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भारत
राजनीति
छठा चरण, सात राज्य, 59 सीट : एनडीए के लिए निर्णायक दौर
2014 में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को इन 59 सीटों में से 45 सीटों पर जीत मिली थी। अगर भाजपा इस चरण में भी पिछड़ी तो फिर वह बहुमत से काफी दूर रह सकती है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 May 2019
2019 Election

लोकसभा चुनाव के छठे चरण में रविवार,12 मई को सात राज्यों की 59 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। इस चरण में उत्तर प्रदेश की 14, हरियाणा की सभी 10, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और बिहार की आठ-आठ, दिल्ली की सभी सात और झारखंड की चार सीटों पर मतदान होगा।

ये चरण एनडीए ख़ासकर भाजपा के लिए अहम है। पिछली बार 2014 आम चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को इन 59 सीटों में से 45 सीटों पर जीत मिली थी। अगर भाजपा इस चरण में भी पिछड़ी तो फिर वह बहुमत से काफी दूर रह सकती है।

दिल्ली : 7 सीट : त्रिकोणीय मुकाबला

दिल्ली में सातों सीटों पर कांग्रेस, भाजपा और आप के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। सात सीटों की स्थिति इस प्रकार है।

1. पूर्वी दिल्ली में आप की आतिशी , कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली और भाजपा से गौतम गंभीर मुकाबले में हैं।

2. पश्चिम दिल्ली से बीजेपी ने अपने वर्तमान सांसद एमपी प्रवेश वर्मा को, कांग्रेस ने अपने पुराने दिग्गज नेता महाबल मिश्रा को और आप ने बलबीर सिंह जाखड़ को उम्मीदवार बनाया है

3. नई दिल्ली से बीजेपी ने वर्तमान सांसद मीनाक्षी लेखी, कांग्रेस ने अजय माकन और आप से बृजेश गोयल को टिकट दिया है।

4. उत्तर पश्चिम दिल्ली (सुरक्षित सीट) से बीजेपी ने उदित राज का टिकट काटकर गायक हंस राज हंस को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने इस बार यहां से राजेश लिलोठिया को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि आप ने गुग्गन सिंह को खड़ा किया है।

5. उत्तर पूर्व दिल्ली इस सीट पर तीनों ही पार्टी के बड़े नेता मैदान में हैं। इस सीट से बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, कांग्रेस की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और आप से दिलीप पांडेय चुनाव लड़ रहे हैं।

6. दक्षिण दिल्ली से बीजेपी ने वर्तमान सांसद रमेश विधूड़ी को फिर से मैदान में उतारा है। आप ने यहां से युवा राघव चड्ढा को मैदान में उतारा है और कांग्रेस ने बॉक्सर विजेंदर सिंह को टिकट दिया है।

7. चांदनी चौक से बीजेपी ने अपने वर्तमान सांसद डॉ. हर्षवर्धन को ही उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने यहां से जयप्रकाश अग्रवाल और आप ने पंकज गुप्ता को खड़ा किया है।

मतदान को देखते हुए रविवार को मेट्रो ट्रेन की सेवा सुबह चार बजे शुरू हो जाएगी।

सुरक्षा के लिए पूरे शहर में होम गार्ड तथा अर्धसैनिक बलों समेत 60 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि  ‘‘आदर्श आचार संहिता सख्ती से लागू की जा रही है। मतदान में बाधा उत्पन्न करने के लिए असामाजिक तत्वों के राष्ट्रीय राजधानी में घुसने के किसी भी प्रयास को नाकाम करने के लिए सीमावर्ती इलाकों पर विशेष नजर है। मतदाताओं को प्रभावित न करने के उद्देश्य से असामाजिक तत्वों की गतिविधियों और शराब बांटने जैसे कदाचारों पर कड़ी निगरानी रखी जायेगी।’’

पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) और बल के प्रवक्ता मधुर वर्मा ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई है। रात्रि गश्त को बढ़ा दिया गया है।

उत्तर प्रदेश : 14 सीट : आजमगढ़, सुल्तानपुर, फूलपुर और इलाहाबाद पर नज़र

उत्तर प्रदेश में पूर्वाचल की 14 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इनमें सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, इलाहाबाद, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संत कबीर नगर, लालगंज, आजमगढ़,जौनपुर, मछलीशहर और भदोही शामिल हैं। इनमें से आजमगढ़, सुल्तानपुर, फूलपुर और इलाहाबाद (प्रयागराज) पर देश की नजरें हैं।

