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भारत
राजनीति
चुनाव 2019: पाँच चरणों के बाद, एनडीए को 2014 के मुक़ाबले आधी सीटें
पिछले विधानसभा चुनावों के लिए पड़े मतों और राज्य-आधारित रुझानों का विश्लेषण कराने से जो संकेत मिले हैं उनके मुताबिक़ बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार हार की ओर बढ़ रही है, अभी तक 424 सीटों पर हुए मतदान में से सिर्फ़ 124 सीटें उनके पाले में जाती नज़र आ रही हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 May 2019
Translated by महेश कुमार
चुनाव 2019: पाँच चरणों के बाद, एनडीए को 2014 के मुक़ाबले आधी सीटें
सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य: Latestly.in

6 मई को 51 सीटों पर मतदान पूरे होने के साथ, लोगों ने कुल 424 लोक सभा की सीटों पर मतदान पूरा कर लिया है। न्यूज़क्लिक की डेटा एनालिटिक्स टीम ने पिछले विधानसभा चुनाव परिणामों का विश्लेषण किया है और राज्य-वार रुझानों को मद्देनज़र रखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पराजय की तरफ़ बढ़ रहा है क्योंकि 2014 के चुनाव में उसे मिली 251 सीटों के मुक़ाबले अभी तक केवल 124 सीटें ही मिलने का अनुमान है। कांग्रेस के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) नेतृत्व इस बार नाटकीय रूप से पिछली बार मिली 55 सीट से बढ़कर 169 सीटों पर पहुँच गया है।

इन दो गठबंधनों के अलावा, कई अन्य दल या क्षेत्रीय गठबंधन जो एनडीए के ख़िलाफ़ गठबंधन कर रहे हैं, अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद उनके द्वारा यूपीए का समर्थन करने की संभावना है, उन्हें भी अपनी सीटें बढ़ने का अनुमान है। इस तरह के गठबंधन में सबसे मज़बूत प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के गठबन्धन का प्रतीत होता है जो 2014 के मुक़ाबले अपनी सीटों को मात्र चार से बढ़ाकर 37 कर देगा। यूपी की 80 सीटों में से अभी 27 पर चुनाव होने बाक़ी हैं और गठबंधन की सीटों में और इज़ाफ़ा होने की संभावना है। भाजपा और उसके सहयोगियों ने पिछली बार यहाँ से 80 में से 73 सीटें जीती थीं।

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एनडीए में शिवसेना, जेडीयू, टीडीपी और विभिन्न छोटे दल शामिल हैं। यूपीए में एनसीपी, आरजेडी, जेडीएस और विभिन्न छोटे दल शामिल हैं। (स्रोत: चुनाव आयोग असेंबली/लोक सभा परिणामों से अनुमान)

अन्य राज्य जिनमें बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए को हार का सामना करना पड़ रहा है, उनमें तमिलनाडु भी शामिल है, जहाँ उसके मौजूदा गठबंधन सहयोगी एआईएडीएमके को उसके प्रतिद्वंद्वी डीएमके गठबंधन (जो यूपीए का हिस्सा है) से लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है, 39 में से 38 सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है, एक सीट के लिए मतदान स्थगित किया गया है।

मतदान के अंतिम दो चरणों में, महत्वपूर्ण रूप से भाजपा/राजग के गढ़ मध्यप्रदेश - 13 सीटों, झारखंड - सात सीटों और राजस्थान की सभी 25 सीटों पर चुनाव होने हैं। हालांकि, इन अनुमानों से संकेत मिलता है कि भाजपा को इन राज्यों में भी काफी नुक़सान होने की संभावना है, अब तक जिसमें भाजपा के राजस्थान में 12 सीटें, झारखंड में 6 और मप्र में चार सीटें खोने का अनुमान है।

इन पाँचों चरणों में वामपंथी दलों की संख्या 10 से बढ़कर 19 होने की संभावना है। सीटों में बढ़त बनाने वाली अन्य पार्टियाँ, वाईएसआर कांग्रेस (वाईएसआरसीपी) आंध्र प्रदेश और तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) पश्चिम बंगाल है, जहाँ भाजपा भी अपनी बढ़त बना सकती है।
इन अनुमानों में किसानों के संकट, बेरोज़गारी, मज़दूरी में वृद्धि की कमी, औद्योगिक मंदी, भ्रष्टाचार में वृद्धि और सत्तारूढ़ भाजपा (आरएसएस) की सांप्रदायिक विचारधारा जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ मोदी सरकार के ख़िलाफ़ असंतोष को भी आधार बनाया गया साथ ही अल्पसंख्यकों और दलितों/आदिवासियों की सरकार द्वारा की गई घेराबंदी, इन वंचित वर्गों के ख़िलाफ़ हिंसा को बढ़ावा देना आदि और इस सबके ख़िलाफ़ जनता में ग़ुस्सा भी इन अनुमानों में शामिल है। मोदी सरकार के ख़िलाफ़ इन बढ़ते रुझानों ने विपक्षी दलों द्वारा चलायी जा रही राज्य सरकार के ख़िलाफ़ असंतोष को भी बेअसर कर दिया है। 

देश भर में चुनाव प्रक्रिया के बढ़ते चरण इस बात की तस्दीक़ कर रहे हैं या संकेत देते हैं कि एनडीए निरंतर पतन की तरफ़ बढ़ रहा है जोकि 23 मई को, सरकार बनाने के लिए अपर्याप्त संख्या होने की वजह से, सत्ता से बाहर हो जाएगा।

[पीयूष शर्मा द्वारा डेटा विश्लेषण और ग्लेनिसा परेरा द्वारा मानचित्रण किया गया है।]

Lok Sabha Elections
Seat Projection
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