NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
छत्तीसगढ़ : न मोबाइल बांटना काम आया न मोदी और शाह की सभाएं
छत्तीसगढ़ में भाजपा के द्वारा न मोबाइल बांटना काम आया और न टिफिन बांटना काम आया। किसानों के कर्ज माफ़ी और समर्थन मूल्य के वादे ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की वापसी कर दी।
तामेश्वर सिन्हा
13 Dec 2018
MODI RAMAN
Image Courtesy: Patrika

छत्तीसगढ़ में किसान, आदिवासियों, मजदूरों और मेहनतकश जनता ने कांग्रेस को जनादेश दे दिया। भाजपा का सबसे सुरक्षित किला छत्तीसगढ़ की रमन सरकार औंधे मुंह गिर गई। प्रदेश में  भाजपा के द्वारा न मोबाइल बांटना काम आया और न टिफिन बांटना काम आया। किसानों के कर्ज माफ़ी और समर्थन मूल्य के वादे ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की वापसी कर दी। बता दें कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया है कि किसानों का कर्ज माफ़ किया जाएगा, किसानों को 2500 रुपये समर्थन मूल्य दिया जाएगा। यहां तक कि भाजपा की सरकार जो दो साल से समर्थन मूल्य नहीं दे पाई, उसे भी कांग्रेस देगी। इन्हीं वादों के चलते प्रदेश में किसानों ने एकतरफा जनादेश देकर कांग्रेस को गद्दी सौंप दी है। 

राजनीति के जानकार बताते हैं कि प्रदेश में पहले से ही बदलाव की लहर उठ चुकी थी। जिस तरह से पिछले कई सालों से मजदूर,किसान,कर्मचारी लगातार सड़क की लड़ाई लड़कर जन आन्दोलन के माध्यम से रमन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे, उससे साफ़ प्रतीत हो रहा था कि प्रदेश में अब बदलाव की लहर उठ चुकी है। चुनाव के समय कांग्रेस द्वारा किसानों को लेकर घोषणा और बेरोजगारी, आदिवासियों की भूमि खरीदी जैसी मुद्दों ने गाँव-गाँव में कांग्रेस के पक्ष में लहर पैदा कर दी थी इसका नतीजा है कि आज कांग्रेस 65 प्लस के साथ प्रदेश में सत्ता में आ गई है। 

छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस को सबसे अच्छा दो तिहाई बहुमत मिला। जबकि भाजपा की हालत इस चुनाव में बेहद खराब हो गई। बस्‍तर के 12 सीटों पर 11 में कांग्रेस ने कब्‍जा जमाया है, जबकि एकमात्र दंतेवाड़ा सीट पर ही भाजपा ने जीत दर्ज कराई है। बस्‍तर से भी ज्‍यादा बुरी स्थिति भाजपा की सरगुजा संभाग में हुई। यहां पूरी के पूरी 14 सीटों पर कांग्रेस ने एकतरफा कब्‍जा जमा लिया है। भाजपा या अन्‍य पार्टी को सरगुजा में एक भी सीट नहीं मिली है।

मैदानी इलाकों में भी भाजपा को कांग्रेस ने करारी शिकस्‍त दी है। दुर्ग संभाग के कुल 20 विधानसभा सीटों पर जहां कांग्रेस की 17 सीटों पर जीत हुई है, वहीं भाजपा को मात्र 3 सीटें मिली हैं।

इधर बिलासपुर संभाग की 24 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने 13 सीटों पर जीत का परचम लहराया है, तो जोगी कांग्रेस-बसपा गठबंधन और अन्‍य दलों ने कुल 6 सीटों पर कब्‍जा जमाया है। बिलासपुर संभाग में भाजपा सिर्फ 5 सीटें ही जीत पाई। रायपुर संभाग में कुल 20 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से कांग्रेस ने 13 सीटों पर जब्‍जा जमा लिया है, वहीं 2 सीटों पर अन्‍य दलों ने भी जीत हासिल की है। भाजपा को मात्र 5 सीटें मिली हैं।

छत्तीसगढ़ में सरकार विरोधी लहर के चलते रमन कैबिनेट के आधा दर्जन कद्दावर मंत्रियों को शिकस्त झेलनी पड़ी है। जिन मंत्रियों को अपनी सीट गंवानी पड़ी उनमें प्रेम प्रकाश पांडेय, राजेश मूणत, रामसेवक पैकरा, भैयालाल रजवाड़े, केदार कश्यप और महेश गागड़ा, विक्रम उसेंडी  के नाम शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा के कई और बड़े चेहरों को भी हार का सामना करना पड़ा है। 

