NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चुनाव 2019: “ नया प्रधानमंत्री बनेगा तभी नए भारत का निर्माण होगा”
1995 में हुए बहुचर्चित गेस्टहाउस कांड के बाद सपा से रिश्ते तोड़ चुकीं मायावती आज जब रैली के लिए क्रिश्चियन कॉलेज के मैदान में पहुँचीं तो उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया। सपा के गढ़ मैनपुरी में मायावती का स्वागत करने वालों में बड़ी संख्या सपा कार्यकर्ताओं की थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Apr 2019
SP-BSP
Image Courtesy: TWITTER

19 अप्रैल को बरसों पुरानी दुश्मनी भूल कर बसपा प्रमुख मायावती और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी में शुक्रवार को चुनावी रैली के दौरान मंच साझा किया और मायावती ने मुलायम को जिताने की अपील करते हुए उन्हें ‘‘असली नेता’’ क़रार दिया।

 1995 में हुए बहुचर्चित गेस्टहाउस कांड के बाद सपा से रिश्ते तोड़ चुकीं मायावती आज जब रैली के लिए क्रिश्चियन कॉलेज के मैदान में पहुँचीं तो उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया। सपा के गढ़ मैनपुरी में मायावती का स्वागत करने वालों में बड़ी संख्या सपा कार्यकर्ताओं की थी।

आज लगभग 25 सालों बाद मुलायम और मायवती एक साथ एक मंच पर दिखे , दोनों ने ही केंद्र की भाजपा सरकार और नरेंद्र मोदी पर हमले किये, उत्तर प्रदेश में गठबंधन को जिताने की अपील की। इस दौरान कई लोग उस दौर को भी याद कर रहे थे जब इसी प्रकार का गठबंधन उत्तर प्रदेश में मुलायम और कांशीराम के बीच हुआ था। "मिले मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्री राम" का नारा बहुत चर्चित हुआ था।

मायावती ने मैनपुरी लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी मुलायम सिंह यादव को जिताने की अपील करते हुए कहा ‘‘आप मुझसे जानना चाहेंगे कि 2 जून 1995 के गेस्टहाउस कांड के बाद भी सपा-बसपा गठबंधन कर चुनाव क्यों लड़ रहे हैं? इस गठबंधन के तहत मैं मैनपुरी में ख़ुद मुलायम के समर्थन में वोट मांगने आई हूँ। जनहित तथा पार्टी के मूवमेंट के लिए कभी-कभी हमें कुछ कठिन फ़ैसले लेने पड़ते हैं। देश के वर्तमान हालात को देखते हुए यह फ़ैसला लिया गया है। मेरी अपील है कि पिछड़ों के वास्तविक नेता मुलायम सिंह यादव को चुनकर आप संसद भेजें। उनके उत्तराधिकारी अखिलेश यादव अपनी ज़िम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।’’

GTHBNDHN.PNG

मंच पर मुलायम सिंह के पहुँचने पर मायावती ने खड़े होकर उनका स्‍वागत किया।

मायावती ने कहा कि मैनपुरी के लोग मुलायम को ‘‘असली नेता’’ मानते हैं, ख़ासकर पिछड़े वर्ग के लोग। ‘‘मुलायम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह फ़र्जी पिछड़े वर्ग के नहीं हैं। मुलायम सिंह असली पिछड़े वर्ग के हैं।’’

इस अवसर पर सपा सरक्षंक मुलायम सिंह यादव ने कहा ‘‘बहुत दिनों के बाद हम और मायावती एक मंच पर हैं।’’

सपा को जिताने तथा कार्यकर्ताओं से मायावती का हमेशा सम्मान करने की अपील करते हुए मुलायम ने कहा ‘‘आज महिलाओं का शोषण हो रहा है। इसके लिए हमने लोकसभा में सवाल उठाया। संकल्प लिया गया कि महिलाओं का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। आज हमारी आदरणीय मायावती जी आई हैं। हम उनका स्वागत करते हैं। मैं आपके इस अहसान को कभी नहीं भूलूंगा। मायावती जी का हमेशा बहुत सम्मान करना। समय-समय पर उन्होंने हमारा साथ दिया है।’’

