NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
कथित 'माओवादी' लड़की को मुठभेड़ में मारने के आरोप को परिजनों ने बताया फ़र्ज़ी, कहा रेप कर हत्या की
कांग्रेस-शासित छत्तीसगढ़ में एक कथित माओवादी लड़की को उसके घर से ले जाकर बलात्कार और उसके बाद उसकी हत्या कर देने का आरोप सुरक्षा बलों पर लग रहा है। दांतेवाड़ा के डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड ने बलात्कार से इनकार किया है और कहा है कि वह लड़की मुठभेड़ में मारी गई है।
सबरंग इंडिया
10 Jun 2021
कथित 'माओवादी' लड़की को मुठभेड़ में मारने के आरोप को परिजनों ने बताया फर्जी, कहा- रेप कर मार डाला

कांग्रेस-शासित छत्तीसगढ़ में एक कथित माओवादी लड़की को उसके घर से ले जाकर बलात्कार और उसके बाद उसकी हत्या कर देने का आरोप सुरक्षा बलों पर लग रहा है। दांतेवाड़ा के डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड ने बलात्कार से इनकार किया है और कहा है कि वह लड़की मुठभेड़ में मारी गई है। पायके वेको के माता-पिता का कहना है कि डिस्ट्रिाक्ट रिज़र्व गार्ड के लोग 31 मई की रात को उसके घर आए, नींद में सो रही पायके को उठाया और अपने साथ ले गए, बाद में उसका शव मिला। 

परिजनों का कहना है कि सुरक्षा बल के लोगों ने पेयको के साथ बलात्कार किया और उसे गोली मार कर उसके शव को फेंक दिया और मुठभेड़ का दावा किया। पायके की माँ सुक्की वेको ने 6 जून को डीआरजी को लिखी एक चिट्ठी में कहा कि सुरक्षा बल के लोगों ने पायके को माओवादी क़रार दिया, उसे ज़बरन अपने साथ जंगल ले गए। उन्होंने कहा , 'पायके के शरीर पर नोच-खरोच और चोट के निशान हैं, साफ है कि उसके साथ शारीरिक हिंसा हुई।' परिजनों ने सुरक्षा बल के सात जवानों को पहचानने का दावा भी किया है जो उसके घर में ज़बरन घुस कर पायके को अपने साथ ले गए थे। 

बस्तर रेंज के आईजी सुंदराज पी. ने 'हिन्दुस्तान टाइम्स' से बात करते हुए इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पायके को उसके घर से नहीं पकड़ा गया था, न ही उसके साथ बलात्कार हुआ था। उन्होंने कहा कि माओवादियों की सेना पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीजीएलए) के प्लाटून संख्या 16 के कुछ लोगों से पूछताछ के आधार पर गुमलनगर इलाक़े में 31 मई की रात डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड ने कार्रवाई की। रात भर मुठभेड़ चलती रही, सुबह 6.30 पर गोलीबारी रुकी। एक लड़की का शव मिला, जिसकी पहचान पायके वेको के रूप में की गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह माओवादी काडर थी और इसके ऊपर दो लाख रुपए का ईनाम रखा गया था। उसके पास से देशी हथियार और हथगोले बरामद हुए। उन्होंने यह भी कहा कि पायके 2016 से ही पीजीएलए के प्लाटून 16 में थी। पायके के घर के लोगों ने उसके माओवादी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि पायके बहुत पहले माओवादी संगठन में थी। घर के लोगों का कहना है कि पायके ने बहुत पहले ही संगठन छोड़ दिया था, पिछले सात साल से उनसे अलग होकर घर में माता-पिता के साथ रह रही थी। उसकी शादी 10 जून को होने वाली थी।
 
क्या कहना है स्थानीय लोगों का?

'हिन्दुस्तान टाइम्स' के मुताबिक, सुरक्षा बल जिस जगह मुठभेड़ होने की बात करते हैं, उस गाँन चिनगी के सरपंच ने मुठभेड़ होने से इनकार किया और इसकी पुष्टि की है कि सुरक्षा बल के लोग पायके को उसके घर से ही ले गए। इस नक्सल प्रभावित इलाक़े में पुलिस व सुरक्षा बलों पर इस तरह के आरोप कई बार पहले भी लग चुके हैं।  फरवरी में 20 साल की एक आदिवासी युवती के बारे में पुलिस ने कहा  था कि वह माओवाादी थी, उसने आत्मसमर्पण कर दिया था और उसके बाद उसने आत्महत्या कर ली थी। लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरेन ने कहा कि वह युवती माओवादी नहीं थी और पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आत्मसमर्पण दिखाया था। 

साभार : सबरंग 

Chhattisgarh
MAOISTS
Rape and Murder
crimes against women
violence against women
Congress

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर


बाकी खबरें

  • CORONA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 15 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 278 मरीज़ों की मौत
    23 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 15,102 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 28 लाख 67 हज़ार 31 हो गयी है।
  • cattle
    पीयूष शर्मा
    यूपी चुनाव: छुट्टा पशुओं की बड़ी समस्या, किसानों के साथ-साथ अब भाजपा भी हैरान-परेशान
    23 Feb 2022
    20वीं पशुगणना के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि पूरे प्रदेश में 11.84 लाख छुट्टा गोवंश है, जो सड़कों पर खुला घूम रहा है और यह संख्या पिछली 19वीं पशुगणना से 17.3 प्रतिशत बढ़ी है ।
  • Awadh
    लाल बहादुर सिंह
    अवध: इस बार भाजपा के लिए अच्छे नहीं संकेत
    23 Feb 2022
    दरअसल चौथे-पांचवे चरण का कुरुक्षेत्र अवध अपने विशिष्ट इतिहास और सामाजिक-आर्थिक संरचना के कारण दक्षिणपंथी ताकतों के लिए सबसे उर्वर क्षेत्र रहा है। लेकिन इसकी सामाजिक-राजनीतिक संरचना और समीकरणों में…
  • रश्मि सहगल
    लखनऊ : कौन जीतेगा यूपी का दिल?
    23 Feb 2022
    यूपी चुनाव के चौथे चरण का मतदान जारी है। इस चरण पर सभी की निगाहें हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में हर पार्टी की गहरी हिस्सेदारी है।
  • Aasha workers
    वर्षा सिंह
    आशा कार्यकर्ताओं की मानसिक सेहत का सीधा असर देश की सेहत पर!
    23 Feb 2022
    “....क्या इस सबका असर हमारी दिमागी हालत पर नहीं पड़ेगा? हमसे हमारे घरवाले भी ख़ुश नहीं रहते। हमारे बच्चे तक पूछते हैं कि तुमको मिलता क्या है जो तुम इतनी मेहनत करती हो? सर्दी हो या गर्मी, हमें एक दिन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License