NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
भारत
राजनीति
चुनाव 2019; भोपाल : सांप्रदायिक और नफ़रत की राजनीति के ख़िलाफ़ वोट की अपील
भोपाल सीट से भाजपा ने आतंकी गतिविधियों की अभियुक्त प्रज्ञा ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिसकी वजह से न केवल भोपाल बल्कि कई अन्य जगहों से आकर राजनेता और बुद्धिजीवी, संस्कृतिकर्मी प्रज्ञा ठाकुर की हकीकत के बारे में लोगों को बता रहे हैं।
राजु कुमार
11 May 2019
भोपाल

लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट को अहम माना जा रहा है। देश भर से कई बुद्धिजीवी एवं नेता भोपाल आकर मतदाताओं से अपील कर रहे हैं कि देश को सांप्रदायिकता से बचाने और संविधान की रक्षा के लिए मतदान करें। भोपाल के प्रगतिशील बुद्धिजीवियों, संस्कृतिकर्मियों ने भी मतदाताओं से नफ़रत की राजनीति के खिलाफ वोट करने की अपील की।

भोपाल सीट से भाजपा ने आतंकी गतिविधियों की अभियुक्त प्रज्ञा ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिसकी वजह से न केवल भोपाल बल्कि कई अन्य जगहों से आकर राजनेता और बुद्धिजीवी प्रज्ञा ठाकुर की हकीकत के बारे में लोगों को बता रहे हैं।

60350154_359011541390205_4741232084729724928_n.jpg

बुद्धिजीवियों-संस्कृतिकर्मियों की अपील

भोपाल में 12 मई को छठे चरण में मतदान होना है। भोपाल की गंगा-जमुनी संस्कृति, शांति एवं भाईचारे के लिए आज भोपाल के बुद्धिजीवियों, लेखकों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध नागरिकों ने भोपाल लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं से अपील की है कि वे दिग्विजय सिंह को भारी बहुमत से जिताएं। राष्ट्रीय सेकुलर मंच के एल. एस. हरदेनिया और मध्यप्रदेश भारत ज्ञान विज्ञान समिति के अध्यक्ष श्याम बोहरे ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर, जिनकी साम्प्रदायिक विचारों के प्रति प्रतिबद्धता जगजाहिर है, भोपाल से चुनी जाती हैं तो वे शांति और समरसता के इस शहर को ध्रुवीकरण का क्षेत्र बना देंगीं। भोपाल 1992 में साम्प्रदायिकता की आग में झुलस चुका है। यदि भोपाल की गंगा-जमुनी संस्कृति को बचाए रखना है तो प्रज्ञा को हर हाल में शिकस्त देना चाहिए और प्रज्ञा को सिर्फ दिग्विजय सिंह ही हरा सकते हैं। इसके पहले भी कई लोगों ने साध्वी प्रज्ञा की हकीकत से मतदाताओं को रूबरू कराया।

भाजपा की राजनीति में गिरावट : बघेल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि प्रज्ञा ठाकुर का व्यवहार आदतन अपराधियों की तरह रहा है। फिलहाल वे आतंकी गतिविधियों की अभियुक्त हैं, लेकिन इससे पहले भी जब वे छत्तीसगढ़ में रहती थी, तब उन्होंने एक व्यक्ति को चाकू मार दिया था। बघेल ने कहा कि प्रज्ञा की उम्मीदवारी बताती है कि भाजपा की राजनीति में कितनी गिरावट आई है। उन्होंने मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार की 5 साल की नाकामियों पर भी प्रहार किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले हमने मतदाताओं को रमन सरकार के साथ-साथ मोदी सरकार की असफलताओं को बारे में भी बताया था, जिसकी वजह से भाजपा 15 सीटों पर सिमट गई। भोपाल में प्रज्ञा की उम्मीदवारी का नकारात्मक असर पूरे देश में पड़ा है, जिसमें भाजपा को भारी नुकसान होगा। 

प्रज्ञा को उम्मीदवार बनाना भाजपा की ग़लती : यशवंत सिन्हा

पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी भोपाल में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में आकर एक सवाल के जवाब में कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 2002 के गुजरात दंगों के बाद नरेन्द्र मोदी को मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहते थे। उन्होंने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा कि पूरे देश में मोदी से लोग नाराज है। उन्होंने कहा कि भोपाल की सीट अहम है और प्रज्ञा को उम्मीदवार बनाना भाजपा की एक बड़ी गलती है।

आनंद पटवर्धन ने किया संवाद

वरिष्ठ फिल्मकार आनंद पटवर्धन ने भोपाल आकर वृत्तचित्र ‘‘विवेक’’ के कुछ हिस्सों का प्रदर्शन किया और भोपाल के प्रबुद्ध लोगों के साथ संवाद किया। उन्होंने भोपाल की एक बस्ती में जाकर भी संवाद किया और उन्होंने लोगों से अपील की कि साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ लोगों को खुलकर आना चाहिए।

