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भारत
राजनीति
छात्र-युवाओं ने हाथ मिलाया, सिविल सोसायटी भी साथ, 7 फरवरी को अधिकार मार्च
नागरिक सभा में सभी वक्ताओं ने लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार को अंतिम कड़ा संदेश देने के लिए 7 फरवरी के युवा मार्च को समर्थन देने की जरूरत पर ज़ोर दिया।
मुकुंद झा
23 Jan 2019
YINCC

कुछ दिनों पहले दिल्ली ने किसानों का मार्च, मज़दूरों का महापड़ाव और हड़ताल, नौजवानों की रोजगार को लेकर रैली के साथ ही महिलाओं का भी दिल्ली मार्च देखा था और अब मोदी सरकार के लगातार शिक्षा और रोजगार पर हमले को देखते हुए छात्र और युवा दोनों एक साथ आ रहे हैं। आने वाली 7 फरवरी को देश के तमाम छात्र और युवा संगठन ‘यंग इंडिया नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी’ (YINCC) के बैनर तले ‘सस्ती अच्छी शिक्षा-सम्मानजनक रोजगार भेदभाव से मुक्ति, हों आज़ाद विचार’ के नारे के साथ दिल्ली के लालकिले से संसद मार्ग तक अधिकार मार्च करेंगे।

मंगलवार, 22 जनवरी को यंग इंडिया अधिकार मार्च के समर्थन में दिल्ली के प्रेस क्लब में एक नागरिक सभा (सिटिजन्स सॉलिडेरिटी पब्लिक मीटिंग) आयोजित की गई जिसमें  भारी संख्या में छात्र-नौजवान और अन्य लोग शामिल हुए। इस सभा में मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवनी, डीयू के प्रो. अपूर्वानद, डीयू की प्रो. नंदिनी सुन्दर, डीयू के प्रो. रतन लाल, वरिष्ठ पत्रकार अनिल चमड़िया, वैज्ञानिक और शायर गौहर रज़ा, जेएनयू की प्रो. जयति घोष और प्रो. निवेदिता मेनन मौजूद रहीं।

“पिछले 20 वर्षों में बेरोजगारी सबसे अधिक”

सभा में प्रो. रतन लाल ने कहा कि भारत में बेरोजगारी की दर पिछले 20 वर्षों में सबसे अधिक है और कम से कम 82% पुरुष और 92% महिलाएं 10,000 रुपये प्रति माह से भी कम कमा रही हैं।  सरकारी पदों के संदर्भ में, कम से कम 24 लाख पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) की स्वयं की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 18-23 वर्ष की आयु के प्रत्येक 100 व्यक्तियों के लिए, केवल 25.8 लोग ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, जबकि हज़ारों स्कूलों को बंद कर दिया गया है। विलय के नाम पर देश, केवल निजी स्कूलों को लाभ पहुंचाने के लिए है।

उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि उच्च शिक्षा में बढ़ते निजीकरण ने छात्रों को भारी ऋण लेने के लिए मजबूर किया है, जिसने रोहित वेमुला जैसे छात्रों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। 2014 और 2016 के बीच, भारत में 26,000 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है।

विधायक जिग्नेश मेवाणी ने मोदी-अमित शाह की जोड़ी पर आरोप लगाते हुए कहा, 'मैं पंद्रह साल के अपने अनुभव से बोल रहा हूं, मोदी और अमित शाह गुजरात मॉडल के नाम पर खून-खराबा, नफरत, सांप्रदायिक तनाव और धार्मिक तनाव पैदा करने के अलावा कुछ नहीं करने जा रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि मोदी ने विकास के बारे में सिर्फ "बात" करने में ही पूरा कार्यकाल खत्म किया, जबकि जब सरकार से उसी पर सवाल किया जाता है, तो वह मंदिरों, गायों, आदि के बारे में बात करके इससे दूर भागते हैं।

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा, “आपातकाल के दौरान, शायद हमारा संविधान खतरे में था, लेकिन आज हमारा संविधान, हमारी विरासत और हमारी संस्कृति सब कुछ खतरे में है। यहां तक कि लोकपाल, व्हिसलब्लोअर या सीबीआई भी खतरे में हैं। ”

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों पर मोदी सरकार के व्यापक हमलों से यह स्पष्ट होता है कि मोदी शासन का एजेंडा लोगों की सोचने और सवाल करने की क्षमता को नष्ट करना है।

सभी वक्ताओं ने लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार को अंतिम कड़ा संदेश देने के लिए 7 फरवरी के युवा मार्च को समर्थन देने की जरूरत पर जोर दिया। सभी पैनलिस्टों ने अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया और युवाओं से मार्च को सफल बनाने में शामिल होने का आग्रह किया।

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पूरे देश के छात्र-युवा आंदोलनों ने मिलाया है हाथ!

7 फरवरी को होने वाला मार्च  अपने आप में एक अलग और ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि देश के तमाम युवा और छात्र संगठन पहली बार एक ही मांग को लेकर एक साथ दिल्ली आ रहे हैं, इससे पहले दिल्ली में कई मार्च हुए जैसे नौजवानों का DYFI के नेतृत्व में 3 नवंबर को लाखों की संख्या में युवा दिल्ली आये थे। इसी तरह छात्रों का कई बार दिल्ली में रैली हुई लेकिन पहली बार युवा और छात्र एक साथ मोदी सरकार की छात्र और युवा विरोधी नीति के खिलाफ हल्ला बोलने दिल्ली आ रहे हैं। सभी संगठन अपने झंडे बैनर को छोड़कर एक सयुंक्त  बैनर के नीचे एकजुट आंदोलन करने जा रहे हैं।

यंग इंडिया मार्च की मुख्य माँगें इस प्रकार हैं :

·सभी रिक्त पदों को तुरंत भरो, परीक्षा में पेपर लीक पर भ्रष्टाचार के राज को खत्म करो।

· शिक्षा पर बजट का न्यूनतम 10% खर्च करो। स्कूल बंद करने, सीट कटौती, फंड कटौती, फीस वृद्धि और आरक्षण कटौती की नीतियों को तुरंत रद्द करो।

·लैंगिक भेदभाव के नियमों को खत्म करो, सभी छात्राओं के लिए हॉस्टल की गारंटी करो, सभी संस्थाओं में यौन उत्पीड़न विरोधी सेल का गठन करो।

·शिक्षा का भगवाकरण बंद करो, कैंपस में अकादमिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी सुनिश्चित करो।

·संविधान प्रदत्त आरक्षण को हर हाल में पूरा करो। सभी कैंपों में भेदभाव विरोधी सेल का गठन करो।

YINCC
YUNG ADHIKAR MARCH
YUNG INDIA
BJP Govt
Narendra modi
Education crises
Student Protests
DILLI CHALO

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