NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
"देश भर में पिछले साल 2 लाख लोगों को जबरन बेदख़ल किया गया"
हाउसिंग एंड लैंड राइट्स नेटवर्क के विश्लेषण के अनुसार पूरे भारत में कम से कम 11.3 मिलियन लोगों को बेदख़ली और विस्थापन का ख़तरा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Apr 2019
"देश भर में पिछले साल 2 लाख लोगों को जबरन बेदख़ल किया गया"

हाउसिंग एंड लैंड राइट्स नेटवर्क (एचएलआरएन) द्वारा की गई पड़ताल के अनुसार सरकारी अधिकारियों ने वर्ष 2018 में क़रीब 554 लोगों को प्रतिदिन या 23 लोगों को प्रति घंटे बेदख़ल करते हुए प्रति दिन 114 घरों को नष्ट कर दिया। एचएलआरएन द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार देश भर में वर्ष 2018 में मुख्य रूप से निम्न आय वाले कम से कम 2,02,233 लोगों को जबरन निकाल दिया गया वहीं 41,730 से अधिक घरों को ध्वस्त कर दिया गया।

हालांकि ये आंकड़े चिंताजनक हैं। ये आंकड़े केवल एचएलआरएन के 'नेशनल इविक्शन एंड डिसप्लेमेंट ओब्ज़र्वेट्री’ द्वारा पहचाने गए मामलों को व्यक्त करता है जो ये दर्शाता है कि प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या काफ़ी अधिक है।

मंगलवार को एचएलआरएन ने दो रिपोर्ट जारी की हैं। पहली- फ़ोर्स्ड इविक्शन इन इंडिया इन 2018: एन अनअबेटिंग नेशनल क्राइसिस (2018 में भारत में जबरन बेदख़ली: एक निरंतर राष्ट्रीय संकट); दूसरी- एडजुडेकेटिंग द ह्यूमन राइट टू अडिक्वेट हाउसिंगः अनालिसिस ऑफ़ इम्पॉर्टेंट जजमेंट्स फ़्रौम  इंडियन हाई कोर्ट्स (पर्याप्त आवास के लिए मानवाधिकार से संबंधित निर्णय: भारतीय उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों का विश्लेषण।)

वर्ष 2018 में जबरन बेदख़ली के 218 मामलों का विश्लेषण करने के बाद चार व्यापक श्रेणियाँ सूचीबद्ध की गईं। क़रीब 94,000 से अधिक लोगों या 47% प्रभावित लोगों को झुग्गी बस्तियों से हटाने, अतिक्रमण-विरोधी या शहर के सुंदरीकरण के नाम पर बेदख़ल किया गया, क़रीब 52,200 से अधिक लोग बुनियादी ढांचे और अस्थिर विकास परियोजनाओं के कारण प्रभावित हुए हैं, क़रीब 40,600 से अधिक लोग पर्यावरणीय परियोजनाओं, वन संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण के कारण प्रभावित हुए और क़रीब 15,200 से अधिक लोगों को आपदा प्रबंधन का हवाला देकर ख़ाली करा दिया गया।

प्रेस कोन्फ़्रेंस में बोलते हुए एचएलआरएन की शिवानी चौधरी ने कहा कि सीपीआई (एम) और कांग्रेस को छोड़कर किसी अन्य पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2019 के अपने घोषणापत्र में कमज़ोर लोगों को जबरन बेदख़ल किए जाने के इस महत्वपूर्ण मुद्दे को शामिल नहीं किया है।

चेन्नई स्थित इन्फ़ोर्मेशन एंड रिसोर्स सेंटर फॉर द डिप्राइव्ड अर्बन कम्यूनिटी में पॉलिसी रिसर्चर वेनेसा पीटर ने कहा, "जबरन बेदख़ली से प्रभावित लोगों के पुनर्वास में बुनियादी सुविधाओं की कमी की जब बात की जाती है तो तमिलनाडु का स्थान पहला है। इन पुनर्वास स्थलों में बड़े पैमाने पर पीने के पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ शिक्षा का अभाव है।" पीटर के अनुसार, वर्ष 2018 में ज़्यादतर बेदख़ली शैक्षणिक वर्ष के मध्य अवधि के दौरान हुई। इनमें से अधिकांश लोगों को पूर्व सूचना के बिना हटा दिया गया जिससे वहाँ रहने वाले बच्चों की शिक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। पीटर ने न्यूज़क्लिक को बताया कि "चल रहे इंटिग्रेटेड कोउम रिवर इको-रेस्टोरेशन प्रोसेस के चलते 6,000 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं और इनमें से केवल आधे या कोउम के एक तरफ़ रहने वाले लोगों का ही पुनर्वास किया गया है।"

जबरन बेदख़ली की रिपोर्ट में पाया गया कि दर्ज किए गए अधिकांश मामलों में सरकारी अधिकारियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन किया है और मौजूदा राष्ट्रीय मानकों द्वारा स्थापित उचित प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया है।

रिपोर्ट में पाया गया, "पूरे भारत में कम से कम 11.3 मिलियन लोगों को बेदख़ली और विस्थापन का ख़तरा है।" 

Forced Evictions
Rehabilitation
Displacement
Housing and Land Rights Network
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 
    24 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के मामलों में 20 फ़ीसदी से ज़्यादा की कमी आयी है, लेकिन पिछले एक सप्ताह के भीतर स्ट्रेन BA.4 और BA.5 के दो-दो मामले सामने आ चुके है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?
    24 May 2022
    डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’ से रविवार को सम्मानित किया। यूनियन ने अंतरष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड मिलने पर ख़ुशी जताई तो वही केंद्र सरकार पर शोषण का आरोप…
  • भाषा
    बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा
    24 May 2022
    पंजाब में साहिबजादा अजित सिंह नगर (एसएएस नगर) के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मनप्रीत सिंह की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार और बग्गा को नोटिस जारी किया है। 
  • एम. के. भद्रकुमार
    CSTO को यूक्रेन युद्ध में शामिल नहीं किया जाएगा
    24 May 2022
    मध्य एशिया के किसी भी नेता ने सार्वजनिक रूप से नहीं क़बूला है कि यूक्रेन युद्ध के बारे में सीएसटीओ कोई तत्काल चिंता का विषय है।
  • एस.के. पांडे
    किसकी मीडिया आज़ादी?  किसका मीडिया फ़रमान?
    24 May 2022
    जिस तरह भारत प्रेस की आज़ादी की रैंकिंग में फ़िसलता जा रहा है, वैसे में डराने-धमकाने और अधिकारों के हनन के बढ़ते मामलों के साथ मीडिया की आज़ादी के साथ-साथ यूनियनों के गठन की स्वतंत्रता को बचाने की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License