NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चुनाव से पहले उद्घाटनों की होड़
भाजपा की चुनाव जीतने की लालसा का अंदाज़ा प्रधानमंत्री कार्यालय के हालिया फैसले से लगाया जा सकता है।
हर्ष कुमार
14 Jul 2018
PM inaugurating

मोदी सरकार की  मौजूदा हालत उस विद्यार्थी जैसी है जो साल भर पढ़ाई से जी चुराता है, मगर परीक्षा आने के कुछ समय पहले सब कुछ पढ़ लेना चाहता है। भाजपा की चुनाव जीतने की लालसा का अंदाज़ा प्रधानमंत्री कार्यालय के हालिया फैसले से लगाया जा सकता है।

दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी मंत्रालयों से उन परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिनका उद्घाटन प्रधानमंत्री 31 दिसंबर से पहले कर सकें। मंत्रालयों से उन परियोजनाओं की लिस्ट माँगी गई है जो इस साल के अंत तक पूरी हो सकती है या जिनकी नींव इस समय तक रखी जा सकती है।

मीडिया रिर्पोट्स के अनुसार मंत्रालयों से परियोजनाओं के नाम के साथ यह जानकारी भी माँगी है कि उन पर होने वाले खर्च में कितना पैसा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगाया जाएगा। मंत्रालयों को परियोजनाओं को शुरू करने के लिए जल्द से जल्द सभी मंजूरी देने के लिए भी कहा गया है। इनमें इंफ्ररास्ट्रक्चर से जुड़े मंत्रालय जैसे आवास एवं शहरी मामलों, सड़क परिवहन राजमार्ग, रेलवे और नागरिक उड्डयन मंत्रालय पर खासा ज़ोर दिया गया है।

इस फीता काटने की होड़ और जल्दबाज़ी का कारण है इस साल के अंत में होने वाले चार राज्यों के  विधानसभा चुनाव और 2019 का लोकसभा चुनाव। फीता काटने के हर कार्यक्रम को आयोजन का रूप देने की इस सरकार की फेहरिस्त लम्बी है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री के साथ नोएडा में सैमसंग की फैक्ट्री का उद्घाटन किया। जिसे दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री के तौर पर प्रचारित किया गया। मगर असल में उस फैक्ट्री की संस्थापना 1986 में ही हो चुकी थी, यह महज़ फैक्ट्री का विस्तार था।

फीता काटने की होड़ का अंदाज़ा इसी बात से भी लगाया जा सकता है  कि हाल ही में जयपुर की रैली में प्रधानमंत्री ने 2,100 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन कर दिया। इनमें से कुछ योजनाएँ ऐसी है जो 2022 में जाकर पूरी होंगी।

आए दिन अख़बार के लम्बे चौड़े विज्ञापन  इस ओर इशारा करते हैं कि कैसे यह सरकार काम से ज़्यादा दिखावे में विश्वास करती है। आँकड़ों की ओर नज़र डालें तो पता चलता है कि कैसे सरकार ने जनता के टैक्स का एक बड़ा हिस्सा सरकारी विज्ञापनों में खर्च कर दिया।

एक आर.टी.आई से मालूम चलता है कि भाजपा सरकार ने 2014-2017 के तीन साल के दौरान 3,529 करोड़ खर्च किए, जहाँ कांग्रेस ने दस साल के दौरान 2658.24 करोड़ रूपये खर्च किए थे।

चार साल तक वर्तमान में सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी जनता के लिए कुछ खास नहीं कर पाई है  उसके लगभग फैसले जनता के हित के बजाए उनके विरोध में ही गए हैं, चाहे वह नोटबंदी हो या जी एस टी। इन सबसे ध्यान हटाने और सुर्ख़ियों में बने रहने के लिए अब प्रधान सेवक राज्य -राज्य जाकर फिता-कटी का काम करेंगे।

नरेंद्र मोदी
शिलान्यास
मोदी सरकार

Related Stories

किसान आंदोलन के नौ महीने: भाजपा के दुष्प्रचार पर भारी पड़े नौजवान लड़के-लड़कियां

सत्ता का मन्त्र: बाँटो और नफ़रत फैलाओ!

