NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
पर्यावरण
भारत
यास के पहुंचने की प्रक्रिया आरंभ, समुद्र का पानी तटीय कस्बों और गांवों में घुसा  
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में यास के पहुंचने से पहले ही, समुद्र का पानी कई तटीय कस्बों एवं गांवों में घुस गया।
भाषा
26 May 2021
bengal
फोटो क्रेडिट - इंडियन एक्सप्रेस

कोलकाता/भुवनेश्वर/धामरा/दीघा, 26 मई (भाषा) ओडिशा में धामरा बंदरगार के निकट गंभीर चक्रवात ‘यास’ के पहुंचने की प्रक्रिया बुधवार सुबह सवा नौ बजे शुरू हो गई।

ओडिशा और पश्चिम बंगाल में यास के पहुंचने से पहले ही, समुद्र का पानी कई तटीय कस्बों एवं गांवों में घुस गया।

ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी के जेना ने संवाददाताओं को बताया कि चक्रवात के पहुंचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इसके पूरा होने में तीन से चार घंटे का समय लगेगा। बालासोर और भद्रक जिले इससे सबसे अधिक प्रभावित होंगे।

उन्होंने बताया कि चक्रवात तट पर बहनागा ब्लॉक के निकट धामरा के उत्तर और बहनागा के दक्षिण में पहुंच गया।

‘डॉपलर’ रडार डेटा के अनुसार, इस दौरान 130-140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।

जेना ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों से करीब 5.80 लाख लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को बताया था कि नौ लाख लोगों को शरणस्थलों में पहुंचाया गया है।

मौसम विभाग ने पहले कहा था कि चक्रवात के दौरान हवा की गति 155 से 165 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और इसके बढ़कर 185 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है, लेकिन चक्रवात के पहुंचने के दौरान 130 से 140 किलोमीटर की गति से हवा चली, जिसके अब बढ़कर 155 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।

जेना ने कहा कि चक्रवात अनुमानित समय से कुछ घंटों की देरी से पहुंचा, क्योंकि इसकी रफ्तार 15-16 किलोमीटर प्रति घंटे से कम होकर 12 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई।

उन्होंने बताया कि देर रात दो बजे के बाद चक्रवात की तीव्रता और नहीं बढ़ी।

जेना ने कहा, ‘‘तीव्रता में कमी आने के कारण चक्रवात के पहुंचने के दौरान 165 किलोमीटर प्रति घंटे के बजाय 130 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।’’

मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि पश्चिम बंगाल के पांच और ओडिशा के चार उप-मंडलों और ब्लॉक में पानी भरने की आशंका है। सबसे अधिक पानी भद्रक जिले में भरने की आशंका है। इतनी ऊंची लहरों वाले तूफान का एक कारण पूर्णिमा भी है।

बालासोर, भद्रक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, कंठी, डायमंड हार्बर, बशीरहाट, तामलुक और उलुबेरिया में समुद्र का पानी भरने की आशंका है। दीघा की गलियों में समुद्र का पानी भर गया है। समुद्र से आए ज्वार के पानी के कारण सड़कों पर कई वाहन पलट गए।

कोलकाता में मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि शहर में अधिकतम 62 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। पूर्वी मिदनापुर के दीघा में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलीं।

उन्होंने बताया कि समुद्र में उठी ऊंची लहरों के कारण पूर्वी मिदनापुर और दक्षिण 24 परगना के कई निचले इलाकों में पानी भर गया और नदियों में जलस्तर बढ़ गया।

मौसम विभाग ने चक्रवात के दस्तक देने के दौरान पूर्वी मिदनापुर के निचले तटीय इलाकों में समुद्र में दो से चार मीटर और दक्षिण 24 परगना में दो मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान जताया था।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अधिकतर हिस्सों में रातभर बारिश हुई।

ओडिशा के संवेदनशील जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 52 टीम, ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) की 60 टीम, अग्निशमन दल की 205 टीम और वन विभाग की लकड़ी काटने वाली 60 टीम समेत करीब 404 बचाव दलों को तैनात किया गया है।

पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश ने भी आपदा राहत बल, पुलिस बल और अग्निशमन बल के कर्मी बड़ी संख्या में तैनात किए हैं।

भारतीय सेना की पूर्वी कमान भी पश्चिम बंगाल सरकार के साथ समन्वय स्थापित करके बचाव कार्यों में मदद कर रही है। सेना ने पश्चिम बंगाल में 17 एकीकृत राहत कॉलम की तैनाती की है जिनमें आवश्यक उपकरण और नाव के साथ विशेषज्ञ कर्मी शामिल हैं।

इस बीच, पश्चिम बंगाल के हुगली और उत्तरी 24 परगना जिलों में मंगलवार को तूफान आने के बाद कम से कम दो व्यक्तियों की करंट लगने से मौत हो गयी और करीब 80 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गये। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस तूफान को ‘बवंडर’ बताया।

Cyclone Yaas (29042
Bay of Bengal
Odisha
NDRF teams

Related Stories

लाखपदर से पलंगपदर तक, बॉक्साइड के पहाड़ों पर 5 दिन

पुरी एयरपोर्ट : भूमि अधिकारों के लिए दलित एवं भूमिहीन समुदायों का संघर्ष जारी

चक्रवाती तूफान ‘यास’ बंगाल, ओडिशा में तटों से टकराया, चार लोगों की मौत

उत्तराखंड: जलते जंगल को बचाने के लिए समुदाय को देना होगा जंगल पर अधिकार


बाकी खबरें

  • बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    02 Feb 2022
    राजधानी पटना में गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम से भागी एक युवती ने इस रिमांड होम की अधीक्षिका वंदना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां खूबसबरत लड़कियां मैम को प्यारी होती हैं। उसने कहा कि…
  • uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड चुनाव: थपलियालखेड़ा सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित
    02 Feb 2022
    उत्तराखंड राज्य बने लगभग 22 साल हो गए हैं, पर आज भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा और पहाड़ी इलाकों में जरुरी सुविधा से लोग वंचित हैं। गांव के लोगों को ज़रूरी सुविधाओं के लिए नेपाल पर निर्भर होना पड़ता है।
  • ASEEM
    अनिल सिन्हा
    यूपी के चुनाव मैदान में आईपीएस अफसरः क्या नौकरशही के इस राजनीतिकरण को रोकना नहीं चाहिए?
    02 Feb 2022
    ईडी के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह और कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को टिकट देकर भाजपा ने निश्चित तौर पर नौकरशाही की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
  • सोनिया यादव
    जेंडर बजट में कटौती, मोदी सरकार के ‘अमृतकाल’ में महिलाओं की नहीं कोई जगह
    02 Feb 2022
    महामारी के बाद की स्थिति में भी महिलाओं की जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार कोई खास पहल करती दिखाई नहीं दे रही। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जेंडर बजट का हिस्सा कुल बजट का केवल 4.4 प्रतिशत था, जो…
  • Myanmar
    चेतन राणा
    तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग
    02 Feb 2022
    आसियान, भारत और चीन ने म्यांमार में सैन्य तख्तापलट की न केवल निंदा की है, बल्कि अलग-अलग स्तर पर सैन्य सत्ता को वैधता भी प्रदान की है। इनकी प्रेस विज्ञप्तियों में वहां लोकतंत्र के प्रति सामान्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License