NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
छात्र बनाम राजद्रोह : एएमयू को भी जेएनयू बनाने की कोशिश!
एएमयू में हुए बवाल के बाद परिसर में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रशासन ने यहां की इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।नुमाइश में होने वाला मुशायरा भी स्थगित कर दिया गया है।
मुकुंद झा
13 Feb 2019
amu

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) एक बार फिर से गरमाया हुआ है। जेएनयू की तरह ही एएमयू में भी  देश विरोधी  नारेबाजी के आरोप में  14 छात्रों पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया। लेकिन मामला और भी गंभीर होता जा रहा है। छात्रों के विरोध को देखते हुए यहां इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पूरे एएमयू परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया।  इसके साथ ही अगले 24 घंटे में होने वाले सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार 56 छात्रों को गिरफ्तार करने के लिए गैर जमानती वारंट की तैयारी चल रही है।

“ऐ मौज-ए-बला उन को भी ज़रा दो चार थपेड़े हल्के से

कुछ लोग अभी तक साहिल से तूफ़ाँ का नज़ारा करते हैं

ये अहले तरकश कह देंगे, ये बाजी किस ने हारी है

इज्ज़त  से जी लेंगे वरना जामे शाहदत भी लेंगे”

मंगलवार को छात्र संघ के एक प्रतिनिधि ने एक सभा को संबोधित करते हुए अपनी बात को इन लाइनों से शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज पूरा अलीगढ़ विश्विद्यालय एकजुट है और ये सांप्रदायिक लोग जितना हम पर हमला कर रहे हैं, हम उतने ही मजबूत और एकजुट हो रहे हैं। इसके साथ ही लगतार वो एएमयू को बदनाम कर रहे हैं लेकिन उनकी हर कोशिश पहले नाकाम रही थी  और आज भी नाकाम होगी | उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही छात्रों पर हमले हो रहे हैं।  कल भी एक छात्र को अकेला देख उस पर हमला किया गया और वो अभी गंभीर हालत में अस्पताल में है। हिंदुस्तान हमारा मुल्क है। हम इसके निवासी हैं, वो हमारे सब्र का इम्तिहान ले रहे हैं।

छात्र संघ ने रिपब्लिक टीवी पर  प्रतिबन्ध लगाने की मांग की। छात्र नेताओं पर जो  मुक़दमे हैं उनको वापस लेने की मांग की।

इसे भी पढ़े ;- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एक बार फिर से विवादों में

पूरा मामला

बता दें कि एएमयू छात्रसंघ ने मंगलवार को एक कार्यक्रम का अयोजन किया था जिसमें उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असादुदीन ओवैसी को बुलाया था जिसको लेकर अजय सिंह जिनका सम्बन्ध भाजपा और आरएसएस से है उनके नेतृत्व में  छात्रों का एक  गुट इसका विरोध कर रहा था | 

एएमयू के छात्रों का कहना है कि इन्हीं अजय सिंह के कहने पर ही यहां एक टीवी चैनल कि टीम पहुंची तो छात्रसंघ ने उनसे पूछा कि आपके पास परमिशन है जिसको लेकर कुछ बहस हुई। उसके बाद मीडिया चैनल ने अपना लाइव शुरू किया। उनकी शुरुआत ऐसे हुई जिसने वहां खड़े छात्रों को भड़का दिया। छात्रों के मुताबिक उनके शब्द इस प्रकार थे "रिपोर्टिंग लाइव फ्रॉम आतंकवाद का गढ़" इसके बाद छात्र और आक्रमक हो गए। उस दौरान उनकी कैमरा टीम के साथ कुछ बहस हुई। इस तरह का एक वीडियो चल रहा है।

पुलिस के अनुसार उसे छात्रों की नारेबाजी का एक वीडियो मिला है, जिसके आधार पर 14 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार  एफआईआर में एएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, सचिव हुजैफा आमिर, उपाध्यक्ष हमजा सूफियान और पूर्व छात्रसंघ सचिव नदीम अंसारी का नाम शामिल है।

 

वर्तमान स्थिति

एएमयू में हुए बवाल के बाद परिसर में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रशासन ने यहां की इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। डीएम चंद्र भूषण सिंह की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि अलीगढ़ में शांति-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी मोबाइल कंपनियों की इंटरनेट सेवाएं बुधवार दोपहर 2 बजे से लेकर गुरुवार दोपहर 2 बजे तक बंद की जा रही हैं।

amu dm.JPG

आदेश पत्र में कहा गया है कि कोई भी इंटरनेट सेवा इस दौरान पूरे जिले में काम नहीं करेगी। अगले 24 घंटे में होने वाले सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया गया है। इसमें बुधवार को अलीगढ़ कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी में होने वाला कुल हिंद मुशायरे का कार्यक्रम भी शामिल है।

कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया कि एएमयू के उपद्रवी छात्रों की पहचान की जा रही है। ऐसे  56 ऐसे छात्र हैं जिन पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं, इन छात्रों को गिरफ्तार करने के लिए कोर्ट से गैर जमानती वारंट निकलवाया जा रहा है। इसके साथ ही इन छात्रों के निष्कासन को लेकर एएमयू को कहा गया है।

एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज़ का कहना है कि बार-बार एएमयू को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि ये सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ बोलता है जिससे वो परेशान होते हैं इसलिए मोदी और शाह के इशारे पर एएमयू को  बदनाम किया जा रहा है। संघ के लोग बन्दूक लेकर कैंपस में लहरा रहे हैं और छात्रों पर हमला किया  लेकिन उनपर कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि छात्रों पर ही उल्टा देशद्रोह का मुकदमा लगा दिया गया है।

इस भी पढ़े ;- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय: कश्मीरी छात्रों का निष्कासन रदद् हुआ

छात्र संघ का यह भी कहना है  अजय सिंह काफी पहले से लगातर कैंपस का माहौल बिगड़ने का प्रयास कर रहा था। वो तिरंगा यात्रा निकलने के नाम पर हो या फिर कैंपस में मन्दिर बनाने के नाम पर। इस बार भी उसी के इशारे पर ये पूरा हंगामा खड़ा किया गया है। उसके साथियों ने ही मीडिया सहित छात्रों पर भी हमला किया।

हालांकि, रिपब्लिक टीवी के पत्रकार जो विश्वविद्यालय में मौजूद थे, उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया जब वे विश्वविद्यालय से एक ऐसी कहानी पर रिपोर्ट कर रहे थे जिसका एएमयू से कोई लेना-देना नहीं था।

इसको लेकर भी सवाल खड़े किये जा रहे हैं कि जब चैनल की रिपोर्ट का एएमयू से कोई लेना देना नहीं था तो चैनल वहाँ बिना परमिशन के क्यों गया। कई लोग इसे 9 फरवरी 2016 की जेएनयू की घटना से जोड़कर भी देख रहे हैं, वहां भी पूरे प्रकरण में एक मीडिया हॉउस का नाम था जिसका झुकाव सरकार और भाजपा की ओर रहता है। इसबार एक ऐसा ही चैनल है जो सरकार और भाजपा का समर्थन करता दिखता है। लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं कि क्या एएमयू को भी जेएनयू बनाने की कोशिश है।

 इस भी पढ़े ;- यूनियन हॉल में जिन्ना के तस्वीर के कारण एएमयू के छात्र पीटे गये

 

 

AMU
AMU Students
BJP
AMU sedation
Student Protests
JNU

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 11,499 नए मामले, 255 मरीज़ों की मौत
    26 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.28 फ़ीसदी यानी 1 लाख 21 हज़ार 881 हो गयी है।
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, पांचवां चरण: अयोध्या से लेकर अमेठी तक, राम मंदिर पर हावी होगा बेरोज़गारी का मुद्दा?
    26 Feb 2022
    पांचवें चरण के चुनावों में अयोध्या, प्रयागराज और चित्रकूट.... तीन-तीन धर्म नगरी शामिल हैं, जो हमेशा से चुनावों में भाजपा का बड़ा हथियार रही हैं, इसके बावजूद इस बार बेरोज़गारी और महंगाई भाजपा के लिए…
  • pak
    श्रिया सिंह
    पाकिस्तानी छात्रों का छात्र संगठन पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ जारी संघर्ष को सिंह प्रांत में मिली बड़ी जीत
    26 Feb 2022
    क़रीब 38 साल पहले जनरल ज़िया उल हक़ की सैन्य तानाशाही सरकार के दौरान छात्र संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब अगर सिंध के गवर्नर इमरान इस्माइल सिंध स्टूडेंट यूनियंस बिल 2019 पर हस्ताक्षर कर देते हैं…
  • human
    संदीपन तालुकदार
    सबसे बड़ा फ़ैमिली ट्री बनने से आसान हुई पलायन और वंशावली की खोज
    26 Feb 2022
    शोधकर्ताओं ने जेनेटिक्स का इस्तेमाल कर अब तक का सबसे बड़ा फ़ैमिली ट्री तैयार किया है। इसके बनने से पूर्वजों की जानकारी और अभी जो ज़िंदा हैं उनसे उनके संबंधों के बारे में जानकारी मिलना आसान हो गया है।
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: उत्तर प्रदेश का आधे से ज़्यादा रास्ता तय, मणिपुर में भी वोट की जंग
    25 Feb 2022
    इस बार उत्तर ही नहीं पूर्वोत्तर में भी वोट की जंग है। उत्तर प्रदेश अपने चार चरण पूरे कर चुका है और 27 फरवरी को पांचवें चरण का वोट करेगा, जबकि पूर्वोत्तर का अहम राज्य मणिपुर पहले चरण के मतदान के लिए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License