NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चुनाव 2019: देश की वोटर लिस्ट से 2 करोड़ 10 लाख महिला मतदाता ‘लापता’
महिला संगठनों ने बताया कि 21 मिलियन 'लापता' महिला मतदाताओं का मतलब है कि भारत के प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में लगभग38,000 महिला मतदाता मतदान नहीं करेंगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Apr 2019
woman voter

आठ महिला संगठनों ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपकर इस तथ्य पर ध्यान आकर्षित किया कि 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की लाखों महिलाओं को मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं किया गया है।

ज्ञापन में कहा गया है, “2011 की जनगणना बताती है कि 2019 तक 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं की कुल जनसंख्या पुरुषों की जनसंख्या की  97.2 प्रतिशत होगी। लेकिन 2019 के चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि महिला मतदाताओं में पुरुष मतदाताओं के अनुपात में केवल 92.7 प्रतिशत है, जो महिला मतदाताओं की 4.5 प्रतिशत की कमी का संकेत है। यह 4.5 प्रतिशत एक चौंका देने वाला आकड़ा है जो तकरीबन दो करोड़ दस लाख महिलाओं में तब्दील हो जाता है। जिन्हें सिर्फ इसलिए वोट देने के अपने अधिकार से वंचित कर दिया जाएगा, क्योंकि उनका नाम मतदाता सूचियों में दर्ज नहीं है। ” 

इस ज्ञापन को संयुक्त रूप से ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमेन्स एसोसिएशन (एडवा), ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वीमेन्स एसोसिएशन (ऐपवा),नेशनल फेडरशन ऑफ़ इंडियन वुमन, अखिल भारतीय दलित महिला अधिकार मंच, गिल्ड ऑफ सर्विस, जॉइंट वुमन प्रोग्राम, वॉर विडोस एसोसिऐशन  और दलित मानवाधिकार पर राष्ट्रीय अभियान ने हस्ताक्षर किया है।

महिला संगठनों ने बताया कि 21 मिलियन 'लापता' महिला मतदाताओं का मतलब है कि भारत के प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में लगभग38,000 महिला मतदाता मतदान नहीं करेंगी। महिला संगठनों द्वारा जारी एक संयुक्त प्रेस बयान में कहा गया है कि अपंजीकृत महिलाओं की सबसे बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश (68 लाख ), महाराष्ट्र (23लाख ) और राजस्थान (12 लाख) में है। इसका मतलब है कि उत्तर प्रदेश में हर एक निर्वाचन क्षेत्र में औसतन 85,000 महिला मतदाता वोट देने के अधिकर से वंचित कर दी जाएंगी।"

महिला मतदाताओं के इस असम्मान को देश के नागरिकों के रूप में उनके लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला करार देते हुए संगठनों ने सीईसी से अपील की। "तत्काल आधार" पर इस अन्याय को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाएं। 

 

 

women voters
General elections 2019
loksabha elcetion 2019
loksabha
Disenfranchisement
Womens Right

Related Stories

2022 में महिला मतदाताओं के पास है सत्ता की चाबी

चुनाव चक्र: आधी आबादी के सवाल; उज्ज्वला से आगे जहां और भी हैं...

टाइमलाइन : संसद के शीतकालीन सत्र में क्या कुछ हुआ, विपक्षी सांसदों को क्यों रहना पड़ा संसद से बाहर?

मतदाता पहचान कार्ड, सूची को आधार से जोड़ने सहित चुनाव सुधार संबंधी विधेयक को लोकसभा की मंजूरी

21 घंटे चली भारत की संसद में 20 बिल पेश हुए, अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन

संसद को अपने रसोईघर की तरह इस्तेमाल कर रही है मोदी सरकार!

संसद का मानसून सत्र : लोकसभा में सरकार की घेराबंदी, नहीं हो सका प्रश्नकाल

चुनाव अभियानों के दौरान शर्मसार करतीं महिला-विरोधी टिप्पणियां !   

Ask No Questions : कोई सवाल न पूछे

दिल्ली हिंसा : अमित शाह ज़िम्मेदारी लीजिये


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License