जी.डी.पी. बढ़ोतरी दर: एक काँटों का ताज

5 सितम्बर मज़दूर-किसान रैली: सबको काम दो!

रोज़गार में तेज़ गिरावट जारी है

लातेहार लिंचिंगः राजनीतिक संबंध, पुलिसिया लापरवाही और तथ्य छिपाने की एक दुखद दास्तां

माब लिंचिंगः पूरे समाज को अमानवीय और बर्बर बनाती है

अविश्वास प्रस्ताव: दो बड़े सवालों पर फँसी सरकार!

क्यों बिफरी मोदी सरकार राफेल सौदे के नाम पर?

अविश्वास प्रस्ताव: विपक्षी दलों ने उजागर कीं बीजेपी की असफलताएँ


बाकी खबरें

  • यूजीसी फ़्रेमवर्क- भारतीय इतिहास का एक सांप्रदायिक व्यंग्यचित्र: इरफ़ान हबीब
    इरफ़ान हबीब
    यूजीसी फ़्रेमवर्क- भारतीय इतिहास का एक सांप्रदायिक व्यंग्यचित्र: इरफ़ान हबीब
    03 Aug 2021
    जाने-माने मार्क्सवादी इतिहासकार का कहना है कि अपने विषय को वास्तविक रूप से पेश किये जाने को लेकर प्रतिबद्ध सभी इतिहासकारों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से इसे तत्काल वापस लेने की मांग को उठाने में…
  • एसएमजी की पहली राष्ट्रीय कांग्रेस ने पैन-अफ़्रीकीवाद, साम्राज्यवाद-विरोधी और अंतर्राष्ट्रीयवाद का आह्वान किया
    पीपल्स डिस्पैच
    एसएमजी की पहली राष्ट्रीय कांग्रेस ने पैन-अफ़्रीकीवाद, साम्राज्यवाद-विरोधी और अंतर्राष्ट्रीयवाद का आह्वान किया
    03 Aug 2021
    समाजवाद को आगे बढ़ाने के लिए 1993 में स्थापित सोशल फॉरम ऑफ़ घाना (एसएफजी) की सदस्यता में वृद्धि हुई है और अब इसका नाम सोशल मूवमेंट ऑफ घाना (एसएमजी) कर दिया गया है।
  • मैक्सिकोः पूर्व राष्ट्रपतियों पर मुक़दमा चलाने के पक्ष में हुआ मतदान
    पीपल्स डिस्पैच
    मैक्सिकोः पूर्व राष्ट्रपतियों पर मुक़दमा चलाने के पक्ष में हुआ मतदान
    03 Aug 2021
    मैक्सिको के नेशनल इलेक्टोरल इंस्टीट्यूट (आईएनई) की एक त्वरित गणना के अनुसार भारी बहुमत ने पूर्व राष्ट्रपतियों की जांच के पक्ष में मतदान किया।
  • निराश होने का समय नहीं, कांस्य पदक के मुकाबले पर ध्यान लगाना होगा: कप्तान मनप्रीत और श्रीजेश
    भाषा
    निराश होने का समय नहीं, कांस्य पदक के मुकाबले पर ध्यान लगाना होगा: कप्तान मनप्रीत और श्रीजेश
    03 Aug 2021
    टोक्यो ओलंपिक: पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह और स्टार गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कहा कि टीम के पास इस दिल तोड़ने वाली हार के बारे में सोचने का समय नहीं है क्योंकि उन्हें गुरुवार को होने वाले…
  • सीबीएसई की 10वीं कक्षा के परिणाम घोषित, 99.04 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण
    भाषा
    सीबीएसई की 10वीं कक्षा के परिणाम घोषित, 99.04 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण
    03 Aug 2021
    इस बार प्रत्येक विषय के लिए 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर, जबकि 80 अंकों की गणना पूरे वर्ष विभिन्न परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर की गई।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License