NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
COVID-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में सरकार की मदद करने क्यूबा के डॉक्टर अज़रबैजान पहुंचे
साल 2005 में फिदेल कास्त्रो द्वारा स्थापित क्यूबा का हेनरी रीव ब्रिगेड COVID-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में सरकारों की मदद करने के लिए 20 से अधिक देशों में सक्रिय रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
13 Jul 2020
COVID-19

हेनरी रीव ब्रिगेड के 100 से अधिक क्यूबा के मेडिकल पेशेवरों ने COVID-19 महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में अधिकारियों की मदद करने के लिए अज़रबैजान पहुंचे। ये मेडिकल पेशेवर कल यानी 12 जुलाई को हवाना से रवाना हुए थें।

मध्य एशिया में लगभग 10 मिलियन लोगों की आबादी वाले देश अज़रबैजान में COVID-19 संक्रमण से अब तक 306 मौत हो गई है वहीं इससे संक्रमण के 24,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। जून के अंतिम सप्ताह से संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। 12 जुलाई को संक्रमण के 500 से अधिक नए मामले सामने आए।

यहां 28 फरवरी को संक्रमण का पहला मामला दर्ज हुआ था जिसके चलते सरकार को 14 मार्च को लॉकडाउन करना पड़ा। लॉकडाउन के नियमों में धीरे-धीरे अप्रैल और मई महीने में ढील दिया गया था। हालांकि जून के अंत से अज़रबैजान में नए मामले सामने आने लगे।

समाजवादी अंतर्राष्ट्रीयतावाद के विचार पर आधारित क्यूबन हेनरी रीव ब्रिगेड क्यूबन वार ऑफ लिब्रेशन के नायक के नाम पर 2005 में फिदेल कास्त्रो द्वारा रखा गया था। इस ब्रिगेड ने स्वास्थ्य और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान दुनिया के विभिन्न देशों में सेवा की है। इस ब्रिगेड के साथ काम करने वाले डॉक्टर और मेडिकल पेशेवर भी अपने काम के दौरान स्थानीय लोगों को इस तरह की घटनाओं के लिए प्रशिक्षित करते हैं।

हेनरी रीव ब्रिगेड के हज़ारों मेडिकल पेशेवर 20 से अधिक देशों में काम कर रहे हैं जिनमें सबसे अधिक प्रभावित देश इटली शामिल है जो कोरोनोवायरस महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में इस सरकार को मदद करते हैं। वे यूरोप, मध्य-पूर्व, कैरेबियन और मध्य एवं दक्षिण अमेरिका सहित दुनिया के सभी क्षेत्रों में मौजूद हैं।

उनके काम की विश्व स्तर पर प्रशंसा की गई है। विभिन्न समूहों और लोगों ने इस संगठन के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की है।

Socialism
COVID-19
Internationalism
cuba

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • विकास भदौरिया
    एक्सप्लेनर: क्या है संविधान का अनुच्छेद 142, उसके दायरे और सीमाएं, जिसके तहत पेरारिवलन रिहा हुआ
    20 May 2022
    “प्राकृतिक न्याय सभी कानून से ऊपर है, और सर्वोच्च न्यायालय भी कानून से ऊपर रहना चाहिये ताकि उसे कोई भी आदेश पारित करने का पूरा अधिकार हो जिसे वह न्यायसंगत मानता है।”
  • रवि शंकर दुबे
    27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?
    20 May 2022
    सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान अंतरिम ज़मानत मिलने पर जेल से रिहा हो गए हैं। अब देखना होगा कि उनकी राजनीतिक पारी किस ओर बढ़ती है।
  • डी डब्ल्यू स्टाफ़
    क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?
    20 May 2022
    श्रीलंका की तरह बांग्लादेश ने भी बेहद ख़र्चीली योजनाओं को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर विदेशी क़र्ज़ लिए हैं, जिनसे मुनाफ़ा ना के बराबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीलंका में जारी आर्थिक उथल-पुथल…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...
    20 May 2022
    आज देश के सामने सबसे बड़ी समस्याएं महंगाई और बेरोज़गारी है। और सत्तारूढ़ दल भाजपा और उसके पितृ संगठन आरएसएस पर सबसे ज़्यादा गैर ज़रूरी और सांप्रदायिक मुद्दों को हवा देने का आरोप है, लेकिन…
  • राज वाल्मीकि
    मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?
    20 May 2022
    अभी 11 से 17 मई 2022 तक का सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का “हमें मारना बंद करो” #StopKillingUs का दिल्ली कैंपेन संपन्न हुआ। अब ये कैंपेन 18 मई से उत्तराखंड में शुरू हो गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License