NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश में वीएचपी, बजरंग दल के निशाने पर अब ईसाई समुदाय
पिछले दो महीनों के दौरान दक्षिणपंथी समूहों ने या तो मिशनरी स्कूलों और चर्चों को अपना निशाना बनाया है या ईसाइयों के खिलाफ प्रथिमिकी दर्ज कराई है।
काशिफ़ काकवी
08 Dec 2021
bajrang
प्रतीकात्मक तस्वीर। चित्र साभार: एएफपी

भोपाल: बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) ने मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंज बसोडा कस्बे में ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित सेंट जोसेफ़ स्कूल में उस दौरान तोड़फोड़ मचाई, जब छात्र सोमवार दोपहर के वक्त 10वीं की बोर्ड परीक्षायें दे रहे थे। 

सोशल मीडिया पर एक वीडिओ के सामने आने के बाद, जिसमें स्कूल में एक प्रार्थना सभा को दिखाया गया था, के बाद आठ छात्रों के कथित धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए दक्षिणपंथी समूहों ने स्कूल में घुसकर “जय श्री राम” के नारे लगाते हुए इमारत पर पथरावबाजी की।

गंज बसोडा एसडीएम रोशन राय ने मीडिया को बताया, “वीएचपी और बजरंग दल के सदस्यों ने घोषणा की थी कि सेंट जोसफ स्कूल में आठ बच्चों के कथित धर्मांतरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। भीड़ ने स्कूल की इमारत पर पथराव किया। किसी के भी घायल होने की रिपोर्ट नहीं है।”

इस सिलसिले में पुलिस ने चार पहचान कर लिए गए वीएचपी के सदस्यों और 50 अज्ञात बजरंग दल सदस्यों के खिलाफ धारा 147 (दंगा करने), 148 (खतरनाक हथियारों से लैस होकर दंगा करने) और 427 (50 रूपये से अधिक की राशि को नुकसान पहुंचाने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

स्कूल द्वारा धर्मांतरण करने के आरोपों का खंडन करने के साथ प्रधानाध्यपक ब्रदर एंटोनी ने संवावदाताओं को बताया कि यह “यूट्यूब पर फेक न्यूज़ फैलाई गई गई थी जिसमें आठ हिन्दू बच्चों के कथित धर्मांतरण का आरोप लगाया गया था, जो कि असल में कैथोलिक छात्र हैं जिन्हें धार्मिक अनुष्ठान सिखाया जा रहा है।” 

स्कूल के एक कर्मचारी ने बताया, “हमने दक्षिणपंथी लोगों की तरफ से हमले के खतरे के मद्देनजर पुलिस और जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।”

राज्य में पिछले दो महीनों के दौरान इस प्रकार के आठ से अधिक मामले दर्ज किये जा चुके हैं जिनमें दक्षिणपंथी समूहों ने या तो मिशनरी स्कूलों और गिरिजाघरों को निशाना बनाया या ईसाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

झाबुआ में, दक्षिण-पंथी लोगों ने रविवार को एक सौ साल पुराने कैथोलिक चर्च को ध्वस्त कर देने और चर्चों का मुआयना करने की धमकी दी थी। सतना और मंडला जिलों में, मिशनरी स्कूलों के भीतर देवी सरस्वती की मूर्ति की स्थापना की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गए। वहीँ झाबुआ और सतना में कथित धर्म परिवर्तन के आरोपों में ईसाइयों के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

झाबुआ 

ईसाई समुदाय पर सबसे बड़ा हमला झाबुआ में देखने को मिला है। इस आदिवासी बहुल जिले में 35,000 से अधिक की संख्या में कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट मतदाताओं के तौर पर आदिवासियों की अच्छीखासी आबादी है। यहाँ पर 24 से अधिक चर्च हैं जिनमें से अधिकाँश का निर्माण आजादी से पहले किया गया था और मिशनरियों के द्वारा यहाँ पर 20 स्कूल चलाए जा रहे हैं।

पिछले कुछ हफ़्तों से जबसे जिला प्रशासन द्वारा सात मिशनरी स्कूलों के लाइसेंस को नवीनीकृत करने से इंकार कर दिया गया है, जहाँ पर 10,000 से अधिक छात्र नामांकित हैं, उसके बाद से ही समुदाय को खतरा महूसस हो रहा है। सितंबर में, जिला प्रशासन ने एक आदेश जारी करते हुए तमाम गिरिजाघरों को अपना विवरण देने और क़ानूनी धर्मांतरण को सुनिश्चित करने के लिए अपना विवरण और उनके धर्मांतरण प्रमाणपत्रों को जमा करने को कहा था।  

