NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
‘अंतर्विरोधों के गठबंधन’ से शिवसेना ने ‘धर्मनिरपेक्षता’ के मूल्यों को माना है
एमवीए का सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम स्थानीय/अधिवासी युवाओं के लिए 80 प्रतिशत नौकरी के आरक्षण पर क़ानून, सभी के लिए स्वास्थ्य बीमा कवर, कृषि ऋण माफ़ी, आंगनवाड़ी और आशा वर्कर के लिए उच्च मानदेय का वादा करता है।
अमय तिरोदकर
29 Nov 2019
Translated by महेश कुमार
uddhav

'अंतर्विरोधों या विरोधाभासों का गठबंधन', जो अब महाराष्ट्र में सत्ता संभाल रही है, उसने एक सबसे विवादास्पद मुद्दे पर पार पा लिया है – वह है सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम (सीएमपी) के पहले वाक्य में 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द का परिचय। अब जब शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार शपथ ग्रहण कर रही है और हिंदुत्व दक्षिणपंथी शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे प्रदेश के मुख्यमंत्री बन रहे हैं तो वास्तव में यह महाराष्ट्र की राजनीति में घटनाओं का एक विडंबनापूर्ण मोड़ है।

शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के साथ अन्य छोटी पार्टियों को लेकर बने महाराष्ट्र विकास अगाड़ी (एमवीए) ने सीएमपी की शुरुआत में ही संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष मूल्य को क़ायम रखने की बात कही है। मुख्यमंत्री बने और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, एनसीपी के जयंत पाटिल और कांग्रेस के बालासाहेब थोराट द्वारा हस्ताक्षरित उपरोक्त दस्तावेज़ को गुरुवार को मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन में जारी किया गया।

यह मानते हुए कि ऐसे कई मतभेद हैं जो गठबंधन में उभर सकते हैं, विशेष रूप से सेना के दक्षिणपंथी राजनीति के इतिहास के मद्देनज़र, इसलिए सीएमपी कहती है कि "राष्ट्रीय महत्व के साथ-साथ राज्य के महत्व के विवादास्पद मुद्दों पर ख़ासकर वो मुद्दे जिनका असर राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने पर पड़ता है उन पर  शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस आपसी विचार-विमर्श के बाद संयुक्त सहमति बनाकर काम करेगी।

अन्य विवादास्पद मुद्दों में, सीएमपी किसानों को तत्काल ऋण माफ़ी देने का वादा करती है, विशेष रूप से उन किसानों को जो भारी बारिश के कारण नुक़सान से पीड़ित हैं। एमवीए ने फसल बीमा योजना को पुनर्जीवित करने और कृषि उत्पादों की पारिश्रमिक क़ीमतों को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपायों का भी वादा किया है।

रोज़गार के लिए, एमवीए ने सभी रिक्त पड़े सरकारी पदों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। शिक्षित बेरोज़गार युवाओं के लिए फ़ेलोशिप को भी प्राथमिकता दी गई है। एमवीए का सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम स्थानीय/अधिवास युवाओं के लिए 80 प्रतिशत नौकरी आरक्षण पर क़ानून का वादा करता है।

सीएमपी के माध्यम से एक अन्य प्रमुख घोषणा के मुताबिक़ एमवीए ने झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण योजना के तहत 500 वर्ग फुट क्षेत्र देने का वादा किया है, साथ ही प्रस्तावित मुख्यमंत्री शहरी सड़क योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में सड़कों में सुधार किया जाएगा।

किए गए अन्य वादों में, एमवीए ने आंगनवाड़ी और आशा वर्कर के लिए उच्च मानदेय देने, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की लड़कियों के लिए मुफ़्त शिक्षा और शहरों और ज़िला मुख्यालयों में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया है।

सेना के चुनाव पूर्व घोषणा पत्र (भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था) को ध्यान में रखते हुए, सीएमपी ने अम्मा कैंटीन की तर्ज पर राज्य के लोगों के लिए 10 रुपये में लंच थाली के  प्रावधान को भी शामिल किया है। अम्मा कैंटीन को तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता ने शुरू किया था और बाद में इसे कई अन्य राज्यों ने अपनाया है। 

सीएमपी ने पैथोलॉजिकल परीक्षणों के लिए तालुका में एक रुपये का क्लीनिक खोलने का भी वादा किया है, साथ ही "राज्य के हर व्यक्ति के लिए स्वास्थ्य बीमा कवर" का वादा भी किया है।

एमवीए ने सरकार को सुचारू रूप से चलाने के लिए दो समन्वय समितियों की भी घोषणा की है। एक राज्य मंत्रिमंडल के भीतर होगी और दूसरी गठबंधन सहयोगियों के बीच होगी। दूसरी समन्वय समिति की सरकार के कामकाज में महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका होगी।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

In ‘Coalition of Contradictions’, Shiv Sena Signs up for 'Secular' Values

Maharashtra CMP
Common Minimum Program
NCP
Congress
BJP
RSS
Shiv sena
SHARAD PAWAR

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Sustainable Development
    सोनिया यादव
    सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत काफी पीछे: रिपोर्ट
    03 Mar 2022
    एनुअल स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट 2022 रिपोर्ट के मुताबिक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत फिलहाल काफी पीछे है। ऐसे कम से कम 17 प्रमुख सरकारी लक्ष्य हैं, जिनकी समय-सीमा 2022 है और धीमी गति…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पूर्वांचल की जंग: 10 जिलों की 57 सीटों पर सामान्य मतदान, योगी के गोरखपुर में भी नहीं दिखा उत्साह
    03 Mar 2022
    इस छठे चरण में शाम पांच बजे तक कुल औसतन 53.31 फ़ीसद मतदान दर्ज किया गया। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है। आज के बाद यूपी का फ़ैसला बस एक क़दम दूर रह गया है। अब सात मार्च को सातवें और आख़िरी चरण के लिए…
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: बस्ती के इस गांव में लोगों ने किया चुनाव का बहिष्कार
    03 Mar 2022
    बस्ती जिले के हर्रैया विधानसभा में आधा दर्ज़न गांव के ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने का एलान किया है। ग्रामीणों ने बाकायदा गांव के बाहर इसका बैनर लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी…
  • gehariyaa
    एजाज़ अशरफ़
    गहराइयां में एक किरदार का मुस्लिम नाम क्यों?
    03 Mar 2022
    हो सकता है कि इस फ़िल्म का मुख्य पुरुष किरदार का अरबी नाम नये चलन के हिसाब से दिया गया हो। लेकिन, उस किरदार की नकारात्मक भूमिका इस नाम, नामकरण और अलग नाम की सियासत की याद दिला देती है।
  • Haryana
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने
    03 Mar 2022
    यूनियन नेताओं ने गुरुवार को कहा पंचकुला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरवाला टोल प्लाजा पर हड़ताली कार्यकर्ताओं और सहायकों पर  हरियाणा पुलिस ने लाठीचार्ज  किया।  
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License