्त करने का मौलिक अधिकार प्राप्त है लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार जनता से सच छुपा रही है।’

हरीश पवार ने दावा किया, ‘राष्ट्रवाद की चाशनी में सरकार देश को गुमराह कर रही है। ये दस्तावेज हटाने से सच्चाई नहीं बदलेगी।’

क्या है मामला?

रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड उस दस्तावेज को बृहस्पतिवार को हटा लिया जिस पर आधारित एक खबर अखबार में प्रकाशित हुई। खबर के मुताबिक, जून महीने की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी सैनिकों की ‘एकतरफा आक्रामकता’ से पैदा हुए हालात संवेदनशील बने हुए हैं तथा यह गतिरोध लंबा चल सकता है।

ये दस्तावेज भारतीय रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर मंगलवार को प्रकाशित किया गया था लेकिन दो दिन के भीतर ही इसे हटा दिया गया। वेबसाइट पर अपलोड हुए ‘रक्षा विभाग की जून 2020 की बड़ी गतिविधियों’ के दस्तावेज में लिखा था कि ‘चीनी टुकड़ियों ने पूर्वी लद्दाख में अतिक्रमण किया।’ लेकिन अब यह वेबसाइट से नदारद है।

चार पन्नों के इस दस्तावेज के दूसरे पन्ने पर ‘एलएसी पर चीनी अतिक्रमण नाम से एक सब-सेक्शन था, जिसके पहले पैराग्राफ में लिखा था: 5 मई 2020 से एलएसी के पास खासतौर पर गलवान घाटी पर चीन का अतिक्रमण बढ़ा है। 17-18 मई 2020 को चीनी पक्ष ने कुगरांग नाला, गोगरा और पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे पर अतिक्रमण किया।’

दस्तावेज में लिखा था, "ये क्षेत्र लगातार संवेदनशील बना हुआ है इसलिए इस पर क़रीब से निगरानी रखने और बदलती स्थिति को देखते हुए जल्द कार्रवाई की जरूरत है।"

यह वाक्य कि लद्दाख में कई जगहों पर ‘चीनी पक्ष ने अतिक्रमण’ किया, उस भाषा के विपरीत है, जिसका उपयोग अब तक विभिन्न अवसरों पर भारत सरकार द्वारा किया गया है।

आपको बता दें कि गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हिंसक गतिरोध हुआ था, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे। इसे लेकर 19 जून को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने यह कहा था कि भारतीय सीमा में किसी ने प्रवेश नहीं किया न ही कोई भारतीय सैनिक चीन की सीमा में गया।

गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा पर जारी विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देश लगातार सैन्य वार्ताएं कर रहे हैं लेकिन अब तक इनका कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका है। अभी तक भारत और चीन में लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई थी, जो बेनतीजा रही है।

तनावग्रस्त इलाकों से सेनाओं के पीछे हटने को लेकर भी दोनों देशों के बयान अलग-अलग रहे हैं। चीनी पक्ष जहां भारतीय जमीन पर अपना दावा कर रहा है तो भारत का कहना है कि चीनी पक्ष उनके नियंत्रण वाले इलाके से दूर हटें।

सरकार पर हमलावर है कांग्रेस

इस मामले के सामने आने के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने को सरकार से सवाल किया कि रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी लद्दाख में चीन की ‘घुसपैठ’ का उल्लेख करने वाली रिपोर्ट अपनी वेबसाइट से क्यों हटाई है। दूसरी तरफ, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वेबसाइट से दस्तावेज हटाने से तथ्य नहीं बदलने वाले हैं।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘चीन के खिलाफ खड़े होना तो छोड़िए, भारत के प्रधानमंत्री में उसका नाम लेने में भी साहस की कमी दिखी। वेबसाइट से दस्तावेज हटाने से तथ्य नहीं बदलने वाले हैं।’

