NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चुनाव 2019; कुशीनगर: चीनी मिल का वादा फ़ेल, जुमलों की दौड़ाई रेल
न्यूज़क्लिक की टीम ने कुशीनगर के किसानों से बात की, जिससे पता चला कि मोदी सरकार के द्वारा 100 दिन में चीनी मिल चलना या किसानों की आय दोगुनी करना जैसे झूठे वादों से किसान ग़ुस्से में हैं।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
17 May 2019

2014 में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर की जनता से नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि अगर बीजेपी की सरकार आती है तो 100 दिन में चीनी मिल चलने लगेगी। आज 5 साल बीतने के बाद भी चीनी मिल नहीं चली है। जिन किसानों ने मोदी के जुमले पर भरोसा करते हुए फिर से गन्ने की खेती शुरू कर दी थी, वो अब हल्दी और केले की खेती की तरफ़ जा रहे हैं। मोदी सरकार के पाँच सालों में कुशीनगर में विकास के नाम पर सिर्फ़ बयानबाज़ी हुई है, और कुशीनगर की जनता इस सरकार से काफ़ी नाख़ुश दिख रही है।

न्यूज़क्लिक की टीम ने कुशीनगर के किसानों से बात की, जिससे पता चला कि मोदी सरकार के द्वारा 100 दिन में चीनी मिल चलना या किसानों की आय दोगुनी करना जैसे झूठे वादों से किसान ग़ुस्से में हैं। किसानों ने बताया कि कुशीनगर में 50 प्रतिशत किसान अभी भी गन्ने की खेती में लगे हैं, जिसकी वजह से उनकी आर्थिक हालत बदतर होती जा रही है। किसानों का कहना है, "इस बार हम एकजुट हो कर झूठे प्रधानमंत्री का बहिष्कार करेंगे और उस सरकार को चुनेंगे जो हमारा ख़याल रखेगी।

elections 2019
2019 Lok Sabha elections
Uttar pradesh
kushinagar
Sugar mills
sugarcane farmers
Narendra modi
Jumla
agricultural crisis
farmers distress

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत 'हमेशा के लिए दाग': संयुक्त राष्ट्र समूह
    21 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र वर्किंग ग्रुप ने मनमानी हिरासत पर भारत सरकार से उन परिस्थितियों की प्रभावी जांच करने को कहा जिनके कारण फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु हुई थी
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    कांग्रेस का असल संकट और 'आप' के भगत अम्बेडकर
    20 Mar 2022
    कांग्रेस का असल संकट क्या है? 18 और 23 असंतुष्ट नेताओं के ग्रुप वैचारिक दबाव-समूह हैं या चुनावी राजनीति में अपने-अपने स्वार्थ के अखाड़ेबाज? पंजाब में अपनी शानदार चुनावी सफलता के बाद आम आदमी पार्टी(आप…
  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या लाभार्थी थे भाजपा की जीत की वज़ह?
    20 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में नीलांजन बात करते हैं समाजशास्त्री हिलाल अहमद से. वे बात करते हैं देश के बदलते चरित्र की.
  • Kanwal Bharti
    राज वाल्मीकि
    भेदभाव का सवाल व्यक्ति की पढ़ाई-लिखाई, धन और पद से नहीं बल्कि जाति से जुड़ा है : कंवल भारती 
    20 Mar 2022
    आपने 2022 में दलित साहित्य के समक्ष चुनौतियों की बात पूछी है, तो मैं कहूँगा कि यह चुनौती अब ज्यादा बड़ी है। हालांकि स्थापना का संघर्ष अब नहीं है, परन्तु विकास और दिशा की चुनौती अभी भी है।
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक
    20 Mar 2022
    हर हफ़्ते की ज़रूरी ख़बरों को एक पिटारे में एक बार फिर लेकर हाज़िर हैं अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License