NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
छात्र-युवाओं ने हाथ मिलाया, सिविल सोसायटी भी साथ, 7 फरवरी को अधिकार मार्च
नागरिक सभा में सभी वक्ताओं ने लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार को अंतिम कड़ा संदेश देने के लिए 7 फरवरी के युवा मार्च को समर्थन देने की जरूरत पर ज़ोर दिया।
मुकुंद झा
23 Jan 2019
YINCC

कुछ दिनों पहले दिल्ली ने किसानों का मार्च, मज़दूरों का महापड़ाव और हड़ताल, नौजवानों की रोजगार को लेकर रैली के साथ ही महिलाओं का भी दिल्ली मार्च देखा था और अब मोदी सरकार के लगातार शिक्षा और रोजगार पर हमले को देखते हुए छात्र और युवा दोनों एक साथ आ रहे हैं। आने वाली 7 फरवरी को देश के तमाम छात्र और युवा संगठन ‘यंग इंडिया नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी’ (YINCC) के बैनर तले ‘सस्ती अच्छी शिक्षा-सम्मानजनक रोजगार भेदभाव से मुक्ति, हों आज़ाद विचार’ के नारे के साथ दिल्ली के लालकिले से संसद मार्ग तक अधिकार मार्च करेंगे।

मंगलवार, 22 जनवरी को यंग इंडिया अधिकार मार्च के समर्थन में दिल्ली के प्रेस क्लब में एक नागरिक सभा (सिटिजन्स सॉलिडेरिटी पब्लिक मीटिंग) आयोजित की गई जिसमें  भारी संख्या में छात्र-नौजवान और अन्य लोग शामिल हुए। इस सभा में मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवनी, डीयू के प्रो. अपूर्वानद, डीयू की प्रो. नंदिनी सुन्दर, डीयू के प्रो. रतन लाल, वरिष्ठ पत्रकार अनिल चमड़िया, वैज्ञानिक और शायर गौहर रज़ा, जेएनयू की प्रो. जयति घोष और प्रो. निवेदिता मेनन मौजूद रहीं।

“पिछले 20 वर्षों में बेरोजगारी सबसे अधिक”

सभा में प्रो. रतन लाल ने कहा कि भारत में बेरोजगारी की दर पिछले 20 वर्षों में सबसे अधिक है और कम से कम 82% पुरुष और 92% महिलाएं 10,000 रुपये प्रति माह से भी कम कमा रही हैं।  सरकारी पदों के संदर्भ में, कम से कम 24 लाख पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) की स्वयं की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 18-23 वर्ष की आयु के प्रत्येक 100 व्यक्तियों के लिए, केवल 25.8 लोग ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, जबकि हज़ारों स्कूलों को बंद कर दिया गया है। विलय के नाम पर देश, केवल निजी स्कूलों को लाभ पहुंचाने के लिए है।

उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि उच्च शिक्षा में बढ़ते निजीकरण ने छात्रों को भारी ऋण लेने के लिए मजबूर किया है, जिसने रोहित वेमुला जैसे छात्रों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। 2014 और 2016 के बीच, भारत में 26,000 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है।

विधायक जिग्नेश मेवाणी ने मोदी-अमित शाह की जोड़ी पर आरोप लगाते हुए कहा, 'मैं पंद्रह साल के अपने अनुभव से बोल रहा हूं, मोदी और अमित शाह गुजरात मॉडल के नाम पर खून-खराबा, नफरत, सांप्रदायिक तनाव और धार्मिक तनाव पैदा करने के अलावा कुछ नहीं करने जा रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि मोदी ने विकास के बारे में सिर्फ "बात" करने में ही पूरा कार्यकाल खत्म किया, जबकि जब सरकार से उसी पर सवाल किया जाता है, तो वह मंदिरों, गायों, आदि के बारे में बात करके इससे दूर भागते हैं।

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा, “आपातकाल के दौरान, शायद हमारा संविधान खतरे में था, लेकिन आज हमारा संविधान, हमारी विरासत और हमारी संस्कृति सब कुछ खतरे में है। यहां तक कि लोकपाल, व्हिसलब्लोअर या सीबीआई भी खतरे में हैं। ”

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों पर मोदी सरकार के व्यापक हमलों से यह स्पष्ट होता है कि मोदी शासन का एजेंडा लोगों की सोचने और सवाल करने की क्षमता को नष्ट करना है।

सभी वक्ताओं ने लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार को अंतिम कड़ा संदेश देने के लिए 7 फरवरी के युवा मार्च को समर्थन देने की जरूरत पर जोर दिया। सभी पैनलिस्टों ने अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया और युवाओं से मार्च को सफल बनाने में शामिल होने का आग्रह किया।

49899721_985750281633916_7865260806143737856_n.jpg

पूरे देश के छात्र-युवा आंदोलनों ने मिलाया है हाथ!

7 फरवरी को होने वाला मार्च  अपने आप में एक अलग और ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि देश के तमाम युवा और छात्र संगठन पहली बार एक ही मांग को लेकर एक साथ दिल्ली आ रहे हैं, इससे पहले दिल्ली में कई मार्च हुए जैसे नौजवानों का DYFI के नेतृत्व में 3 नवंबर को लाखों की संख्या में युवा दिल्ली आये थे। इसी तरह छात्रों का कई बार दिल्ली में रैली हुई लेकिन पहली बार युवा और छात्र एक साथ मोदी सरकार की छात्र और युवा विरोधी नीति के खिलाफ हल्ला बोलने दिल्ली आ रहे हैं। सभी संगठन अपने झंडे बैनर को छोड़कर एक सयुंक्त  बैनर के नीचे एकजुट आंदोलन करने जा रहे हैं।

यंग इंडिया मार्च की मुख्य माँगें इस प्रकार हैं :

·सभी रिक्त पदों को तुरंत भरो, परीक्षा में पेपर लीक पर भ्रष्टाचार के राज को खत्म करो।

· शिक्षा पर बजट का न्यूनतम 10% खर्च करो। स्कूल बंद करने, सीट कटौती, फंड कटौती, फीस वृद्धि और आरक्षण कटौती की नीतियों को तुरंत रद्द करो।

·लैंगिक भेदभाव के नियमों को खत्म करो, सभी छात्राओं के लिए हॉस्टल की गारंटी करो, सभी संस्थाओं में यौन उत्पीड़न विरोधी सेल का गठन करो।

·शिक्षा का भगवाकरण बंद करो, कैंपस में अकादमिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी सुनिश्चित करो।

·संविधान प्रदत्त आरक्षण को हर हाल में पूरा करो। सभी कैंपों में भेदभाव विरोधी सेल का गठन करो।

YINCC
YUNG ADHIKAR MARCH
YUNG INDIA
BJP Govt
Narendra modi
Education crises
Student Protests
DILLI CHALO

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License