DSCN5344-min_0.JPG

लोकतंत्र का अपमान : खैरनार

राष्ट्र सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुरेश खैरनार ने भोपाल में बताया कि उन्होंने देश भर में लगभग 100 से ज्यादा आतंकी गतिविधियों की जांच की है। उन्होंने मालेगांव बम विस्फोट के बाद एक हफ्ते के भीतर ही जाकर वहां लोगों से बातचीत की। जब हेमंत करकरे एटीएस के चीफ बने, तब कुछ ही दिनों में वे इस केस के तह तक पहुंच गए। उस घटना में एक बड़ी अभियुक्त हैं प्रज्ञा ठाकुर। आतंकी गतिविधियों की अभियुक्त को टिकट देकर भाजपा ने लोकतंत्र और भोपाल की जनता का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि कर्नल पुरोहित, दयानंद पांडेय और प्रज्ञा ठाकुर के संवाद और कई वीडियो चार्जशीट में मौजूद है। इस केस को ऑनलाइन भी देखा जा सकता है। ये लोग भारत के संविधान एवं तिरंगे को नकारते हुए इस्रायल और नेपाल को एक्साइल गवर्नमेंट की इजाजत के लिए पत्र लिखे थे। आतंकी गतिविधियों की आरोपी प्रज्ञा की उम्मीदवारी लोकतंत्र के लिए घातक है।

DSCN5335_0.JPG

प्रज्ञा के बयान से महाराष्ट्र के लोग भी दु:खी : आव्हाड

भोपाल आए नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मंत्री डॉ. जितेन्द्र आव्हाड ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ड्रामा स्कूल के प्रिंसिपल हैं। वे लगातार ड्रामा कर रहे हैं। चुनाव के हर चरण में नरेटिव बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं हो पा रहे हैं। भोपाल से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में साध्वी प्रज्ञा को उतारने का फैसला भी भाजपा का अगले कई सालों तक के लिए नरेटिव सेट करने के लिए है। लेकिन भाजपा इसमें भी फेल हो गई है। भोपाल में दो उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई है। उनका कहना है कि शहीद अधिकारी पर साध्वी प्रज्ञा के दिए बयान से महाराष्ट्र के लोग दु:खी हैं। महाराष्ट्र में इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ रहा है। यही वजह है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को बयान देना पड़ा कि प्रज्ञा के बयान सही नहीं है और शहीद हेमंत करकरे पर देश को नाज़ है। लेकिन उनके इस बयान का मतदाताओं पर असर नहीं है। महाराष्ट्र और उसके बाहर रह रहे मराठी लोग दु:खी हैं। भोपाल में भी मध्यप्रदेश क्षत्रीय मराठा समाज ने दिग्विजय सिंह को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। डॉ. जितेन्द्र को दुख है कि नरेन्द्र मोदी ने साध्वी का समर्थन किया है। जबकि शहीद हेमंत करकरे की शहादत के बाद उनके घर जाकर उन्होंने करकरे की तारीफ करते हुए दो करोड़ रुपये की सहायता की पेशकश की थी। इसका मतलब है कि साध्वी प्रज्ञा का समर्थन करके वे शहीदों का अपमान कर रहे हैं।

प्रगतिशील एवं धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोगों का मानना है कि भोपाल एक शांत, सुंदर और संस्कारी शहर है और उन्हें उम्मीद है कि साध्वी प्रज्ञा को न केवल भोपाल की जनता नकार देगी, बल्कि इसके कारण भाजपा को पूरे देश में नुकसान होगा।

Bhopal
General elections 2019
Vote
anand patvardhan
sadhvi pragya thakur
communal polarization
Digvijay Singh
Congress
BJP
Malegaon Blasts
bhupesh baghel
yashwant sinha
vivek

Related Stories

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक संशोधन और कुवेम्पु के अपमान के विरोध में लेखकों का इस्तीफ़ा

मनोज मुंतशिर ने फिर उगला मुसलमानों के ख़िलाफ़ ज़हर, ट्विटर पर पोस्ट किया 'भाषण'

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

जहांगीरपुरी हिंसा में अभी तक एकतरफ़ा कार्रवाई: 14 लोग गिरफ़्तार

इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा - क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं

उर्दू पत्रकारिता : 200 सालों का सफ़र और चुनौतियां

सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़

यूपी चुनाव: पूर्वी क्षेत्र में विकल्पों की तलाश में दलित

हम भारत के लोगों की असली चुनौती आज़ादी के आंदोलन के सपने को बचाने की है


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License