उत्तर प्रदेश में कुल 2.53 करोड़ मतदाता 14 महिलाओं सहित 177 प्रत्याशियों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे। इस चरण में होने वाले मतदान के लिए कुल 16998 मतदान केंद्र और29076 मतदान बूथ बनाए गए हैं। भाजपा ने यहां से 14, कांग्रेस ने 11, सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के तहत बसपा ने 11 और सपा ने तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के तीन उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 

आज़मगढ़

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बार आजमगढ़ से चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट से उनके पिता और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने 2014 के चुनाव में मोदी लहर के बावजूद जीत दर्ज कराई थी।

इस बार सपा को बसपा का भी साथ है, जिसके कारण सपा की जीत का अंतर बढ़ सकता है। वहीं भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने अखिलेश के मुकाबले के लिए भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल निरहुआ को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने यहां से अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है।

सुल्तानपुर

सुल्तानपुर से इस बार केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी चुनाव मैदान में हैं। पिछली बार इस सीट से मेनका के पुत्र वरुण गांधी ने जीत दर्ज की थी। मां-बेटे ने इस बार सीटों की अदला-बदली कर ली है।

मेनका के खिलाफ गठबंधन की ओर से चन्द्रभान सिंह यादव मैदान में हैं तो कांग्रेस ने संजय सिंह को यहां से चुनाव लड़ाकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास किया है।

इलाहाबाद

इलाहाबाद लोकसभा सीट से सांसद श्यामाचरण गुप्ता के सपा में चले जाने से भाजपा ने यहां से योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को उम्मीदवार बनाया है। अभी हाल में हुए कुंभ का श्रेय लेने के लिए भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है, जबकि सपा ने पिछड़ा कार्ड खेलते हुए राजेन्द्र पटेल को चुनाव मैदान में उतारा है। कभी भाजपा से चुनाव लड़ चुके योगेश कांग्रेस के टिकट पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के प्रयास में हैं।

फूलपुर

फूलपुर सीट पर भी सभी की निगाहें हैं। 2014 के चुनाव में मोदी लहर में यहां से प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने जीत दर्ज की थी। इस सीट पर भाजपा की यह पहली जीत थी,लेकिन उपचुनाव में गठबंधन ने भाजपा से यह सीट छीन ली थी।

इस सीट पर भाजपा ने केशरी देवी पटेल को चुनाव मैदान में उतारा है, तो गठबंधन के उम्मीदवार पंधारी यादव हैं। कांग्रेस ने दिवंगत सोनेलाल पटेल के दामाद पंकज निरंजन को टिकट देकर लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है।


बिहार : 8 सीट : एनडीए के लिए राह मुश्किल

बिहार में आठ लोकसभा सीटों पर रविवार को मतदान होगा, जिसमें वाल्मीकिनगर, गोपालगंज, सीवान, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, महाराजगंज और वैशाली शामिल हैं।

 ये आठ सीटें एनडीए के लिए अहम हैं क्योंकि 2014 के चुनाव में इनमें भाजपा ने सात सीटें अपनी झोली में डाली थी जबकि एक सीट भाजपा के सहयोगी राम विलास पासवान की लोजपा ने जीती थी।

भाजपा ने अपनी तीन जीती हुई सीटें--वाल्मीकि नगर, सिवान, गोपालगंज- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू को दे दी जो 2017 में एनडीए में लौट आए थे।

पूर्वी चंपारण

पूर्वी चंपारण से केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह मैदान में है। वह इस सीट का पांच बार से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 69 वर्षीय भाजपा के वरिष्ठ नेता का मुकाबला आरएलएसपी के युवा उम्मीदवार आकाश सिंह से है जो उनसे उम्र में आधे से भी कम हैं। इसके अलावा सीपीआई ने भी यहां ताल ठोंकी है। सीपीआई से यहां प्रभाकर जायसवाल चुनाव मैदान में हैं।

वैशाली

वहीं, पांच बार सांसद रह चुके राजद उम्मीदवार रघुवंश प्रसाद सिंह वैशाली सीट को लोजपा से छीनने के लिए मैदान में हैं। लोजपा ने इस सीट से मौजूदा सांसद माफिया डॉन और सियासतदान रामा सिंह की जगह वीना देवी को टिकट दिया है। वह पूर्व विधायक हैं और भाजपा से जुड़ी रही हैं।

मौजूदा सांसद रामा देवी शिवहर पर कब्जा बरकरार रखने के लिए मैदान में है जहां उनका मुकाबला राजद के सैयद फैसल अली से है।

राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप ने अली को टिकट देने के खिलाफ बगावत कर दी थी और सीट से अपने विश्वासपात्र अंगेश कुमार सिंह को उतार दिया था, लेकिन वह नामाकंन रद्द होने की वजह से चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं।

सिवान

सिवान स्थानीय बाहुबलियों की पत्नियों के बीच मुकाबले का गवाह बन रहा है। इस सीट से भाजपा के मौजूदा सांसद ओम प्रकाश यादव को टिकट नहीं मिला, क्योंकि यह सीट जद-यू के खाते में चली गई जिसने स्थानीय विधायक कविता सिंह को टिकट दिया है जो अजय सिंह की पत्नी हैं।

राजद ने इस बार भी बाहुबली शाहबुद्दीन की पत्नी हिना शाहाब को टिकट दिया है। वह बीते दो चुनाव में हार का मुंह देख चुकी हैं। शाहबुद्दीन यहां से चार बार सांसद रह चुके हैं और इस समय जेल में बंद हैं।

यहां मुकाबले का तीसरा कोण भाकपा माले के प्रत्याशी अमरनाथ यादव बना रहे हैं और जद-यू और राजद (महागठबंधन) दोनों के प्रत्याशियों को अच्छी चुनौती दे रहे हैं।

वाल्मीकि नगर में भाजपा के सांसद सतीश चंद्र दूबे की जगह जद-यू के बैद्यनाथ माहतो को टिकट मिला है जो 2009 में जीते थे।

वहीं महागठबंधन में साझेदार कांग्रेस ने वाल्मीकि नगर से पूर्व मुख्यमंत्री और इंदिरा गांधी कैबिनेट में रेल मंत्री रहे केदार पांडे के पोते शाश्वत केदार को टिकट दिया है।

आरक्षित सीट गोपालगंज पर जदयू के आलोक कुमार सुमन का मुकाबला राजद के सुरेंद्र राम से है।

झारखंड : 4 सीट

झारखंड में इस दौर में चार सीटों गिरिडीह, धनबाद, जमशेदपुर और सिंहभूम (एसटी) के लिए वोट डाले जाएंगे। राज्य में चुनाव के लिए 8300 मतदान केंद्रों बनाए गए हैं जहां 66,85,401 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके 67 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

यहां सर्वाधिक 23 प्रत्याशी जमशेदपुर सीट से चुनाव मैदान में हैं। धनबाद के लिए 20, गिरिडीह के लिए 15 और सिंहभूम के लिए नौ प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जहां धनबाद में भाजपा के सांसद पीएन सिंह का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार कीर्ति आजाद से है वहीं जमशेदपुर में भाजपा के सांसद बिद्युत बरण महतो का मुकाबला झारखंड मुक्ति मोर्चा के चंपई सोरेन और भाकपा माले के मलय कुमार महतो से है।

सिंहभूम से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भ्रष्टाचार के आरोपी मधु कोड़़ा की पत्नी गीता कोड़ा कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं जबकि उनके मुकाबले वहां से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ मैदान में हैं।

इसके अलावा गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र से भाजपा समर्थित आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के उम्मीदवार राज्य के जल संसाधन मंत्री चंद्रप्रकाश चैधरी का मुकाबला झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार जगन्नाथ महतो से है।

मध्य प्रदेश : आठ सीट : भोपाल पर सबकी नज़र

मध्य प्रदेश में इस चरण में आठ लोकसभा सीटों मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल और राजगढ़ के लिये वोट डाले जाएंगे।

मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी एल कांता राव ने बताया कि इस दौर में एक करोड़ 44 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करके 138 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

वर्ष 2014 में इनमें से सात सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया था, जबकि गुना सीट कांग्रेस के खाते में गई थी।

इन आठ सीटों पर 14 महिलाओं सहित कुल 138 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से मुरैना में 25, भिण्ड में 18, ग्वालियर में 18, गुना में 13, सागर में 10, विदिशा में 13, भोपाल में 30 और राजगढ़ में 11 उम्मीदवार शामिल हैं।

यह मध्य प्रदेश में मतदान का तीसरा और देश में मतदान का छठा चरण है। इसमें केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (मुरैना से भाजपा प्रत्याशी), कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (गुना) एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (भोपाल) जैसे वरिष्ठ नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है।

इनके अलावा, भोपाल सीट से दिग्विजय के खिलाफ लड़ रहीं माले गांव बम विस्फोटों की आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भी मैदान में हैं।

