NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोविड-19: लड़खड़ा रहा है गुजरात मॉडल
गुजरात में अब कोविड मामलों की संख्या भी बढ़ रही है, सुरत ने बढ़ते मामलों की तुलना में अहमदाबाद को पछाड़ दिया है। वड़ोदरा और राजकोट में मामलों की बढ़ती संख्या बेहद चिंताजनक है।
सुभाष राय, पीयूष शर्मा
22 Jul 2020
Translated by महेश कुमार
gujrat

इकोनॉमिक टाइम्स की एक एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा कोविड से रोकथाम वाले इलाकों में किए गए सीरो-निगरानी सर्वेक्षण में  पाया कि अहमदाबाद में संक्रमण सबसे अधिक यानि 55 प्रतिशत था। यह इस बात का संकेत है कि गुजरात कोविड-19 महामारी की रोक-थाम के मामले में बहुत बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है।

कोविड-19 की वजह से बिगड़ते हालत ने राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सदस्यों को राज्य का दौरा करने पर मजबूर कर दिया है, जिसमें एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया, आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव, नीती आयोग से विनोद पॉल शामिल हैं, उन्हे महामारी से निपटने के लिए राज्य की तैयारी की समीक्षा करनी है।

g1.JPG

गुजरात में लगभग 50 प्रतिशत मामले अहमदाबाद से हैं, इसके बाद सूरत का नंबर आता है जहां 20 प्रतिशत मामले पाए गए हैं।

g2.JPG

हालांकि, सूरत (285) मामलों के साथ शहरों की सूची में सबसे ऊपर है, इसके बाद अहमदाबाद (212), और फिर वडोदरा (79)  आता है।

जहां अहमदाबाद में 9 अप्रैल को कुल 142 मामले थे, वहीं भावनगर में 13 मई को ये 100 मामले थे। वडोदरा में 14 अप्रैल को 113 मामले थे, सूरत में 17 अप्रैल को 102 मामले थे, 9 मई को गांधीनगर में 119 थे, जबकि राजकोट में 28 मई को 104 मामले थे और इसके बाद मामलों की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी गई है। हालांकि, सूरत (285) के साथ नए मामलों वाले शहरों की सूची में सबसे ऊपर है, इसके बाद अहमदाबाद (212), और फिर उसके बाद वडोदरा में (79) मामले है।

g3_0.JPG

सरकार ने हाल ही में विपक्ष के आरोपों के बाद कि राज्य में मामलों की सही जानकारी नहीं दी रही है, सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि मृत्यु दर काफी हद तक मध्य जून में 6.5 प्रतिशत से घटकर 1.5 प्रतिशत रह गई है, जबकि 20 जुलाई को यह दर 4.38 प्रतिशत थी।

सूरत में एक सप्ताह पहले 1,860 मामलों की तुलना में 13 जुलाई से 19 जुलाई के सप्ताह में 1,866 मामले दर्ज किए थे, जबकि 6 जुलाई से 12 जुलाई के पिछले सप्ताह तक जांच की संख्या बढ़कर 11,483 हो गई थी।

6-12 जुलाई के सप्ताह में सूरत के चार्ट में कम होती संख्या दर्ज़ होने के बावजूद, शहर में पिछले कई हफ्तों से मामलों की संख्या में तेज वृद्धि को दर्शाती है।

g4.JPG

जुलाई 6-12 के सप्ताह के चार्ट में सूरत में मामलों में वृद्धि कम हुई है लेकिन पिछले हफ्ते में मामलों के बढ़ाने के संकेत मिले हैं। जबकि राज्य के शहरी जिलों में मामलों में वृद्धि के संकेत मिलने जारी हैं, सरकार का सही संख्या के मामले में किफायती होने की आलोचना यानि आंकड़ों के साथ घालमेल करने की आलोचना की जा रही है। गुजरात, निश्चित रूप से ऐसी चिंताओं वाला एकमात्र राज्य नहीं है, लेकिन राज्य के लोगों की भलाई के लिए यह महत्वपूर्ण है कि तथ्यों को पाक-साफ रखा जाए।

COVID19 India
Gujrat model
vadora
Surat
ahmedbad

Related Stories

गुजरात के बाद बनारस मॉडल : “भगवान बचाए ऐसे मॉडल से”

गुजरात: सरकार को फटकार लगाने वाली हाईकोर्ट बेंच में बदलाव, कम टेस्टिंग और अव्यवस्था पर उठाए थे सवाल!

कार्टून क्लिक : कोई 'गुजरात मॉडल' की भी बात करो!

कोरोना संकट: सूरत में प्रवासी मज़दूरों की आत्महत्या और कथित 'गुजरात मॉडल' की हक़ीक़त

लॉकडाउन 2.0 में क्यों बेसब्र हो उठे हैं प्रवासी मज़दूर?

कोरोना वायरस से बच कर भी ‘घृणित सोच’ से कैसे बचेगा भारत?


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    मुद्दा: नई राष्ट्रीय पेंशन योजना के ख़िलाफ़ नई मोर्चाबंदी
    21 Mar 2022
    एनपीएस के विरोध में आज नयी बात क्या है? यह पूरी तरह से राजनीतिक एजेंडे पर वापस आ गया है। और भाजपा के ट्रेड यूनियन को छोड़कर सभी ट्रेड यूनियनों द्वारा 28-29 मार्च की दो दिवसीय हड़ताल में प्रमुख…
  • नाइश हसन
    मुबारक: नए दिन की शुरुआत है नौरोज़
    21 Mar 2022
    भारत की इस बहुरंगी सभ्यता संस्कृति को कुचल कर आगे निकल जाने की होड़ में हम तमाम ऐसे खूबसूरत रस्म रिवाजों से महरूम होते जा रहे हैं जिनके मिलने से हिंदुस्तान एक खूबसूरत हिंदुस्तान बनता है।
  • भाषा
    भारतीय अर्थशास्त्री जयती घोष संयुक्त राष्ट्र आर्थिक-सामाजिक समिति के उच्च स्तरीय सलाहकार बोर्ड में शामिल
    21 Mar 2022
    घोष को 12 सदस्यीय बोर्ड में नामित किया गया है, जिसके काम में महासचिव के शासकीय कार्यालय के करीबी समन्वय के साथ संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय के नीति अनुसंधान केंद्र द्वारा सहयोग दिया जाएगा।
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,549 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    21 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.06 फ़ीसदी यानी 25 हज़ार 106 हो गयी है।
  • प्रबीर पुरकायस्थ
    यूक्रेन और वैश्विक आर्थिक युद्ध: बर्बरता या सभ्यता?
    21 Mar 2022
    इतना तो तय है कि दुनिया एक दोराहे पर है। इस सब के चलते या तो रूसी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी, या फिर इससे एक नयी विश्व आर्थिक व्यवस्था बनेगी, जिसके आसार पहले से बन रहे थे और जिसमें सैन्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License