“छत्तीसगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता आलोक शुक्ला ने कहा है कि बैलेट पेपर में तीनों राज्यों में कांग्रेस आगे रही अर्थात शासकीय कर्मचारियों ने सत्ता के खिलाफ वोट किया है। आदिवासी, किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों ने एकतरफा वोट कांग्रेस को दिया है। छत्तीसगढ़ में संसाधनों की लूट, भ्रष्टाचार, प्रशासनिक आतंक और दमन के खिलाफ जनता ने जनादेश दिया है।”
 
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने खुद अपनी लड़ाई लड़ी। हम राहुल गांधी के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने जनता की लड़ाई लड़ी। हमें अनुमान से ज्यादा सीटें मिली। 

राहुल गांधी ने अंतागढ़, कोंडागांव, जगदलपुर, भानुप्रतापपुर, डोंगरगढ़, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, खरसिया, कठघोरा, तखतपुर, भिलाईनगर, बैकुण्ठपुर, जशपुर, अंबिकापुर और कवर्धा में सभाएं कीं। इसमें से सिर्फ बलौदाबाजार और जांजगीर-चांपा में कांग्रेस हारी है।

चार संभाग में मोदी की सभा, चारों में भाजपा चित 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगदलपुर, अंबिकापुर, बिलासपुर और महासमुंद में सभाएं की। इसमें पांचों संभाग के उम्मीदवार शामिल हुए। संभागवार परिणामों में रायपुर संभाग में 20 में भाजपा को पांच, बिलासपुर संभाग की 24 में 7, सरगुजा संभाग की 14 में सभी सीट पर भाजपा हार गई। दुर्ग संभाग की 20 में तीन और बस्तर संभाग की 12 में से एक सीट पर ही भाजपा उम्मीदवारों को जीत मिली।

शाह की दस सभाएं और दो रोड शो भी न आए काम

प्रधानमंत्री मोदी के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी छत्तीसगढ़ में पूरी ताकत झोंकी लेकिन काम न आई। उन्होंने खुज्जी, खैरागढ़, कोंडागांव, राजिम, पामगढ़, पाटन, अभनपुर, पत्थलगांव, खरसिया और धमतरी में प्रचार किया। इसमें खैरागढ़ और धमतरी में ही भाजपा की जीत हुई है।
 

Chhattisgarh elections 2018
CHHATTISGARH RESULT
Narendra modi
Amit Shah
Raman Singh
Rahul Gandhi

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • language
    न्यूज़क्लिक टीम
    बहुभाषी भारत में केवल एक राष्ट्र भाषा नहीं हो सकती
    05 May 2022
    क्या हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देना चाहिए? भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष से लेकर अब तक हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की जद्दोजहद कैसी रही है? अगर हिंदी राष्ट्रभाषा के तौर पर नहीं बनेगी तो अंग्रेजी का…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    "राजनीतिक रोटी" सेकने के लिए लाउडस्पीकर को बनाया जा रहा मुद्दा?
    05 May 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार सवाल उठा रहे हैं कि देश में बढ़ते साम्प्रदायिकता से आखिर फ़ायदा किसका हो रहा है।
  • चमन लाल
    भगत सिंह पर लिखी नई पुस्तक औपनिवेशिक भारत में बर्तानवी कानून के शासन को झूठा करार देती है 
    05 May 2022
    द एग्ज़िक्युशन ऑफ़ भगत सिंह: लीगल हेरेसीज़ ऑफ़ द राज में महान स्वतंत्रता सेनानी के झूठे मुकदमे का पर्दाफ़ाश किया गया है। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल
    05 May 2022
    राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अगर गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने वाला फ़ैसला आता है, तो एक ही जेंडर में शादी करने जैसे दूसरे अधिकार भी ख़तरे में पड़ सकते हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अंकुश के बावजूद ओजोन-नष्ट करने वाले हाइड्रो क्लोरोफ्लोरोकार्बन की वायुमंडल में वृद्धि
    05 May 2022
    हाल के एक आकलन में कहा गया है कि 2017 और 2021 की अवधि के बीच हर साल एचसीएफसी-141बी का उत्सर्जन बढ़ा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License