भोपाल की एक सामुदायिक नेता मारिया स्टीफन ने न्यूज़क्लिक को बताया, “एक समुदाय के बतौर हम आतंकित महसूस कर रहे हैं।”

आदिवासी समाज सुधारक संघ, जो कि वीएचपी से सम्बद्ध है के संयोजक आजाद प्रेम सिंह डामोर और उनके आदमियों ने 26 सितंबर को एक सौ साल पुराने कैथोलिक चर्च को ध्वस्त करने की कोशिश की थी।

झाबुआ में समुदाय की ओर से जन-संपर्क अधिकारी फादर रॉकी शाह ने कहा, “समुदाय के नेताओं की ओर से सुरक्षा की मांग को लेकर जिला प्रशासन के साथ-साथ राष्ट्रपति के पास शिकायती पत्र भेजने के बाद जाकर इस विध्वंस को रोका जा सका है। अब वे फिर से क्रिसमस पर इसे ध्वस्त करने की धमकी दे रहे हैं।” उनका आरोप था, “हमने प्रेम सिंह के खिलाफ कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं कि वह एक समुदाय को धमका रहा है और सोशल मीडिया में नफरत फैला रहा है। लेकिन पुलिस कार्यवाई करने के बजाय पुलिस उनकी रैलियों को सुरक्षा प्रदान करने का काम करती है।”

झाबुआ कैथोलिक समुदाय के फादर इनाबनाथन ने आरोप लगाया कि यहाँ पर “जिला प्रशासन तक ईसाई समुदाय को प्रताड़ित कर रहा है।” उन्होंने न्यूज़क्लिक को बताया, “प्रशासन प्रमाण पत्र के साथ गिरिजाघरों और उनके फादर्स का विवरण मांग रहा है। इस बार सात स्कूलों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया गया है।”

5 दिसंबर को ईसाई समुदाय के छह आदिवासियों को मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5 के तहत एक प्रथिमिकी दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया, जो उनके खिलाफ राणापुर पुलिस स्टेशन  में आदिवासियों का कथित तौर पर धर्मांतरण करने के आरोप में दर्ज किया गया था। 

फादर इनाबनाथन का आरोप था, “वीएचपी और बजरंग दल के आदमी अब हर रविवार को हमारे गिरिजाघरों पर धर्मान्तरण के संदेह के आधार पर छापा मार रहे हैं और ईसाई समुदाय के सदस्यों को झूठे मामलों में फंसा रहे हैं। रविवार को छह आदिवासियों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी भी ऐसी ही एक घटना है।

सतना 

सतना में, वीएचपी और बजरंग दल के लोग 1 नवंबर के दिन रविवार की प्रार्थना सभा के दौरान सिद्धार्थ नगर स्थित चर्च ऑफ़ गॉड में धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए घुस आये थे। जब पुलिस ने कथित धर्मांतरण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर दिया तो इन लोगों ने सतना चौराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया था। पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा जिसके चलते आधे दर्जन बजरंग दल के आदमी घायल हो गए।

इस घटना के फौरन बाद ही पुलिस ने कोलगांव पुलिस स्टेशन में अधिनियम की उन्हीं धाराओं के तहत फादर बिजू थॉमस, संतोष थॉमस और तीन अन्य के खिलाफ दो प्रथिमिकी दर्ज कर दी, और सतना पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बजरंग दल के सदस्यों के खिलाफ बल प्रयोग करने पर चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन लिया। 

24 अक्टूबर को, 30 से अधिक वीएचपी और बजरंग दल के सदस्यों ने क्राइस्ट ज्योति स्कूल को एक पत्र लिखकर सरस्वती की मूर्ति को स्थापित करने की मांग की थी। इन कार्यकर्ताओं ने स्कूल को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे 15 दिन बाद फिर आयेंगे। फादर ऑगस्टाइन का कहना था, “हमने जिला प्रसाशन को पत्र लिखकर इन दक्षिणपंथियों से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की थी। इसका नतीजा यह हुआ कि वे इसके बाद नहीं आये।”

दतिया 

10 अक्टूबर को, पुलिस ने दक्षिणपंथी सदस्यों के द्वारा एक मिशनरी स्कूल के बाहर धार्मिक पुस्तकें वितरित करते देखे जाने की शिकायत पर पांच महिलाओं सहित 10 ईसाइयों को नामजद कर लिया और उनमें से आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।

