NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चुनाव 2019; यूपी : दूसरे चरण में भी गठबंधन की तरफ़ झुकाव
2017 के विधानसभा चुनाव के परिणामों के अनुमानों के अनुसार, 18 अप्रैल को आठ सीटों पर होने जा रहे मतदान में सपा, बसपा और आरएलडी गठबंधन का बीजेपी से पलड़ा भारी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Apr 2019
Translated by महेश कुमार
यूपी: दूसरे चरण में गठबंधन की तरफ़ झुकाव
तस्वीर सौजन्य: एनडीटीवी

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) गठबंधन 18 अप्रैल को मतदान के दूसरे चरण में होने जा रहे आठ सीटों पर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से बढ़त बना रहा है। जबकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ बीजेपी ने 2014 में इस बेल्ट की सभी आठ सीटों को शानदार मार्जिन से जीता था। 2017 के विधानसभा चुनावों में भी बीजेपी ने यहाँ से अन्य दलों को बुरी तरह हराया था।
दूसरे चरण के चुनाव में जिन आठ सीटों पर मतदान होना है वे: नगीना, अमरोहा, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा और फ़तेहपुर सीकरी हैं। यह इलाक़ा उत्तर से दक्षिण की तरफ़ तक फैला हुआ है। ये कई मामलों में काफ़ी संपन्न इलाक़ा है जो पूरब ग़ैर-हरित क्रांति प्रथागत कृषि प्रणालियों वाले क्षेत्र से पश्चिम के उच्च-गहन कृषि क्षेत्र तक फैला हुआ है। बड़ी मुस्लिम आबादी के कारण, कई प्रसिद्ध पारंपरिक उद्योग हैं जैसे मुरादाबाद में पीतल और हाथरस में आवश्यक तेलों का भंडार है। लेकिन सामंती सामाजिक व्यवस्था भी यहाँ अधिक स्पष्ट है।

विधानसभा चुनावों में पड़े मतों के आधार पर न्यूज़क्लिक द्वारा विकसित डेटा टूल का उपयोग करके किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि यदि विपक्षी दलों द्वारा प्राप्त वोटों को खींचा जाता है, तो परिणाम नाटकीय रूप से भिन्न होंगे।
विधानसभा चुनावों में एसपी, बीएसपी और आरएलडी के वोटों को जोड़कर और उन्हें संबंधित संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में मैप करने से पता चलता है कि गठजोड़ - जिसे लोकप्रिय रूप से महागठबंधन के रूप में जाना जाता है - तीन सीटों पर जीत हासिल करेगा, जबकि बीजेपी अपनी पांच सीटों को बरक़रार रख पाएगी।

Election  Phase 1_0.jpg

यह सरल अंकगणित है। बीजेपी को इन सीटों पर 45.2% वोट मिले, जबकि गठबंधन को 46.8% वोट मिले थे। यह सवाल आपको चौंका सकता है कि अधिक वोटों के साथ, गठबन्धन सभी सीटें क्यों नहीं जीत रहा है?
जवाब वोटों की असमानता में निहित है, विशेष रूप से आरएलडी के लिए, जिसे मथुरा में 2.2 लाख वोट मिले, लेकिन पड़ोसी सीट आगरा में लगभग 6,000 मत मिले।

मोदी के ख़िलाफ़ बढ़ता असंतोष 

अगर आप केंद्र में मोदी शासन और यूपी में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भाजपा सरकार से लोगों की स्पष्ट रूप से नाराज़गी को लेते हैं, तो संतुलन इस बेल्ट में भाजपा के ख़िलाफ़ निर्णायक से जाएगा। बीजेपी से अगर 2.5 प्रतिशत मत (जोकि रूढ़िवादी आंकलन है) गठबंधन की तरफ़ जाते हैं तो उन्हें फ़ायदा होगा, तो न्यूज़क्लिक अनुमान बताते हैं बीजेपी केवल तीन सीटें जीतेगी, बुलंदशहर, अलीगढ़ और आगरा, जबकि शेष पाँच गठबंधन को जाएंगी।

election phase 2_0.jpg

 

यहाँ तक कि जिन तीन सीटों पर बीजेपी जीतेगी, इनमें से दो सीटों (अलीगढ़ और आगरा) में जीत का अंतर लगभग 6,000 वोटों का रहेगा। इनके कम अन्तर को ध्यान में रखते हुए ये दो सीटें भी बहुत आसानी से भाजपा के हाथ से फिसल सकती हैं और ये दोनों भी गठबंधन को मिल सकती हैं, जो आठ में से सात तक को अपनी झोली में डाल सकता है।

