NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोविड-19 : उत्तर प्रदेश और आंकड़ों की गड़बड़ी 
कोविड-19 से संबंधित मामलों की सही संख्या को न बताने की राज्य की अपनी चिंताओं के बावजूद, उत्तर प्रदेश में बढ़ते मामलों की संख्या एक गंभीर तस्वीर पेश कर रही है।
सुभाष राय, पीयूष शर्मा
24 Jul 2020
Translated by महेश कुमार
Yogi
Image Courtesy: Livemint

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार डेटा का प्रबंधन इतनी अच्छी तरह से कर रही है ताकि कोई खबर बाहर न जाए। 17 जून को, एक समाचार के अनुसार, एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को उनकी अपनी टीम ने सूचित किया कि राज्य में कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या 30 है। बाद में उस दिन संख्या को बड़ी जल्दी से काफी कम कर दिया गया क्योंकि अन्य कारणों से होने वाली मौतों को भी गलत तरीके से कोविड-19 मौतों के रूप में शामिल कर लिया गया था, जो मुख्यमंत्री की नाराज़गी के लिए काफी था।

फिर भी, संख्या बढ़ती जा रही है, मौतों की नहीं, बल्कि पुष्ट मामलों की, हालांकि आगरा और बुलंदशहर में कुछ हद तक वक्र का समतल होना शुरू हो गया है।

map 1.jpg

लखनऊ, गौतम बौद्ध नगर, गोरखपुर और कानपुर जिलों में मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

लेकिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौजूद (एनसीआर), गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) दोनों जिले जहां संक्रमण अधिक है विशेष चिंता का विषय रहे हैं।

map 2_1.jpg

गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ और बागपत में 21 जुलाई तक राज्य भर के 53,288 मामलों में से 46 प्रतिशत मामले इस पश्चिम क्षेत्र से हैं। बुंदेलखंड की तुलना में गौतम बुद्ध नगर में 4,293 और गाजियाबाद में 4,126, जबकि मेरठ में 1,885 मामले पाए गए और 5,94,638 जांच की गई, जबकि बुंदेलखंड में कुल 54,000 जांच हुई हैं। दो प्रमुख जिलों झांसी में (1,366 मामले) और ललितपुर में (129 मामले) पाए गए हैं जबकि जांच के आंकड़े अनुपलब्ध थे।

map 3_0.jpg

अवध में की गई जांच की संख्या के आधे से भी कम होने पर, राज्य के पशिचम क्षेत्र की तुलना में, कानपुर नगर (2,841 मामले), एक प्रमुख शहरी जिला और राजधानी लखनऊ (4,503 मामलों) के साथ तेजी से हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहा है।

वाराणसी, जो पूर्वांचल में है, में 1,552 पुष्ट मामले पाए गए हैं, जबकि क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण केंद्र, गोरखपुर में 1,185  मामले मिले हैं। जबकि पूर्वांचल में 26 प्रतिशत मामले मिले है जो अच्छी खबर नहीं है।

map 4.jpg

सरकार ने 12 जुलाई, बेतरतीब ढंग से घोषणा कर दी कि जरूरत के हिसाब से वह प्रति दिन 50,000 जांच करेगी। तब से अब तक इसने जो बेहतर किया उसमें 17 जुलाई को की गई  54,000 जाँचे शामिल हैं, केवल वही एक दिन था जब राज्य ने अपने लक्ष्य को पार किया था।

जांच ज़ाहिर है जांच के उपलब्ध ढाँचे से संबंधित है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 144 केंद्र हैं, जो आरटी-पीसीआर और ट्रूनेट जांच करते हैं, इतने बड़े प्रदेश के लिए 119 सरकारी और 28 निजी जांच केंद्र हैं। 

बिगड़ते हालत ने सरकार को मज़बूर कर दिया कि वह सभी सप्ताहांतों में लॉकडाउन रखेगी, लेकिन जाहिर तौर पर बाजारों को सेनिटाइज़ किया जाएगा, और सरकार ने यह भी सुझाव दिया है कि "औद्योगिक इकाइयों को भी शनिवार और रविवार को साफ कर सेनीटाइज़ किया जाए।"

उत्तर प्रदेश की कहानी प्रवासी श्रमिकों और आशा कर्मियों की बिगड़ती स्थिति को उजागर किए बिना पूरी नहीं होती है। देश भर में प्रवासियों श्रमिकों के साथ निराशाजनक व्यवहार के बाद सबसे कठिन कामों में से एक था कि लौटने वाले प्रवासियों को आशा कर्मियों द्वारा ट्रैक किया जाना। उनके तापमान की जांच के लिए सिर्फ एक उपकरण उपलब्ध कराया गया था और नाम के लिए भी कोई अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उन्हे नहीं दिया गया था, उन्होंने कथित तौर पर दो चरणों में 30 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों को ट्रैक किया। 

graph 5.jpg

ये अभी भी शुरूआती दिन हैं, और बढ़ती संख्या के चलते प्रशासन के सामने चुनौतियां बहुत बड़ी हैं। सरकार के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह मौतों के साथ-साथ सभी मामलों और जांच के आंकड़ों की सटीक रिपोर्ट करे, ताकि लोग समझ सकें कि हो क्या रहा है और आगे क्या होने वाला है, ताकि सरकार और खुद लोग आने वाली चुनौतियों से लड़ने के लिए अपने को तैयार कर सके।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल ख़बर को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

COVID-19: Uttar Pradesh and its Problem of Numbers

Coronavirus
COVID-19
UttarPradesh
Yogi Adityanath
yogi sarkar

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  •  Punjab security lapse
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब में पीएम की "सुरक्षा चूक" पर पूरी पड़ताल!
    06 Jan 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे में आज अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे की। साथ ही वे नज़र डाल रहे हैं कि किस तरह मीडिया द्वारा किसानों को टारगेट किया जा रहा है
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेक : संबित ने जर्जर स्कूलों को सपा सरकार का बताया, स्कूल योगी सरकार के निकले
    06 Jan 2022
    एक बार फिर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर फ़ेक न्यूज़ के ज़रिये विपक्ष पर निशाना साधने की कोशिश की है।
  • jnu
    रवि कौशल
    जेएनयू हिंसा के दो साल : नाराज़ पीड़ितों को अब भी है न्याय का इंतज़ार 
    06 Jan 2022
    ऐसा लगता है कि दिल्ली पुलिस की जांच भटक चुकी है। अब तक दोषियों की पहचान तक नहीं की जा सकी है।
  • punjab security
    शंभूनाथ शुक्ल
    'सुरक्षा चूक' की आड़ में राजनीतिक स्टंट?
    06 Jan 2022
    प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट में पंजाब के अधिकारियों को दिए बयान से बचना चाहिए था। और जो कुछ करना था, वह सीधे गृह मंत्रालय के आला अधिकारी करते तो भविष्य में ऐसी किसी भी चूक से प्रशासन सतर्क रहते। तथा…
  • election
    सौरभ शर्मा
    यूपी: युवाओं को रोजगार मुहैय्या कराने के राज्य सरकार के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते हैं!
    06 Jan 2022
    लगभग 43 उम्मीदवारो को उत्तर प्रदेश में पिछले साल विभिन्न चिकित्सा विभागों द्वारा विभिन्न कोरोना लहरों के दौरान में रोजगार पर रखा गया था। बाद में इन्हें काम से मुक्त कर दिया गया। उन्होंने इस कदम के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License