यहां मुरैना लोकसभा क्षेत्र से बसपा ने हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना को टिकट दिया है।

मध्य प्रदेश में कुल 29 लोकसभा सीटें है। छह सीटों के लिए मतदान 29 अप्रैल को और सात सीटों के लिए मतदान 6 मई को हो गया है।

हरियाणा : 10 सीट

हरियाणा की सभी 10 सीटों पर इस एक चरण में ही वोट डाले जा रहे हैं। इनमें अहम है हिसार, रोहतक और सोनीपत। हिसार में प्रमुख उम्मीदवार हैं दुष्यंत चौटाला (जननायक जनता पार्टी),भव्य बिश्नोई (कांग्रेस), बृजेंद्र सिंह (भाजपा)।

रोहतक में दीपेंद्र सिंह हुड्डा (कांग्रेस), अरविंद शर्मा (भाजपा), धर्मवीर (इंडियन नेशनल लोकदल) के बीच मुकाबला है।  जाट बहुल आबादी वाले रोहतक में कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। झज्जर और रेवाड़ी जिलों के कुछ हिस्सों को शामिल करने वाला रोहतक संसदीय क्षेत्र परंपरागत रूप से जाट उम्मीदवारों के पक्ष में रहा है, लेकिन भाजपा ने ब्राह्मण चेहरे को चुना है।

यह संसदीय क्षेत्र कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ है। कांग्रेस ने यहां 17 में से 11 बार लोकसभा चुनाव जीते हैं। 41 साल के दीपेंद्र सिंह हुड्डा 2014 में मोदी लहर के हरियाणा से जीतने वाले एकमात्र कांग्रेस नेता थे।

सोनीपत में भूपिंदर सिंह हुड्डा (कांग्रेस), रमेश चंद्र कौशिक (भाजपा), दिग्विजय चौटाला (जेजेपी), सुरेंद्र छिकारा (इनेलो) प्रमुख उम्मीदवार हैं। इस जाट बहुल संसदीय क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। कौशिक को छोड़कर, सभी चार मुख्य उम्मीदवार जाट समुदाय के हैं, जिसके पास 15 लाख से अधिक वोट हैं।

इस निर्वाचन क्षेत्र में नौ विधानसभा सीटों में से पांच हुड्डा के वफादारों के पास हैं, जो उम्मीदवार को लेकर खींचतान को निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण कारक थे। जेजेपी के उम्मीदवार दिग्विजय चौटाला जींद जिले में पड़ने वाले तीन विधानसभा क्षेत्रों पर काफी हद तक निर्भर है। वहीं, भाजपा प्रत्याशी अपनी सोनीपत और जींद विधानसभा क्षेत्रों में शहरी निर्वाचन क्षेत्र पर बहुत अधिक निर्भर करता है।

पश्चिम बंगाल : 8 सीट  

इस चरण में पश्चिम बंगाल के 5 जिलों की 8 सीटों पर मतदान होगा। ये सीटे हैं- तमलुक, कांथी, घाटल, झाड़ग्राम (एसटी), मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुड़ा और बिष्णुपुर (एससी)। इन सीटों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी, कांग्रेस और वाम मोर्चा (माकपा, भाकपा व फारवर्ड ब्लाक) के प्रत्याशियों के बीच मुख्य मुकाबला है। इन सीटों पर 1,33,69,749 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे और 83 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।

इसके अलावा निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार को जारी अधिसूचना के अनुसार पश्चिम बंगाल के दो संसदीय क्षेत्रों-बैरकपुर और आरामबाग (एससी) के दो मतदान केंद्रों पर 12 मई को दोबारा मतदान होगा।

इन संसदीय क्षेत्रों में 6 मई को पांचवें चरण के अंतर्गत मतदान हुआ था।

अधिसूचना के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने बैरकपुर के बिजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतगर्त मतदान केंद्र संख्या 116- कांचरापाड़ा उद्बोधिनी माध्यमिक विद्यालय और आरामबाग के तारकेश्वर में मतदान केंद्र संख्या 110- लस्करपुर नेताजी प्राथमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र पर फिर से चुनाव कराने का आदेश दिया है।

इस तरह 543 सदस्यीय लोकसभा की 483 सीटों के लिए रविवार को मतदान संपन्न हो जाएगा। बाकी सीटों के लिए अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होगा।19 मई को आठ राज्यों की 59सीटों पर मतदान होगा। मतगणना 23 मई को होगी। 

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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