इस बेल्ट में, दलित और मुस्लिम आबादी का बड़ा हिस्सा अपनी सामाजिक संरचना के चलते - बीजेपी के ख़िलाफ़ है, ख़ासकर मोदी-योगी की जोड़ी द्वारा उनके ख़िलाफ़ शत्रुतापूर्ण कार्यों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए ऐसा होने की आशा है। दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार के ख़िलाफ़ क़ानून के कमज़ोर पड़ने पर मोदी सरकार के रुख, भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद के साथ किए गए व्यवहार और आमतौर पर मनुस्मृति से प्रेरित उच्च जातियों के वैचारिक प्रभुत्व ने क्षेत्र में दलित समुदायों के बीच गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है। इसी तरह, भाजपा द्वारा कट्टर हिंदुत्ववादी ताक़तों को खुला समर्थन, जिसमें मोहम्मद अख़लाक़ को मारने वाले लोग शामिल हैं। दादरी में अख़लाक़ (जो निकटवर्ती गौतमबुद्ध नगर निर्वाचन क्षेत्र में आता है) 2016 में और चिंगरावती (बुलंदशहर) में गायों के शवों के साथ भीड़ ने इस क्षेत्र में बड़ी मुस्लिम आबादी को आतंकित किया था।

कृषि उत्पादन की क़ीमतों में भारी गिरावट आई है, व्यापक रूप से आलू (इस क्षेत्र में व्यापक रूप से की जाने वाली फसल) और गन्ना भुगतान के मुद्दे पर किसानों में काफ़ी ग़ुस्सा है, और बीजेपी से अगर 2.5 प्रतिशत मत दूर होते हैं तो यह एक कमज़ोर अंदाजा होगा, ये मत ज़्यादा भी गिर सकते हैं।
मोदी सरकार के ख़िलाफ़ आम लोगों में काफ़ी असंतोष भी एक कारक है। इस तरह की विनाशकारी आर्थिक नीतियों, जैसे नोटबंदी/विमुद्रीकरण, माल और सेवा कर(जीएसटी) लागू करना, नौकरियाँ प्रदान करने में असमर्थता आदि ने लोगों के बड़े हिस्से को उससे दूर किया है जिन्होंने पहले मोदी का समर्थन किया था, वे अब विपक्षी खेमे में चले गए हैं।

तो ऊपर दिए गए अनुमान बहुत ही उचित हैं। इसमें, पहले चरण में भाजपा को जो हार का सामना करना पड़ा (भाजपा को पिछली बार वहाँ जीती गई आठ सीटों में से छह के हारने का अनुमान था) को जोड़ें तो यह स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में जहाँ 80 सीटें आती हैं काफ़ी कमज़ोर हो गयी है।
(डाटा प्रोसेसिंग पीयूष शर्मा द्वारा और मैप्स ग्लेनिसा परेरा द्वारा) 

2019 elections
2019 Lok Sabha Polls
2019 Lok Sabha elections
Uttar pradesh
Gathbandhan
BSP
SP
RLD
BJP
AKHILESH YADAV
MAYAWATI
Yogi Adityanath

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • श्रुति एमडी
    ‘तमिलनाडु सरकार मंदिर की ज़मीन पर रहने वाले लोगों पर हमले बंद करे’
    05 Apr 2022
    द्रमुक के दक्षिणपंथी हमले का प्रतिरोध करने और स्वयं को हिंदू की दोस्त पार्टी साबित करने की कोशिशों के बीच, मंदिरों की भूमि पर रहने वाले लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। 
  • भाषा
    श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमज़ोर हुई
    05 Apr 2022
    "सरकारी बजट पर मतदान के दौरान गठबंधन के पास 225 सांसदों में से 157 का समर्थन था, लेकिन अब 50 से 60 सदस्य इससे अलग होने वाले हैं। इसके परिणामस्वरूप सरकार न सिर्फ दो-तिहाई बहुमत खो देगी, बल्कि सामान्य…
  • विजय विनीत
    एमएलसी चुनाव: बनारस में बाहुबली बृजेश सिंह की पत्नी के आगे दीन-हीन क्यों बन गई है भाजपा?
    05 Apr 2022
    पीएम नरेंद्र मोदी का दुर्ग समझे जाने वाले बनारस में भाजपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. सुदामा पटेल ऐलानिया तौर पर अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर आरोप जड़ रहे हैं कि वो…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: आज दूसरे दिन भी एक हज़ार से कम नए मामले 
    05 Apr 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 96 हज़ार 369 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है। और एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 54 रह गयी है।
  • मुकुल सरल
    नफ़रत की क्रोनोलॉजी: वो धीरे-धीरे हमारी सांसों को बैन कर देंगे
    05 Apr 2022
    नज़रिया: अगर किसी को लगता है कि ये (अ)धर्म संसद, ये अज़ान विवाद, ये हिजाब का मुद्दा ये सब यूं ही आक्समिक हैं, आने-जाने वाले मुद्दे हैं तो वह बहुत बड़ा नादान है। या फिर मूर्ख या फिर धूर्त। यह सब यूं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License