NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
देहरादून आश्रय बलात्कार मामले में नौ दोषी करार
सरकारी वकील संजीव सिसोदिया के अनुसार बलात्कार के बाद महिला का गर्भपात कराया गया और मामले को रफा दफा करने के लिए उसके भ्रूण को नारी निकतेन में ही दफना दिया गया। इस मामले में सोमवार को सज़ा सुनाई जाएगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Aug 2019
shelter home
फाइल फोटो, साभार : livehindustan.com

उत्तराखंड की एक अदालत ने राजधानी देहरादून में स्थित एक आश्रय गृह में रहने वाली मूक बधिर महिला के साथ चार साल पहले बलात्कार करने और बाद में उसका गर्भपात कराने के मामले में नौ लोगों को दोषी करार दिया है। 

लोक अभियोजक संजीव सिसोदिया के अनुसार बलात्कार के बाद महिला का गर्भपात कराया गया और मामले को रफा दफा करने के लिए उसके भ्रूण को नारी निकतेन में ही दफना दिया गया।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धरम सिंह ने नौ लोगों को इस मामले में शुक्रवार को दोषी करार दिया है। दोषी करार दिये गए लोगों में आश्रय गृह का अधीक्षक भी शामिल है। इस मामले का खुलासा नवंबर 2015 में हुआ था। 

सिसोदिया ने बताया कि अदालत मामले में सोमवार को सजा सुनाएगी।

आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों में ऐसे ही कई मामले बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में सामने आएं हैं। बिहार का मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम यानी आश्रय गृह कांड तो सबको याद होगा। जिसके तार राज्य सरकार से जुड़े प्रभावशाली लोगों तक जुड़े और एक मंत्री को इस्तीफा तक देना पड़ा। इस पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है। 

इसे भी पढ़ें: मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामला : सुप्रीम कोर्ट ने जांच पूरी करने के लिये सीबीआई को दिए तीन महीने

इसी तरह उत्तर प्रदेश के देवरिया का मामला सामने आया। इसी तरह मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आश्रय गृह की मूक-बधिर छात्राओं ने दुष्कर्म और छेड़छाड़ की शिकायत की थी। 

इसी तरह ओडिशा के कालाहांडी जिले में एक आश्रयगृह के अधीक्षक द्वारा एचआईवी संक्रमित नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण की खबरों की अधिकारी जांच कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें :ओडिशा : आश्रयगृह में एचआईवी संक्रमित लड़कियों के यौन शोषण की जांच शुरू


इसे भी पढ़ें : 2018 : आश्रय गृह के शोषण गृह बनने का साल

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Dehradun
rape case
crimes against women
unsafe women
rapes in shelter home
shelter home

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर


बाकी खबरें

  • yogi bulldozer
    सत्यम श्रीवास्तव
    यूपी चुनाव: भाजपा को अब 'बाबा के बुलडोज़र' का ही सहारा!
    26 Feb 2022
    “इस मशीन का ज़िक्र जिस तरह से उत्तर प्रदेश के चुनावी अभियानों में हो रहा है उसे देखकर लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इसे स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।”
  • Nagaland
    अजय सिंह
    नगालैंडः “…हमें चाहिए आज़ादी”
    26 Feb 2022
    आफ़्सपा और कोरोना टीकाकरण को नगालैंड के लिए बाध्यकारी बना दिया गया है, जिसके ख़िलाफ़ लोगों में गहरा आक्रोश है।
  • women in politics
    नाइश हसन
    पैसे के दम पर चल रही चुनावी राजनीति में महिलाओं की भागीदारी नामुमकिन
    26 Feb 2022
    चुनावी राजनीति में झोंका जा रहा अकूत पैसा हर तरह की वंचना से पीड़ित समुदायों के प्रतिनिधित्व को कम कर देता है। महिलाओं का प्रतिनिधित्व नामुमकिन बन जाता है।
  • Volodymyr Zelensky
    एम. के. भद्रकुमार
    रंग बदलती रूस-यूक्रेन की हाइब्रिड जंग
    26 Feb 2022
    दिलचस्प पहलू यह है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने ख़ुद भी फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से सीधे पुतिन को संदेश देने का अनुरोध किया है।
  • UNI
    रवि कौशल
    UNI कर्मचारियों का प्रदर्शन: “लंबित वेतन का भुगतान कर आप कई 'कुमारों' को बचा सकते हैं”
    26 Feb 2022
    यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया ने अपने फोटोग्राफर टी कुमार को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कई पत्रकार संगठनों के कर्मचारी भी मौजूद थे। कुमार ने चेन्नई में अपने दफ्तर में ही वर्षों से वेतन न मिलने से तंग आकर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License