एक पुलिस अधिकारी का कहना था कि, रविवार के दिन होली क्रॉस स्कूल के पास पांच महिलाओं सहित 10 लोगों का एक समूह धार्मिक पुस्तकें वितरित कर रहा था, जब हिन्दू दलों के सदस्यों ने इसपर आपत्ति दर्ज की और पुलिस को इस बारे में सूचित किया। कोतवाली पुलिस थाना प्रभारी रविन्द्र शर्मा ने बताया “हमने 10 व्यक्तियों, जिनमें सी दो अज्ञात हैं, के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 505(2) (वर्गों के बीच वैमनस्य, घृणा या या दुर्भावना पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयानों) के तहत मामला दर्ज किया है। एक गुप्त सूचना पर कार्यवाई करते हुए बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता उन्हें यहाँ लाये और उनका आरोप था कि ये पुस्तकें धार्मिक परिवर्तन के बारे में थीं। हम मामले की जाँच कर रहे हैं।”

इसी प्रकार आदिवासी बहुल मंडला जिले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कथित सदस्यों ने 27 अक्टूबर को भारत ज्योति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में इसके प्रशासन पर धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए प्रवेश किया। इसके एक हफ्ते बाद जिले की नयनपुर तहसील में विश्व हिन्दू परिषद के सदस्यों ने एक स्कूल के भीतर सरस्वती की मूर्ति स्थापित किये जाने की मांग की थी। कैथोलिक चर्च के फादर सेबी ने न्यूज़क्लिक को बताया कि, “हमने इन घटनाओं की सूचना जिलाधिकारी और एसपी को दे दी है।”

VHP
Hindutva
Madhya Pradesh
bajrang dal

Related Stories

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर

अब भी संभलिए!, नफ़रत के सौदागर आपसे आपके राम को छीनना चाहते हैं

मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी

पश्चिम बंगाल: विहिप की रामनवमी रैलियों के उकसावे के बाद हावड़ा और बांकुरा में तनाव


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    आंगनवाड़ी की महिलाएं बार-बार सड़कों पर उतरने को क्यों हैं मजबूर?
    23 Feb 2022
    प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का कहना है कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों द्वारा घोषणाओं और आश्वासनों के बावजूद उन्हें अभी तक उनका सही बकाया नहीं मिला है। एक ओर दिल्ली सरकार ने उनका मानदेय घटा दिया है तो…
  • nawab malik
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हम लड़ेंगे और जीतेंगे, हम झुकेंगे नहीं: नवाब मलिक ने ईडी द्वारा गिरफ़्तारी पर कहा
    23 Feb 2022
    लगभग आठ घंटे की पूछताछ के बाद दक्षिण मुंबई स्थित ईडी कार्यालय से बाहर निकले मलिक ने मीडिया से कहा, '' हम लड़ेंगे और जीतेंगे। हम झुकेंगे नहीं।'' इसके बाद ईडी अधिकारी मलिक को एक वाहन में बैठाकर मेडिकल…
  • SKM
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बंगाल: बीरभूम के किसानों की ज़मीन हड़पने के ख़िलाफ़ साथ आया SKM, कहा- आजीविका छोड़ने के लिए मजबूर न किया जाए
    23 Feb 2022
    एसकेएम ने पश्चिम बंगाल से आ रही रिपोर्टों को गम्भीरता से नोट किया है कि बीरभूम जिले के देवचा-पंचमी-हरिनसिंह-दीवानगंज क्षेत्र के किसानों को राज्य सरकार द्वारा घोषित "मुआवजे पैकेज" को ही स्वीकार करने…
  • राजस्थान विधानसभा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान में अगले साल सरकारी विभागों में एक लाख पदों पर भर्तियां और पुरानी पेंशन लागू करने की घोषणा
    23 Feb 2022
    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को वित्तवर्ष 2022-23 का बजट पेश करते हुए 1 जनवरी 2004 और उसके बाद नियुक्त हुए समस्त कर्मचारियों के लिए आगामी वर्ष से पूर्व पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की है। इसी…
  • चित्र साभार: द ट्रिब्यून इंडिया
    भाषा
    रामदेव विरोधी लिंक हटाने के आदेश के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया की याचिका पर सुनवाई से न्यायाधीश ने खुद को अलग किया
    23 Feb 2022
    फेसबुक, ट्विटर और गूगल ने एकल न्यायाधीश वाली पीठ के 23 अक्टूबर 2019 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें और गूगल की अनुषंगी कंपनी यूट्यूब को रामदेव के खिलाफ मानहानिकारक आरोपों वाले वीडियो के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License