NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चुनाव 2019; चौथा चरण : भाजपा के सामने अपनी 45 सीट बचाने की चुनौती
29 अप्रैल को होने वाले चुनाव के चौथे चरण में कुल 71 सीटों पर मतदान होना है। 2014 के चुनाव में इनमें 45 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इनमें से अधिकतर सीट हिंदी पट्टी क्षेत्रों में हैं।
प्रशांत सूद, आईएएनएस
27 Apr 2019
सांकेतिक तस्वीर

लोकसभा की 303 सीटों पर चुनाव पूरा होने के बाद नौ राज्यों की 71 सीटों पर चौथे चरण के चुनाव के अंतर्गत 29 अप्रैल को मतदान होने वाला है। इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समक्ष 45 सीटों को अपने खाते में बचाए रखने की चुनौती है। इनमें से अधिकतर सीट हिंदी पट्टी क्षेत्रों में हैं।

जिन सीटों पर चौथे चरण के अंतर्गत चुनाव होने वाले हैं, उनमें महाराष्ट्र की 17, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की 13-13, पश्चिम बंगाल की आठ, मध्य प्रदेश की छह, ओडिशा की छह, बिहार की पांच व झारखंड की तीन सीटें शामिल हैं।

2014 के चुनाव में, भाजपा ने इन 71 सीटों में से 45 पर जीत दर्ज की थी। इनमें से पार्टी ने राजस्थान की सभी 13, उत्तर प्रदेश की 13 में से 12, मध्य प्रदेश की छह में से पांच, बिहार की पांच में से तीन, झारखंड की सभी तीन सीटों पर, महाराष्ट्र की 17 में से आठ सीटों पर और पश्चिम बंगाल की आठ में से एक सीट पर जीत दर्ज की थी। महाराष्ट्र में बाकी बची नौ सीटों पर शिवसेना ने और बिहार में बची दो सीटों पर भाजपा की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने कब्जा जमाया था।

2014 में इन 71 सीटों में से कांग्रेस ने केवल दो सीटें जीती थी। एक मध्य प्रदेश में और एक पश्चिम बंगाल में।

अन्य पार्टियों में, बीजू जनता दल ने ओडिशा की सभी छह सीटों, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने छह सीटों और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने एक सीट पर कब्जा जमाया था।

बिहार में, अब राजनीतिक परिदृश्य 2014 लोकसभा चुनाव के मुकाबले बदल चुका है।

2014 में बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड), भाजपा के विरुद्ध लड़ी थी, लेकिन इस बार पार्टी राजग गठबंधन का हिस्सा है। जदयू राज्य में अब राजग गठबंधन के अन्य पार्टियों के साथ मिलकर अपने पुराने सहयोगी राजद, कांग्रेस व अन्य छोटी पार्टियों का सामना कर रही है।

इस चरण का चुनाव समस्तीपुर में लोजपा नेता रामचंद्र पासवान के भाग्य का फैसला करेगा।

दरभंगा में इस बार रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा। यहां पिछले चुनाव में भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने वाले कीर्ति आजाद इस बार कांग्रेस के साथ हैं।

उन्हें हालांकि टिकट नहीं दिया गया है। कांग्रेस की गठबंधन सहयोगी राजद ने यहां से अपने वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी को उतारा है।

झारखंड में भाजपा को इस बार कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), राजद और झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के गठबंधन से मुकाबला करना होगा। ये पार्टियां यह सुनिश्चित करना चाहेंगी कि भाजपा यहां की 14 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज करने के अपने पूर्व के प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके।

मध्य प्रदेश में, कांग्रेस नेता व मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है, जिन्होंने पांच माह पहले ही यहां सत्ता संभाली है।

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने मध्य प्रदेश में जबरदस्त प्रदर्शन किया था, लेकिन पिछले वर्ष दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज कर भाजपा के 15 वर्षो के शासन का अंत कर दिया था।

कांग्रेस यहां विधानसभा चुनाव की तरह ही लोकसभा चुनाव में भी सफलता की उम्मीद लगाए हुए है।

विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों का मत प्रतिशत लगभग समान था, इसलिए यहां मुकाबला काफी कड़ा होने की उम्मीद है।

इस चुनाव में एक बड़ा आकर्षण का केंद्र यह है कि भाजपा ने मालेगांव विस्फोट की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है।

महाराष्ट्र में चौथे चरण के चुनाव के अंतर्गत मुंबई शहर की सभी सीटों पर चुनाव होंगे।

यहां कांग्रेस से पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा, अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर, अभिनेता संजय दत्त की बहन प्रिया दत्त तो भाजपा की तरफ से पार्टी के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन चुनाव मैदान में हैं।

कांग्रेस यहां अपना जनसमर्थन दोबारा वापस पाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही है। भाजपा और शिवसेना ने 2014 में शहर की सारी सीटों पर कब्जा जमाया था।

महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के पौत्र पार्थ पवार मावल सीट से पहली बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

ओडिशा में भाजपा, बीजद को कड़ी चुनौती देकर राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। बीजद का यहां एक दशक से ज्यादा समय से जबरदस्त प्रभाव है।

यहां केंद्रपाड़ा में एक दिलचस्प मुकाबला होने वाला है, जहां भाजपा में शामिल होने वाले बीजद के पूर्व नेता जय पांडा अभिनेता से नेता बने अनुभव मोहंती के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले हैं।

चौथे चरण में राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे की पारंपरिक सीटों पर मुकाबला है।

गहलोत के बेटे वैभव जोधपुर से पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं और वह मौजूदा भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ खड़े हैं।

राजे के बेटे दुष्यंत सिंह झालावार-बारन से दोबारा चुनाव जीतना चाहते हैं। राजे ने भी यहां से पांच बार जीत दर्ज की थी।

उत्तर प्रदेश में चौथे चरण में बुंदेलखंड की अधिकतर सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। यहां भाजपा ने 2014 में जबरदस्त जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी (सपा)और बहुजन समाज पार्टी(बसपा) साथ लड़ रहे हैं, इसलिए मुकाबला कड़ा है।

क्षेत्र में इसबार चुनाव में कृषि मुद्दे का जोर है।

इस चरण में कानपुर और फरु खाबाद में भी चुनाव होंगे। कांग्रेस ने कानपुर से श्रीप्रकाश जयसवाल को और फरु खाबाद से सलमान खुर्शीद को उतारा है।

भाजपा ने पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को इस बार टिकट नहीं दिया है और कानपुर से राज्य मंत्री सत्यदेव पचौरी को मैदान में उतारा है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा, तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ जबरदस्त प्रचार कर रही है। तृणमूल 2011 के बाद से यहां राजनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में है।

इस चरण के तहत, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के सांसद बाबुल सुप्रियो आसनसोल सीट से दोबारा जीत दर्ज करने के लिए जोर लगा रहे हैं। उनका सामना तृणमूल कांग्रेस की मुनमुन सेन से है।

कांग्रेस ने 2014 में बहरामपुर सीट जीती थी और इसके मौजूदा सांसद अधीर रंजन चौधरी तृणमूल कांग्रेस से नई चुनौतियों को सामना कर रहे हैं।

General elections2019
2019 Lok Sabha elections
2019 आम चुनाव
fourth phase election 2019
BJP
Narendra modi
Congress
Gathbandhan
mahagathbandhan
Left unity

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • Mothers and Fathers March
    पीपल्स डिस्पैच
    तख़्तापलट का विरोध करने वाले सूडानी युवाओं के साथ मज़बूती से खड़ा है "मदर्स एंड फ़ादर्स मार्च"
    28 Feb 2022
    पूरे सूडान से बुज़ुर्ग लोगों ने सैन्य शासन का विरोध करने वाले युवाओं के समर्थन में सड़कों पर जुलूस निकाले। इस बीच प्रतिरोधक समितियां जल्द ही देश में एक संयुक्त राजनीतिक दृष्टिकोण का ऐलान करने वाली हैं।
  • गौरव गुलमोहर
    यूपी चुनाव: क्या भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं सिटिंग विधायक?
    28 Feb 2022
    'यदि भाजपा यूपी में कम अंतर से चुनाव हारती है तो उसमें एक प्रमुख कारण काम न करने वाले सिटिंग विधायकों का टिकट न काटना होगा।'
  • manipur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मणिपुर में पहले चरण का चुनाव, 5 ज़िलों की 38 सीटों के लिए 67 फ़ीसदी से ज़्यादा मतदान
    28 Feb 2022
    मणिपुर विधानसभा के लिए आज पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया। मतदान का समय केवल शाम 4 बजे तक ही था। अपराह्न तीन बजे तक औसतन 67.53 फ़ीसदी मतदान हुआ। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है।
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : फिर ज़ोर पकड़ने लगी है ‘स्थानीयता नीति’ बनाने की मांग : भाजपा ने किया विरोध
    28 Feb 2022
    हेमंत सोरेन सरकार को राज्य में होने वाली सरकारी नियुक्तियों के लिए घोषित विसंगतिपूर्ण नियोजन नीति को छात्रों-युवाओं के विरोध के बाद वापस लेना पड़ा है। लेकिन मामला यहीं थम नहीं रहा है।
  • Sergey Lavrov
    भाषा
    यूक्रेन की सेना के हथियार डालने के बाद रूस ‘किसी भी क्षण’ बातचीत के लिए तैयार: लावरोव
    28 Feb 2022
    लावरोव ने यह भी कहा कि रूस के सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का ‘‘विसैन्यीकरण और नाजी विचारधारा से’’ मुक्त कराना है और कोई भी उस पर कब्जा नहीं करने वाला है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License