NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
अर्थव्यवस्था
चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल, डीजल के दाम में बढ़ोतरी शुरू
चुनाव अब समाप्त हो गया है, इसलिए तेल विपणन कंपनियां अब पिछले दिनों हुए घाटे को पूरा कर सकती हैं।
सुभाष नारायण
20 May 2019
Petrol Price

लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण का मतदान संपन्न होने के एक दिन बाद सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि करके इस बात का संकेत दिया कि चुनाव के दौरान पेट्रोलियम पदार्थो के दाम में राहत मिलने की गुंजाइश अब समाप्त हो चुकी है।

दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल का दाम नौ पैसे की वृद्धि के साथ 71.12 रुपये प्रति लीटर हो गया और डीजल 15 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 66.11 रुपये लीटर हो गया। इसके साथ ही पिछले 15 दिनों के दौरान तेल के दाम में लगातार कटौती का सिलसिला थम गया। 

इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी आने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार गिरावट जारी रही। 

सरकारी तेल विपणन कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले 15 दिनों के तेल के दाम वृद्धि के आधार पर किया गया है। हालांकि जानकार सूत्रों ने बताया कि सरकार के निर्देश पर चुनाव के दौरान तेल के दाम में कटौती की गई। 

चुनाव अब समाप्त हो गया है, इसलिए तेल विपणन कंपनियां अब पिछले दिनों हुए घाटे को पूरा कर सकती हैं। 

जाहिर है कि केंद्र में नई सरकार बनने के साथ उपभोक्ताओं में परिवहन ईंधन की महंगाई का पहला झटका लगेगा।

खाड़ी क्षेत्र में तनाव और ईरान व वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति प्रभावित होने समेत वैश्विक परिस्थितियों से आगे कच्चे तेल के दाम में वृद्धि हो सकती है जिससे तेल की महंगाई पर लगाम लगाना मुश्किल होगा बशर्ते केंद्र सरकार उत्पाद कर में और राज्य सरकारें वैट में कटौती न करें। 

आईएएनएस ने सात मई को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि तेल कंपनियां चुनाव के दौरान तेल के दाम को निचले स्तर पर रखने में हुए घाटे को पाटने के लिए आगे कीमतों में 3-5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर सकती हैं। 

सरकार के सूत्रों ने बताया कि मार्च और अप्रैल के महीने में तेल कंपनियों ने पेट्रोल पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल तीन रुपये प्रति लीटर की रियायत पर बेची, जबकि इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की औसत कीमत क्रमश : 67 डॉलर प्रति बैरल और 71 डॉलर प्रति बैरल थी। यह स्तर मई में भी अब तक बरकरार है। 

इससे पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान पिछले साल तेल कंपनियों ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी के बावजूद 19 दिनों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया था, लेकिन उसके बाद लगातार 16 दिनों तक कीमतों में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा था जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें करीब 3.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई थीं। 

(समाचार एजेंसी आईएएनएस की ओर से जारी)

इसे भी पढ़ें : रसोई गैस सिलेंडर के दाम फिर बढ़े, बिगड़ेगा घर का बजट

petrol price hike
Petrol-Diesel Price Hike
petrol prices
Petrol & diesel price
Ministry of petroleum and gas
Modi Govt
Modi Govt Failure

Related Stories

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

मोदी सरकार 'पंचतीर्थ' के बहाने अंबेडकर की विचारधारा पर हमला कर रही है

लोगों की बदहाली को दबाने का हथियार मंदिर-मस्जिद मुद्दा

ज्ञानवापी, ताज, क़ुतुब पर बहस? महंगाई-बेरोज़गारी से क्यों भटकाया जा रहा ?


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License