NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वर्तमान हालात में जम्मू-कश्मीर के नेताओं को हिरासत में रखे रहना क्रूरता है: उमर
‘‘वर्तमान हालात में महबूबा मुफ्ती तथा अन्य को लगातार हिरासत में रखना संवेदनहीनता और क्रूरता है। पहली बात तो इन सभी को हिरासत में रखने का कोई औचित्य ही नहीं है, खासतौर पर ऐसे वक्त तो बिल्कुल भी नहीं जब देश में तीन सप्ताह का बंद है।“
भाषा
25 Mar 2020
omar abdullah

श्रीनगर: नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को उम्मीद जताई कि सरकार पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत जम्मू-कश्मीर के नेताओं को हिरासत से रिहा करेगी। उन्होंने कहा कि देश में तीन हफ्ते का लॉकडाउन हो गया है और ऐसे में इन नेताओं को हिरासत में रखे रहना क्रूरता होगी।

पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाला अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद महबूबा मुफ्ती, नईम अख्तर, अली मोहम्मद सागर, पीर मंसूर और शाह फैजल समेत कुछ नेताओं को एहतियाती हिरासत में लिया गया था और अब वे जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में हैं।

उमर ने ट्वीट किया, ‘‘वर्तमान हालात में महबूबा मुफ्ती तथा अन्य को लगातार हिरासत में रखना संवेदनहीनता और क्रूरता है। पहली बात तो इन सभी को हिरासत में रखने का कोई औचित्य ही नहीं है, खासतौर पर ऐसे वक्त तो बिलकुल भी नहीं जब देश में तीन सप्ताह का बंद है। मुझे प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय से उम्मीद है कि उन्हें रिहा किया जाएगा।’’

उमर को सात महीने से ज़्यादा की हिरासत के बाद मंगलवार को रिहा किया गया था। पांच अगस्त से हिरासत में रहे उमर पर फरवरी में जन सुरक्षा कानून के तहत आरोप लगाए गए थे।

omar abdullah
Jammu and Kashmir
Article 370
modi sarkar
Narendra modi

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • Olaf Scholz
    एम. के. भद्रकुमार
    मास्को की नपी-तुली कूटनीति काम कर रही है
    21 Feb 2022
    यूक्रेन पर रूसी हमले की संभावना सही मायने में कभी थी ही नहीं। हालांकि, अगर यूक्रेनी सेना अलगाववादी ताक़तों पर हमला करती है, तो डोनबास क्षेत्र में मास्को के हस्तक्षेप का होना सौ फ़ीसदी तय है।
  • sultanpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनावः सुल्तानपुर चीनी मिल राज्य सरकार की अनदेखी से हुई जर्जर
    21 Feb 2022
    "सुल्तानपुर चीनी मिल के सही ढ़ंग से न चलने की वजह से इस इलाके के गन्ने की उपज प्राइवेट क्रशर मशीन में किसान मजबूरन दे देते हैं जहां से उनको गन्ने की कीमत आधी या दो-तिहाई ही मिल पाती है।"
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में पीएम मोदी ने पार की चुनावी मर्यादा, जागो चुनाव आयोग
    21 Feb 2022
    आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अखिलेश यादव पर साधे गए निशाने पर बात की और उसको हास्यास्पद बताया। उसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी टिप्पणी की कैसे एक…
  • election
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव चौथा चरण: लखीमपुर हिंसा और गोवंश से फ़सलों की तबाही जैसे मुद्दे प्रमुख
    21 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में तीन चरणों के चुनावों के बाद अब चौथे चरण के लिए जंग शुरू हो गई है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद अब अवध की चुनावी परिक्रमा लगातार जारी है। लेकिन चौथे चरण में अवध की वो सीटे भी हैं जहां…
  • Ballia
    विजय विनीत
    बलिया: ''सबके वोटे के चिंता बा, चुनाव बाद रसड़ा चीनी मिल के बात केहू ना करे ला''
    21 Feb 2022
    देसी चीनी और गुड़ के लिए मशहूर रसड़ा, कभी ''रसदा'' के नाम से जाना जाता था। रसड़ा इलाके में कई घंटे गुजारने के बाद हमें इस बात का एहसास हो चला था कि रसड़ा में हर आदमी की जुबां पर सिर्फ़ एक ही सवाल है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License