NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियां 31 मार्च से हटाई जाएंगी, मास्क लगाना रहेगा अनिवार्य
गृह मंत्रालय ने करीब दो साल बाद, 31 मार्च से कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियों को हटाने का फैसला किया है। हालांकि, मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम लागू रहेंगे।

भाषा
23 Mar 2022
corona

नयी दिल्ली: कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार कम होते मामलों के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने करीब दो साल बाद, 31 मार्च से कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियों को हटाने का फैसला किया है। हालांकि, मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम लागू रहेंगे।

केन्द्र सरकार ने 24 मार्च, 2020 को पहली बार देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, (डीएम अधिनियम) 2005 के तहत कई दिशानिर्देश जारी किए थे और परिस्थितियों के अनुसार समय-समय पर इनमें बदलाव भी किए।

केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में कहा कि पिछले 24 महीनों में, वैश्विक महामारी के प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं, जैसे बीमारी का पता लगाने, निगरानी, संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों का पता लगाने, उपचार, टीकाकरण, अस्पताल के बुनियादी ढांचे के विकास आदि के संबंध में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

उन्होंने कहा कि साथ ही, अब आम जनता भी कोविड-19 से निपटने के लिए आवश्यक उचित व्यवहार को लेकर काफी जागरूक है।

उन्होंने कहा कि राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों ने भी अपनी क्षमताओं तथा प्रणालियों को विकसित किया है और वैश्विक महामारी के प्रबंधन के लिए अपनी विस्तृत विशिष्ट योजनाओं को लागू किया है। पिछले सात हफ्तों में नए मामलों की संख्या में भारी गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि 22 मार्च को कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 23,913 रह गई थी और संक्रमण दर 0.28 प्रतिशत थी। यहां, यह बताना भी जरूरी है कि देश में कोविड-19 रोधी टीकों की 181.56 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।

भल्ला ने पत्र में कहा, ‘‘वैश्विक महामारी के कम होते प्रकोप की स्थिति और सरकार की तैयारियों पर गौर करने के बाद, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने फैसला किया है कि कोविड-19 रोकथाम उपायों के लिए डीएम अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने की अब कोई आवश्यकता नहीं है।’’

भल्ला के अनुसार, लागू नियमों की अवधि 31 मार्च को समाप्त हो रही है और उसके बाद गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में कोई और आदेश जारी नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 से निपटने के कुछ उपायों, जैसे मास्क पहनने और हाथ साफ रखने आदि नियमों को जारी रखने का फैसला किया है।

गृह सचिव ने कहा कि बीमारी की प्रकृति को देखते हुए, लोगों को अब भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामले बढ़ने पर, राज्य तथा केन्द्र शासित प्रदेश स्थानीय स्तर पर त्वरित एवं सक्रिय कार्रवाई करने पर विचार कर सकते हैं, जिसकी समय-समय पर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सलाह दी जाती है।

भल्ला ने कहा, ‘‘इसलिए, मैं सभी राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों को सलाह दूंगा कि वे कोविड-19 रोकथाम उपायों के लिए डीएम अधिनियम, 2005 के तहत आदेशों तथा दिशानिर्देशों को उचित रूप से हटाने पर विचार करें।’’

उन्होंने कहा कि राज्य तथा केन्द्र शासित प्रदेश उन मानक संचालन उपायों तथा सलाह का पालन करना जारी रख सकते हैं, जो स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा समय-समय पर रोकथाम उपायों, टीकाकरण और अन्य संबंधित पहलुओं के लिए जारी किए गए हैं या जारी किए जा रहे हैं।


बाकी खबरें

  • बाबुल सुप्रियो
    सोनिया यादव
    आख़िर क्यों बीजेपी के लिए इतने ख़ास हैं बाबुल सुप्रियो, जो अब गले की फांस बन गए हैं!
    02 Aug 2021
    माना जा रहा है कि अगर सुप्रियो लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देते हैं तो बीजेपी को राज्य में उपचुनाव का सामना करना पड़ सकता है, जो फिलहाल बीजेपी बिल्कुल नहीं चाहती।
  • मूंग किसान मुश्किल में: एमपी में 12 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के मुकाबले नाममात्र की ख़रीद
    रूबी सरकार
    मूंग किसान मुश्किल में: एमपी में 12 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के मुकाबले नाममात्र की ख़रीद
    02 Aug 2021
    मध्य प्रदेश में 12 लाख मीट्रिक टन ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन हुआ है, लेकिन सरकार ख़रीद रही एक लाख, 34 हज़ार मीट्रिक टन, बाक़ी मूंग लेकर किसान कहां जाएं! ऊपर से बरसात शुरू होने से संकट हो गया है।
  • बिजली (संशोधन) विधेयक के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर 3 अगस्त से धरना देंगे कर्मचारी
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली (संशोधन) विधेयक के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर 3 अगस्त से धरना देंगे कर्मचारी
    02 Aug 2021
    "सत्याग्रह कार्यक्रम के बाद अगले कदम के रूप में 10 अगस्त को देशभर के 15 लाख बिजली कर्मचारी व इंजीनियर एक दिन हड़ताल करेंगे। अगर केंद्र सरकार इस विधेयक को पारित कराने के लिए कोई एक तरफा कार्यवाही करती…
  • एविक्शन मोरेटोरियम पारित करने में कांग्रेस की विफलता के बाद अमेरिका में नाराज़गी
    पीपल्स डिस्पैच
    एविक्शन मोरेटोरियम पारित करने में कांग्रेस की विफलता के बाद अमेरिका में नाराज़गी
    02 Aug 2021
    प्रगतिशील लोगों का कहना है कि कांग्रेस ये क़ानून पारित करने में विफल रहा क्योंकि बाइडेन प्रशासन अंतिम समय तक कांग्रेस को सूचित करने में विफल रहा।
  • कार्टून क्लिक: सम्मान निधि नहीं एमएसपी का क़ानून चाहिए
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: सम्मान निधि नहीं एमएसपी का क़ानून चाहिए
    02 Aug 2021
    किसान प्रधानमंत्री से न कोई अतिरिक्त सम्मान मांग रहे हैं, न सम्मान निधि, वे बस उनके ऊपर थोपे जा रहे तीन दमनकारी कृषि क़ानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं और अपने हक़ के तौर पर एमएसपी का क़ानून…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License