चीन का सामना करना तो दूर की बात, भारत के प्रधानमंत्री में उनका नाम तक लेने का साहस नहीं है।

इस बात से इनकार करना कि चीन हमारी मातृभूमि पर है और वेबसाइट से दस्तावेज़ हटाने से तथ्य नहीं बदलेंगे।

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 6, 2020

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कहा था कि भारत की सीमा में घुसपैठ नही हुयी और हमारी किसी चौकी पर कब्जा नहीं हुआ है। लेकिन रक्षा मंत्रालय अपनी रिपोर्ट में कहता है कि चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की है तथा यह गतिरोध लंबे समय तक चलने वाला है।

उन्होंने सवाल किया, ‘रिपोर्ट वेबसाइट से क्यों हटाई गई? हम जानना चाहते हैं कि सच्चाई क्या है?’ माकन ने कहा, ‘सरकार बताए कि वह चीन के साथ कैसे निपटेगी और वास्तविक स्थिति क्या है। देश की जनता को यह जानने का हक है।’

धूमिल हुई राजनाथ सिंह की छवि: चिदंबरम

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि चीन द्वारा ‘अतिक्रमण’ किये जाने का उल्लेख करने वाली रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की छवि “धूमिल” हुई है।

चिदंबरम ने ट्वीट में कहा, “कोई राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय से हटाना चाहता है! वरना रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर भारतीय क्षेत्र में चीनी अतिक्रमण का सच क्यों डाला जाता?”

कोई तो है जो श्@rajnathsingh को रक्षा मंत्रालय से बाहर करना चाहता है!

अन्यथा, रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट चीनी आक्रामकता और भारतीय क्षेत्र पर कब्जे के बारे में सच्चाई क्यों बताएगी?

— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) August 7, 2020

चिदंबरम ने लिखा, “उस एक बयान ने राजनाथ सिंह की छवि खराब कर दी (लोग पूछते हैं कि क्या मंत्रालय और सेना खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करने में विफल रहे और चीनियों को एलएसी पार कर आने दिया?)”

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

indo-china
India-China Tension
defence ministry
rajnath singh
Narendra modi
BJP
Congress
Rahul Gandhi
P. Chidambaram

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • parliament
    एम श्रीधर आचार्युलु
    भारतीय संसदीय लोकतंत्र का 'क़ानून' और 'व्यवस्था'
    03 Dec 2021
    बिना चर्चा या बहस के संसद से वॉकआउट, टॉक-आउट, व्यवधान और शासन ने 100 करोड़ से अधिक भारतीय नागरिकों की आकांक्षाओं को चोट पहुंचाई है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में आज दूसरे दिन भी एक्टिव मामले में हुई बढ़ोतरी  
    03 Dec 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 9,216 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश भर में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.29 फ़ीसदी यानी 99 हज़ार 976 हो गयी है।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    संबित को पर्यटन विभाग का जिम्मा देने पर उठे सवाल
    02 Dec 2021
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस अंक में वरिष्ठ अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा को कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा भारत पर्यटन विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किए…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव से पहले उठ रहा मथुरा के मंदिर का मुद्दा, UN ने किया ख़ुर्रम परवेज़ का समर्थन और अन्य ख़बरें
    02 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी यूपी में घुल रहे सांप्रदायिक ज़हर, कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ का UN ने किया समर्थन और अन्य ख़बरों पर।
  • bihar protest
    अनिल अंशुमन
    बिहार : शिक्षा मंत्री के कोरे आश्वासनों से उकताए चयनित शिक्षक अभ्यर्थी फिर उतरे राजधानी की सड़कों पर  
    02 Dec 2021
    शिक्षा मंत्री के कोरे आश्वासनों से उकताए चयनित शिक्षक अभ्यर्थी फिर राजधानी की सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हुए हैं। इनकी एक सूत्री मांग है कि सरकार नियुक्ति की तिथि बताए, वरना जारी रहेगा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License