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद थे। सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही बसपा मुखिया मायावती का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मायावती जी का धन्यवाद। अखिलेश यादव ने कहा कि मायावती जी के सहयोग से हम सभी लोग मैनपुरी में नेता जी को ऐतिहासिक जीत दिलाएंगे।

उन्होंने कहा कि देश नाज़ुक समय से गुज़र रहा है। किसान दुखी हैं। खाद में चोरी की जा रही है। उन्होंने कहा किसान हमारी आत्मा हैं। उनके साथ धोखा हुआ है। उनके पैसों की चोरी हुई है। किसानों को मिलने वाली खाद की बोरी में से भी भाजपा ने पांच किलो ग़ायब कर दिया गया। नौजवान परेशान है। यह बड़ा चुनाव देश के भविष्य का है। भाजपा कहती है- नया भारत बनाना है। हम कहते हैं नया पीएम बनाना है। क्योंकि जब नया प्रधानमंत्री बनेगा तभी नए भारत का निर्माण होगा। इस नए भारत की कमान युवाओं के हाथ में होगी।  

 (कुछ इनपुट न्यूज़ एजेंसी  PTI से है ) 

BSP
SP-BSP Alliance
Narendra modi
MAYAWATI
MULAYAM SINGH
AKHILESH YADAV
2019 elections
2019 आम चुनाव
UttarPradesh

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • Poem
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: अक्टूबर के आरंभ की बरसती साँझ
    03 Oct 2021
    इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंदी के सह प्राध्यापक और छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में जन्मे कवि बसंत त्रिपाठी ने ‘अक्टूबर के आरंभ की बरसती साँझ’ शीर्षक से क्या ख़ूब कविता कही है। वे कहते हैं- बरसो हे मेघ/…
  • GANDHI JI CARTOON
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: बापू मिले 'सरकार जी' से
    03 Oct 2021
    "तो बापू", सरकार जी ने कहा, "आप यहां आए किसलिए हैं। आप तो जानते ही हैं आपके और मेरे रास्ते जुदा जुदा हैं। आप सत्य के प्रयोगधर्मी और मैं असत्य को सत्य बनाने के प्रयोग में जुटा हूं। आप प्रेम के पुजारी…
  • The Country With a Burnt Post Office
    फ़राह बशीरी
    जले हुए डाकख़ाने वाला देश
    03 Oct 2021
    “रूमर ऑफ़ स्प्रिंग: अ चाइल्डहुड इन कश्मीर” 1990 के दशक में श्रीनगर में बितायी गयी फ़राह बशीर की किशोरावस्था का एक अविस्मरणीय वृत्तांत है।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    राजनीति के अति-महत्वाकांक्षियों की दास्तान और किसानों पर कोर्ट
    02 Oct 2021
    आकांक्षी होना अच्छी बात है लेकिन जन-हित, समाज-हित को दरकिनार कर किन्हीं निहित स्वार्थों के लिए अति-महत्वाकांक्षी होना बुरी बात है. राष्ट्रीय राजनीति में इस सप्ताह तीन अति-महत्वाकांक्षी लोग अलग-अलग…
  • Modi
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: राष्ट्रपिता (देश) से राष्ट्रपिता (विदेश) तक
    02 Oct 2021
    हमें नहीं लगता कि राष्ट्रपिता-(विदेश) ही रहने में बापू को कोई आपत्ति होगी। बल्कि उन्हें जानने वाले तो कहते हैं कि वह अब और राष्ट्रपिता रहना ही नहीं चाहते हैं। फिर अब मोदी जी तो हैं ही। बुजुर्ग का देश…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License